पटना शहर की पगडंडियों पर किताब-कापी बेचते हुए ऐसा बैनर लिए पति-पत्नी हो रहे वायरल

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Veera Ki Shapath writer Arun Kumar
Veera Ki Shapath writer Arun Kumar needs support from Patna. He said I am a new writer. His wife Deepika Rathi shows banner for support.

Patna: सोशल मीडिया पर एक खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है। जिसमें बताया जा रहा है की पटना शहर के गली चौराहों पर और पगडंडियों पर रोड साइड पगडंडियों पर एक पति पत्नी अपनी किताब को बेचने के लिए हाथों में बैनर लिए खड़े हैं।

पति स्वयं एक लेखक है और बहुत ही कड़ी मेहनत के साथ लगभग 4 साल बाद उसने अपनी किताब को लिखा और उसके प्रकाशन के लिए बहुत ही धक्के खाए। लेकिन आखिर में उन्हें निराशा ही मिली, तब उन्होंने यह उपाय निकाला और शहर शहर जाकर गली चौराहे और नुक्कडो पर अपनी किताब को लोगों तक पहुंचाने के लिए मेहनत की।

लेखक अरुण कुमार का परिचय

अरुण कुमार (Arun Kumar) मुख्य रूप से पटना (Patna) शहर के रामकृष्ण नगर के निवासी हैं। अरुण कुमार के बारे में मिली जानकारी के अनुसार अरुण कुमार को फिल्म इंडस्ट्री से काफी लगाव था और वह अपना कैरियर फिल्म इंडस्ट्री में बनाना चाहते थे।

किंतु कहते हैं कि हर चीज चाहने से नहीं होती है, वैसे ही अरुण कुमार ने काफी मेहनत की किंतु उन्हें सफलता नहीं मिली, उन्होंने लगभग 7 वर्षों तक फिल्म इंडस्ट्री मैं अपना नाम बनाने के लिए संघर्ष किया। इतने लंबे समय तक संघर्ष के बावजूद भी उन्हें सफलता नहीं मिली और उनके हाथ निराशा ही लगी।

वह अपने सपने को छोड़-छाड़ कर वापस दिल्ली आ गए जहां उन्होंने 1 वर्ष तक यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) की बहुत ही कड़ी मेहनत से तैयारी की, किंतु फिर भी वह अपनी पढ़ाई से संतुष्ट नहीं हुए, तब उनकी पत्नी ने अरुण कुमार को राइटिंग स्किल मैं अपना भाग्य आजमाने के लिए प्रेरित किया।

अरुण कुमार की पत्नी दीपिका राठी द्वारा अपने पति को राइटर बनने के लिए प्रेरित करना

अरुण कुमार की पत्नी का नाम दीपिका राठी (Deepika Rathi) है और वह दिल्ली शहर से ही बिलॉन्ग करती हैं। जब अरुण कुमार को उनके पसंदीदा हर क्षेत्र मैं नाकाम देखा तो उन्होंने अरुण कुमार को राइटर (Writer) बनने के लिए प्रेरित किया। और उनका कदम कदम पर साथ दिया।

उनका दिया हुआ आईडिया अरुण कुमार को काफी पसंद आया और उन्होंने किताब लिखने का निर्णय किया इस प्रकार लगभग 4 साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने वीरा की शपथ (Veera Ki Shapath) नामक किताब लिखी और उसके प्रकाशन के लिए कई प्रकाशको के पास गए, किंतु किसी भी प्रकाशक ने उनकी कहानी को प्रकाशित करने के लिए मदद नहीं की।

तब उन्होंने निर्णय लिया कि वह हर शहर के गली चौराहों पर अपनी किताब का पोस्टर लेकर खड़े रहेंगे, ताकि आम लोगों को भी पता चले की अरुण कुमार एक लेखक हैं। जिन्होंने वीरा की शपथ नामक किताब को लिखा है। किंतु वह अभी प्रकाशित नहीं हुई है।

पति के हर संघर्ष में पत्नी ने दिया साथ

अरुण कुमार ने अपने कैरियर को बनाने के लिए कई क्षेत्रों में प्रयास किए परंतु सफलता मानो दूर भाग रही हो। तब उनकी पत्नी दीपिका राठी ने उन्हें राइटिंग करने के लिए प्रेरित किया और उनसे कहा कि वह किताब लिखें तब अरुण कुमार ने दीपिका राठी की बात को मानते हुए 2018 से वीरा की शपथ नामक किताब को लिखना शुरू किया।

लगभग 4 वर्षों के बाद 2022 तक उन्होंने उस किताब को लिखा लेकिन कहते हैं ना कि परेशानियां कभी साथ नहीं छोड़ती तब उन्हें वह किताब प्रकाशित करने के लिए काफी पापड़ बेले। उनकी पत्नी दीपिका राठी ने अरुण कुमार के मनोबल को बनाए रखने के लिए कदम-कदम पर साथ रही और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

दोनों पति पत्नी शहर के हर सड़क चौराहों और नुक्कड़ों पर एक साथ किताब का पोस्टर एवं बैनर लेकर खड़े हुए नजर आए। उनके बैनर में लिखा होता है कि नया लेखक हूं, पटना से सपोर्ट चाहिए। आते जाते कई लोगों ने उन्हे साथ में देखा और दोनों की अंडरस्टैंडिंग को काफी सराहा।

हर पत्नी अपने पति की अर्धांगिनी होती है

हम सभी जानते हैं कि पति पत्नी के बीच एक अटूट बंधन होता है और पति की हर परेशानियों में एक पत्नी उसे हर कदम पर साथ देती है। शादी के सात वचनों में भी यही वचन होते हैं। कि हर पति पत्नी एक दूसरे पर पूर्ण विश्वास रखें उनकी परेशानियों में आपस में सहयोग करें और एक दूसरे की बुराई ना करें आदि।

इस चर्चित खबर में भी हम यही देख रहे हैं की दीपिका राठी अपने पति अरुण कुमार कि हर परेशानियों में डटकर उसके साथ खड़ी है, यह एहसास ही कितना खूबसूरत होता है, यह अरुण कुमार और दीपिका राठी को देखकर ही समझ में आता है।

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