हिमाचल का यह गांव धरती का स्वर्ग माना जाता है, इस शहर को घूमे बिना आपका Himachal Trip अधूरा है

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Chamba Himachal
Chamba is most beautiful tourist place in Himachal. When and How to go Chamba. Top tourist destinations in Chamba Village.

Chamba: भारत देश में प्रकृति ने अनमोल तोहफे दिए हैं, लगभग चारों दिशाओं में आपको नेचर ने धरती को ऐसे संवारा है कि आपको यकीन ही नहीं होगा आप कि आप धरती पर हैं या स्वर्ग में इसी सिलसिले में बहुत से यात्री देश के कोने कोने में भ्रमण करते हैं। जिसमें हिमाचल प्रदेश का अपना स्थान है, यहाँ की सुरंग वादियां स्वच्छ वातावरण एवं बर्फ से ढकी हुई हैं।

सफ़ेद बर्फ की चादर सैलानियों (Tourists) को हर साल लाखों की संख्या में खींच कर लाती है, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि ज्यादातर लोग सिर्फ शिमला मनाली कसौली (Shimla, Manali, Kasauli) जैसे शहरों को घूम कर ही यह समझते हैं कि उन्होंने सबसे बेस्ट प्लेस देख लिए।

जबकि आज हम आपको बताने वाले हैं कि हिमाचल (Himachal Pradesh) का सबसे खूबसूरत शहर किसे चंबा के नाम से जाना जाता है, यह कहने को एक छोटी सी जगह है, परंतु इसकी खूबसूरती के बारे में लिखेंगे तो शब्द ही कम पड़ जायेंगे।

यही वजह है कि हिमाचल के लोकगीतों में एक गीत बहुत प्रसिद्ध है की “शिमला नहीं बसना, कसौली नहीं बसना, चंबा जाना जरूर”। तो चंबा में ऐसा क्या है आइए हम आपको बताते हैं जिसे आप अपनी चेक लिस्ट में शामिल करिए।

देवदार वृक्षों के बीच स्थित खजियार झील

खजियार झील (Khajjiar Lake) इस प्लेस की खूबसूरती का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस सपोर्ट को टूरिस्ट मी सुजरलैंड के नाम से पुकारते हैं। वास्तव में देवदार के वृक्ष पूरे हिमाचल में फैले हुए हैं और इन्हीं देवदार वृक्षों के बीच में घने जंगलों के मध्य यह खजियार झील उपस्थित है। जिस वजह से यह इतनी शांति और सुकून का स्थान बन गया।

यदि आप एक बार इस जगह पर पहुंच जाते हैं, तो आप अपने आप को भी भूल जाए। कहते हैं यहां आने वाले व्यक्ति को इतना सुकून मिलता है कि वह अपने दिल की धड़कन को भी आसानी से सुन सकते है। इस स्थान का नाम यहीं पर स्थित खज्जी नाग मंदिर के आधार पर पड़ा है।

10 वीं शताब्दी का लक्ष्मी नारायण मंदिर

धार्मिक मात्र की वजह से चंबा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर (Laxmi Narayana Temple Chamba) इस मंदिर का निर्माण आज से लगभग 1000 साल पहले 10 वीं शताब्दी के आसपास किया गया था। करीब हजार साल प्राचीन होने की वजह से इसका धार्मिक महत्व बढ़ जाता है।

साथ ही कहते हैं इसमें स्थित मूर्तियों के लिए जिस मार्बल का इस्तेमाल किया गया, वह पत्थर विंध्याचल पर्वत शृंखला से लाए गए थे। इसके द्वार पर विशाल गरुड़ भगवान की प्रतिमा आपका स्वागत करती है। मंदिर में आपको श्री विष्णु एवं शंकर भगवान की प्रतिमा के दर्शन मिलते हैं। दर्शन के लिए टाइमिंग का विशेष ध्यान रखें जो सुबह 6:30 से दोपहर 12:30 एवं शाम को 2:30 से रात के 8:30 बजे तक ही खोला होता है।

ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध सच पास

चंबा समुद्र तल से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर है अर्थात 3500 फीट से भी ऊपर स्थित इस शहर के आसपास ट्रैकिंग करने के बहुत सारे ऑप्शंस मौजूद है। एडवेंचर के शौक़ीन लोग यहाँ बहुत आनंद ले सकते हैं।

यदि आप ट्रेकिंग के शौकीन हैं तो चंबा के पास स्थित “सच-पास” नाम का स्थल आपको बहुत सुहाने वाला है क्योंकि, यहां पर बाइकिंग का बहुत अच्छा ट्रैक आपको मिलेगा, जिससे आप पहाड़ पर बाइकिंग का आनंद ले सकते हैं। साथ ही चंबा मुख्य शहरों से दूर होने की वजह से इस स्थल पर सैलानियों का ट्रैफिक भी बहुत कम होता है जिस कारण आपको एक अलग सुकून की अनुभूति होगी।

चंबा कब और कैसे जाएं आइए जानते हैं (How To Go Chamba)

चंबा एक अनटच्ड नेचुरल ब्यूटी है। इसलिए इसे देखने के लिए साल भर सैलानी यहां आते हैं। चूंकि दिसंबर और जनवरी के महीनों के दौरान यहां हेवी रेनफॉल भी होता है, जिस वजह से यह एरिया पूरी तरह बर्फ से ढका होता है और कई बार यह मुख्य शहरों से कट भी जाता है। तो यदि आप चंबा प्लान कर रहे हैं तो सबसे बेस्ट सीजन होगा फरवरी से जून (February to June) के बीच का समय।

इन महीनों में चंबा की खूबसूरती को आप एकदम करीब से महसूस कर सकते हैं। इस दौरान न तो यहां बहुत ठंड होती हैं और ना ही गर्मी होती है। चंबा दिल्ली से लगभग 580 किलोमीटर दूर है जिसमे 12 घंटे का समय लगता है। साथ ही आप चंडीगढ़ से भी चंबा जा सकते हैं आपको हर कुछ देर में बस और टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है।

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