
Prayagraj: कहते हैं काबिलियत उम्र की मोहताज नहीं होती और यह बात आज के इस मामले में 100 प्रतिशत लागू होती है। किसी इंसान को लेखक या राइटर बनने में कभी-कभी उम्र निकल जाती है। ढेरों लोग आपको आसपास ऐसे मिलेंगे, जो कंटेंट राइटिंग में किताबें लिखने का काम करते हैं।
परंतु लंबे अरसे तक मेहनत करने के बाद उनके लिखे शब्द उतनी फेमस नहीं हो पाते जितना वह समय दे चुके हैं, परंतु आज हम जिस बच्ची की बात कर रहे हैं, वह मात्र 6 वर्ष की है, लेकिन उसका यह सफर चालू हुआ, जब वह 4 साल की थी, तब से ही इंटरनेट के ऊपर कंटेंट राइटिंग का काम हिंदी इंग्लिश लैंग्वेज को ट्रांसलेट कर ट्रेनिंग देने का काम एवं लैंग्वेज आधारित कंटेंट यूट्यूब के अपने चैनल पर परोसती आ रही थी।
इस सफर के दौरान उन्होंने अपनी एक किताब भी लिख डाली। इसी प्रतिभावान पंछी अधिकता केसरी की पूरी जानकारी देने वाले हैं कि कहां रहती है, यह और क्या-क्या अचीवमेंट हासिल कर लिए इस छोटी सी उम्र में। ये कहानी आपको भी मोटिवेट कर देगी।
शहर और गांव रहती है यह प्रतिभावान बच्ची
आपको बताना चाहेंगे अजीता केसरी के पिता श्री रूपेश केसरी एवं माता कंचन केसरी है, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) जिले के अंतर्गत सिरसा ग्राम पंचायत में रहते हैं। अदिता (Advita Kesri) की मां कंचन केसरी भारत के बेस्ट इंग्लिश टीचर्स में से एक मानी जाती है और शायद उन्हीं की संगति से अदिता को इतनी कम उम्र में प्रेरणा मिली।
श्रीमती कंचन का कहना है की अदिता को शुरू से पढ़ाई में अत्यधिक रुचि थी और वह हमेशा सीखने सिखाने की बातें किया करती थी। मुझे उसकी इन्हीं बातों ने इंस्पायर किया और मैंने अदिता का यूट्यूब चैनल तैयार किया ताकि वह अपने विचार खुलकर के सब से शेयर कर सके शुरुआत में मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था कि अदिता इतनी कम उम्र में इतना बड़ा सफर तय कर लेगी।
अदिता ने लिखी किताब और उसी के शॉर्ट वीडियोस से करती है एजुकेटेड
दोस्तों शुरुआत में अदिता अपनी मां के साथ वीडियोस में डबलिंग करती हुई आपको दिखेंगी, जिसमें वह हिंदी के सेंटेंस को इंग्लिश में और रोज के व्यवहारिक भाषा में कैसे इस्तेमाल किया जाता है। उसके कई शॉट्स वीडियो बनाते रहे हैं।
इसी दौरान अदिता ने एक बुक लिखी जिसका नाम रखा “मॉर्निंग टू इवनिंग कन्वर्सेशन विद एडी” वह भी मात्र 6 वर्ष की उम्र में और इस बुक में लिखे पूरे कंटेंट को ही अदिता अपनी मां की मदद से अपने यूट्यूब चैनल पर छोटे-छोटे वीडियोस के माध्यम से लोगों को एजुकेट कर रही है। अदिता अभी सिर्फ यूकेजी क्लास में पढ़ रही है, जबकि आज करोड़ों लोगों को पढ़ा भी रही।
एक करोड़ से ज्यादा यूट्यूब फॉलोवर्स हैरान रह जाएंगे टोटल व्यूज जानकर
अदिता आपकी मां के साथ मिलकर के जो यूट्यूब चैनल (Youtube Channel) चलाती है, उसके आज एक करोड़ से ज्यादा फॉलोअर है। इन फॉलोवर्स की संख्या में 3 वर्ष के छोटे बच्चों से लेकर के 80 साल तक के बुजुर्ग शामिल है।
इसका कंटेंट इतना पावरफुल है कि इसके वीडियोस को एक बार देखने के बाद व्यक्ति तुरंत उसे फॉलो करना शुरू कर देता है। इसीका नतीजा जानकर आप हैरान हो जाएंगे की अदिता के चैनल को 1 महीने में 100 करोड़ से ज्यादा के व्यूज मिलते हैं।
गिनीज बुक में नाम आया और लोकसभा स्पीकर द्वारा सम्मानित की गई
दोस्तों ये तो जाहिर है जिस बच्ची के यूट्यूब चैनल में 100 करोड़ से ज्यादा के व्यूज हो और एक करोड़ फॉलोअर हो वह भी मात्र 6 साल की उम्र में और साथ ही साथ एक यूनिक किताब भी लिख ली हो तो निश्चय ही यह एक जबरदस्त सफलता है।
यही वजह है कि पहले लंदन बुक मैं अदिता केसरी का नाम दर्ज हुआ और उसकी बढ़ती हुई सफलता के चलते आज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अदिता को दुनिया की सबसे छोटी उम्र की लेखिका का खिताब दिया।
इतनी बड़ी सफलता के बाद भारत सरकार की तरफ से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा भी सम्मान किया गया। हम आपसे कहना चाहेंगे कि अपने बच्चों को यूट्यूब पर कार्टून वीडियोस या टाइमपास मटेरियल परोसने से बेहतर है किसी अच्छे एजुकेशन वाले चैनल्स की आदत डालें ताकि उनके अंदर भी पॉजिटिव परिवर्तन आए।



