महिला ने 27 की उम्र में व्यापार शुरू किया था, आज 62 की उम्र में 10,000 करोड़ रुपये का बिजनेस हुआ

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Mallika Srinivasan CEO TAFE
Tractor Queen Mallika Srinivasan Success Story In Hindi. Journey Of Padma Shri Award Winner Mallika Srinivasan CEO TAFE.

Photo Credits: Tafe Company

Delhi: कौन कहता है कि महिलाए कमजोर होती है और वे पुरुषो की तरह काम नहीं कर सकती ऐसा कहने वाला सबसे बड़ा मूर्ख है, क्योंकि अब महिलाए और बेटियां वो सब कुछ कर सकती है, जो इस दुनिया में संभव है।

आज के समय में तो हर जगह बेटियां अपना नाम बना रही है। पहले के समय में भारत में इतनी ज्यादा तकनीक नहीं थी, जिसके चलते लोग पिछड़ गए थे। परंतु आज के टेक्नोलॉजी से भरे समय ने सोने पे सुहागा की तरह काम किया है।

अभी की बात करे तो महिलाए स्वतंत्र है और काबिल भी। परंतु उन्नीस के दशक में महिलाए न तो इतनी काबिल थी और न ही स्वतंत्र परंतु उस समय भी बहुत सी महिलाओं को सपोर्ट मिला और वे भी भारत की रानी लक्ष्मी बाई की तरह महिला बनी। आज की कहानी है मल्लिका श्रीनिवासन (Mallika Srinivasan) की जिन्होंने टैफ (TAFE) उपकरण निर्माता कंपनी से जुड़ का अपना ही एक बिज़नेस स्थापित कर लिया। तो आइए जानते है विस्तारपूर्वक।

कौन है ये महिला और किस तरह यह काम शुरू किया

आज के समय के युवा से कहा जाए कि वह कृषि क्षेत्र में जाकर काम करना चाहेगा, तो वे बिना एक मिनट सोचे बिना जवाब देंगी नहीं, परंतु जब यह बात मल्लिका श्रीनिवासन को वर्ष 1986 में कही गई। जब उनकी उम्र करीब 27 वर्ष थी, उन्होंने फ़ौरन हां कह दिया। उन्हें मैसी फार्ग्युसन ट्रैक्टर और कृषि उपकरण निर्माता टैफे (टीएएफई) कंपनी में काम करने का अवसर मिला है। बिना समय गवाए उन्होंने हां कह दिया।

19वीं शताब्दी में कोई भी महिला कृषि के क्षेत्र में कोई ऑटोमोबाइल कंपनी को संभालना आसान काम नही था। परंतु मल्लिका ने इसे बहुत ही सामान्य तरीके से कर लिया। इस काम के लिए उनके पिता ने उन्हें पूरी तरह से आजाद निर्णय लेने के लिए कहा था। इस बात पर मल्लिका ने कहा कारोबार कोई भी तरह का हो सब के लिए एक ही तरह की जरुरत होती है। यह बात कह कर पूरे विश्वास के साथ उन्होंने टैफे में अपनी शुरुआत की।

TAFE क्या होता है

TAFE का पूरा नाम Tractors and Farm Equipment है। जिसका हिंदी अर्थ ट्रैक्टर और फार्म उपकरण होता है। TAFE भारत के चेन्नई शहर में स्थापित की गई एक भारतीय ट्रैक्टर कंपनी है। TAFE कंपनी भारत में ट्रैक्टर बनाने वाली दूसरी बड़ी कंपनी है और संपूर्ण विश्व में यह ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों में तीसरे नंबर पर है।

TAFE आज के समय में भारतीय ट्रैक्टर बनाने में करीब 25 प्रतिशत बाजार में अपनी भागेदारी रखता है। आपको बता दें TAFE कंपनी प्रतिवर्ष 150,000 से भी ज्यादा ट्रैक्टर बेचती है। इस कंपनी ने अपनी शाखा 100 से भी ज्यादा देशो में स्थापित की हुई है। इस कंपनी के वर्तमान संस्थापक Shri S अनंतरमकृष्णन है।

बिज़नेस को बढ़ा के कर दिया दोगुना

वर्ष 2012 में मल्लिका को व्यापार पत्रिका फोर्ब्स ने एशिया की 50 सबसे ताकतवर महिला व्यापारी लिस्ट में नामित किया गया साथ ही 2021 में फॉर्च्यून की टॉप 100 ताकतवर महिला में भी मल्लिका को शामिल किया गया। इसके साथ ही उनका बिज़नेस भी दोगुना हो गया।

मल्लिका जब 27 साल की उम्र में टैफे कंपनी से जुड़ीं, तो उस वक्त कंपनी का साल का टर्नओवर करीब 85 करोड़ रुपये था। धीरे धीरे समय बिता मल्लिका ने अपनी मेहनत और अपने पिता से मिले मार्गदर्शन से कंपनी के व्यापार को बढ़ा दिया और साल का टर्नओवर 85 करोड़ से बढ़ा कर 160 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पंहुचा दिया।

मेहनत कर अपने बल बूते पर बनी ट्रैक्टर क्वीन

मल्लिका ने जब इस कंपनी को ज्वाइन किया था तब टैफे को मात्र सामान्य दक्षिणी कंपनी होने की मान्यता प्राप्त थी। अपने ही राज्य के कुछ क्षेत्रो में पहचान मिली थी। इसके बाद मल्लिका ने खूब मेहनत की और अपने बल बूते पर इस कंपनी को पूरे भारत में एक पहचान दिलाई।

उच्च टेक्नोलॉजी का उपयोग कर आज ट्रैक्टर की रानी (Tractor Queen) बन गई है। मल्लिका भारतीय किसानों के लिए कहती हैं की भारतीय किसान बहुत ही बुद्धिमान और मांग रखने वाले होते हैं। वे अपना पैसा बहुत ही सोच समझ कर खर्चते है। ऐसे में उन्हें विश्वाश दिलाना कठिन होता है।

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