
Ahmedabad: अहमदाबाद भारत देश का एक अति आधुनिक एवं डेवलप्ड सिटी मानी जाती है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात मॉडल के अंतर्गत अहमदाबाद के रिवरफ्रंट सड़कों एवं ग्रामीण अंचलों को बहुत ही बेहतरीन तरीके से डिवेलप किया है।
यदि आप एक बार अहमदाबाद (Ahmedabad) जाते हैं, तो आपको यूं भी लग सकता है कि शायद आप देश से बाहर किसी यूरोपीयन कंट्रीज में घूम रहे हैं, इसके पीछे सरकार एवं वहां के लोगों की सालों की मेहनत है। जानकारी में आया है कि अहमदाबाद जाने वाले लोगों ने पिछले कुछ सालों में नोटिस किया कि यहां के ज्यादातर घरों की छत सफेद कलर से रंगी (House Roof Painted White Color) होती है।
जिससे उन्हें यू आभास हुआ कि शायद यह वाइट सिटी की तर्ज पर डिवेलप करने की शुरुआत की गई है। जैसे देश में पहले से जयपुर जैसी पिंक सिटी एवं जोधपुर जैसी ब्लू सिटी है। परंतु हमारी रिपोर्टर को इसकी जांच करने पर एक नया आयाम जानने को मिला आइए जानते हैं इसके पीछे की सही वजह।
तेज गर्मी से बचाव के चलते किया जाता है सफेद रंग छतों पर
सफेद रंग छत में होता जा रहा है, इसके पीछे जब यह सर्च की गई, तो जानकारी में आया की अहमदाबाद में गर्मियों का टेंपरेचर (Summer Temperatures) अप्रैल महीने से ही डेंजर लेवल से ऊपर पहुंच जाता है। जिस वजह से घरों के अंदर रहने वाले लोगों का गर्मी से हाल बेहाल हो जाता है। तरह-तरह की बीमारियां भी उत्पन्न होने शुरू हो जाती है।
ऐसे में वैज्ञानिक तथ्य अनुसार यदि घर की छत पर सफेद रंग किया जाए, तो इसे से सूर्य की किरणें रिफ्लेक्ट हो करके वापस लौट जाती है, जिससे धूप से मिलने वाली गर्मी को छत अब अब्जॉर्ब नहीं कर पाता नतीजा घरों के अंदर का तापमान 4 से 6 डिग्री तक कम हो जाता है। जो बहुत बड़ी राहत का काम करता है। इसलिए अहमदाबाद में हर गर्मी छत को सफेद रंग से पोतने का प्रचलन बढ़ता गया।
स्लम एरिया से की गई शुरुआत होती है कई बीमारियों से बचाव
आधुनिक घरों की अपेक्षा गर्मियों से होने वाली समस्या स्लम एरिया का झोपड़पट्टी में ज्यादा देखने को मिलती है। ऐसा पाया गया है कि स्लम एरियाज में गर्मी के चलते कई बीमारियां जैसे डिहाइड्रेशन, दस्त, बुखार आना, जैसी प्रॉब्लम बढ़ती जा रही है। इसी दौरान अहमदाबाद की एक एनजीओ जो महिला हाउसिंग सेवा ट्रस्ट के नाम से संचालित होती है।
उन्होंने स्लम वासियों को जागृत किया कि यदि छत का रंग हम रंगीन करने की अपेक्षा सफेद रंग के सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट से करें, तो घर की गर्मियों की समस्या बहुत हद तक सॉल्व की जा सकती है। इसके बाद 2016 से इसे एक अभियान की तरह चलाया गया जिसमें बहुत सारे लोकल समाजसेवी और नेता सामने आए।
एक रिपोर्ट के अनुसार बिजली बिल में भी होती है बहुत बचत
एक वैज्ञानिक सर्वे के अनुसार ऐसा पाया गया है कि जिन घरों के छत पर सोलर रिफ्लेक्टिव सफेद पेंट किया जाता है। उससे घरों के अंदर गर्मी तो कम होती है, बल्कि इस्तेमाल किए जा रहे सारे डोमेस्टिक इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट का टेंपरेचर भी मेंटेन होता है। जैसे फ्रिज कूलर एसी जिस वजह से महीने में बनने वाले बिजली के बिल में 400 से 500 RS तक की कटौती हो सकती है।
Tin roofs of slums being coated with white paint by #Ahmedabad Municipal Corporation (AMC), to help residents beat the increasing heat in the city. Beneficiaries say, 'the white paint reduces the temperature, making it bearable for us to stay in the house during daytime' #Gujarat pic.twitter.com/aKsgGvofOQ
— ANI (@ANI) May 17, 2018
अधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में यह बचत इससे भी कहीं ज्यादा होने वाली है। इससे ऐसा भी माना जाता है की वातावरण में रिफ्लेक्ट की हुई सूर्य की किरणें ऊपर की ओर उठ कर चली जाती है, जिससे घर के बाहर का वातावरण भी कंपेरटिवली कम गर्म होता है।
राजस्थान में है पिंक सिटी एवं ब्लू सिटी से नाम से फेमस शहर
दोस्तों राजस्थान में 2 शहर अपनी खूबसूरत रंगों की वजह से दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जिनमें एक फेमस जयपुर जिसे पिंक सिटी कहते हैं। बताया जाता है की पिंक सिटी को राजा ने जब डिवेलप किया, तो उसे वास्तु के अनुसार दिशा प्रदान की गई एवं मन को प्रसन्नता देने वाले पिंक अर्थात गुलाबी कलर का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह शहर हमेशा आप को शांत एवं प्रसन्नता का एहसास कराता है।
इसी के तर्ज पर राजस्थान का एक दूसरा शहर जोधपुर ब्लू सिटी के नाम से जाना जाता है। एक ओर यह अपनी राशि ठाट बाट की एक झलक प्रस्तुत करता है। दूसरी ओर इसके घर आपको नीले रंग से रंगे हुए नजर आएंगे। एक बार यह दोनों शहर अवश्य घूम कर आए आपको देश का गौरवशाली इतिहास जानने का अवसर मिलेगा।



