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Delhi: अगर कोई स्टूडेंट बच्चा दसवीं कक्षा में 51 प्रतिशत अंकों के साथ पास हो और फिर अगले साल ग्यारहवीं कक्षा में फेल (Fail) होने के बाद 12वीं कक्षा में 58 प्रतिशत अंकों के साथ पास हो जाए, तो वह कोई अच्छा स्टूडेंट तो नहीं रहा होगा। फिर 2010 में उसका दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में कांस्टेबल बन जाना ही अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
हालांकि फिरोज आलम (Feroz Alam) नाम का वह कांस्टेबल (Constable) अगर दस साल बाद देश की सबसे कठिन यूपीएससी परीक्षा पास करके आईपीएस (IPS) बन जाए, तो यह किसी अजूबा से कम नहीं है। इसे ही कहते है फर्स से अर्श तक का सफर। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव आजमपुर दहपा में जन्मे फिरोज के 5 भाई और तीन बहनें हैं।
उनके पिता मोहम्मद शहादत कबाड़ी का काम किया करते थे और उन्होंने (Feroz Alam) पिलखुवा के मारवाह कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। बचपन से सपना देखा था कि एक दिन पुलिस की वर्दी पहनेंगे, तो उसकी तैयारी में लग गए और जब पुलिस की वर्दी पहन ली तो लगा कि कुछ और अच्छा किया जाये।
फिरोज एक अख़बार को बताते हैं कि 2008 में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद जून 2010 में वह दिल्ली पुलिस (Delhi Police) में कांस्टेबल (Constable) के तौर पर भर्ती हुए। उन्हें खुद नहीं मालूम था कि आने वाले दस सालों में उनकी किस्मत उनके सुनहरे सपनों को सच करने के रास्ते बना रही है। इस दौरान उन्होंने ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन की पढ़ाई की और अफसर बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) पास करने की कोशिश करते रहे।
कई बार की नाकामी के बाद 2019 में अपने छठे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास (Clear UPSC Exam) की उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ जिले के पिलखुवा कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव आजमपुर दहपा में जन्मे फिरोज के पांच भाई और तीन बहनें हैं। देश के सर्वोच्च पद पर बैठने का अपना सपना हासिल किया।
Delhi Police Constable #Feroz Alam clears UPSC exam and will now be promoted to the position of ACP. pic.twitter.com/IaPIc00V0a
— SHARIK KHAN RAJPUT (@sharikrajput1) May 30, 2021
फिरोज बताते हैं कि अफसरों के तौर तरीके और उनका रूआब देखने के बाद, उन्होंने भी अफसर बनने की ठान ली थी और इसके लिए पूरी लगन से तैयारी में जुट गए। पहले कुछ प्रयासों में प्रारंभिक परीक्षा ही पास नहीं कर पाए। उसके बाद के तीन साल मेहनत करने के बाद परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन नेक्स्ट लेवल पर असफलता हाथ लगी।
एक मौका तो ऐसा आया कि फिरोज की हिम्मत टूटने लगी, इसी दौरान राजस्थान के झुंझनू जिले की नवलगढ़ तहसील के देवीपुरा गांव के कांस्टेबल विजय सिंह गुजर यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईपीएस कैडर में पहुंचे यह खबर उनके हाथ लगी तो फिरोज की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी और 2019 में उन्होंने सारी बाधाएं पार कर अपनी मंजिल हासिल कर ली।
Delhi Police Constable #Feroz Alam clears UPSC exam and will now be promoted to the position of ACP. pic.twitter.com/Xz80zp9EUe
— H R Khan Adv (@hrkhanadvocate) May 30, 2021
अब एसीपी फिरोज आलम यूपीएससी की परीक्षा पास करने (Crack UPSC Exam) की तैयारी में जुटे अपने महकमे के अन्य कांस्टेबल की मदद कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस यूपीएससी फैमिली (Police UPSC Family) के नाम से व्हाट्सएप्प पर एक ग्रुप बनाया है और UPSC Exam की तैयारी कर रहे 58 कांस्टेबल इस ग्रुप के सदस्य हैं। फिरोज बताते हैं कि कुछ ने प्रारंभिक शिक्षा पास कर ली है और कुछ इसकी तैयारी कर रहे हैं और उन्हें सलाह से लेकर नोट्स तक जो कुछ चाहिए होता है, फिरोज हर वक्त उनकी मदद के लिए तैयार रहते हैं।
फिरोज कहते हैं कि यह धैर्य और आत्मविश्वास की परीक्षा है और असफलता से घबराए बिना अगर ‘मेरे जैसा साधारण व्यक्ति इसे पास कर सकता है, तो किसी के लिए इसे पास करना मुश्किल नहीं है।’ फिरोज बताते हैं कि 31 मार्च 2021 का दिन दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर उनका आखरी दिन था।
Feroz Alam Constable in2011 and ACP in 2021.Hard Work and determination never fail .
@KhanSir_GS @Khansir__@Tejasvi_Surya pic.twitter.com/ixR9W6wGYe— Mohd Naseer (@MohdNaseerPfi) May 27, 2021
इसके अगले ही दिन जब वह कंधे पर सितारों वाली वर्दी के साथ एसीपी (ACP Feroz Alam) के तौर पर दिल्ली पुलिस बल में दोबारा शामिल हुए तो फर्क सिर्फ इतना था कि पहले उन्हें ‘भाई’ (Bhai) कहने वाले उनके साथी कांस्टेबल अब उन्हें ‘सर’ (Sir) बुला रहे थे। वह दस साल तक जिन्हें ‘सर’ बुलाते रहे, अब उनके सामने खड़े थे ओर वो अब इस कांस्टेबल को सर बुला रहे थे।



