
Sirsa: जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है। बिना संघर्ष के कोई भी व्यक्ति सफलता नहीं पा सकता फिर चाहे वो व्यक्ति नोकरी के लिए संघर्ष कर रहा हो या फिर व्यापार के लिये। भारत में हर वर्ष सरकारी नोकरी के लिए राज्य स्तर और केंद्र स्तर पर भर्ती होती है। जिसमे एक परीक्षा आयोजित कराई जाती है।
कुछ परीक्षा एक दिवसीय होती है, तो कुछ एक से ज्यादा दिन की भी होती है। आपको बता दे संघ लोक सेवा आयोग भी सरकारी नोकारी देने के लिए परीक्षा आयोजित कराता है, जो की पूरे देश में सबसे कठिन परीक्षा होती है। इस परीक्षा में कामयाबी अपने आप में ही एक सबसे खास उपलब्धि होती है। परंतु यह परीक्षा भी किसी चुनोती से कम नहीं होती।
हर वर्ष लाखो युवा इस परीक्षा में बैठते है, परंतु सफलता कुछ चंद लोगों को ही मिलती है।इसी बीच हम एक ऐसे जुनूनी व्यक्ति से मिले जिन्होंने अपने जीवन में बेहद संघर्ष किया तब जाकर सफलता मिली। उन्होंने अभी तक 34 परीक्षाएं दे चुके है। जिसमे केवल असफलता ही हाथ लगी।
जब उन्होंने 35वीं बार परीक्षा दी, तो उनकी किस्मत पलट गई और वे आईपीएस बन गए। लोग एक बार असफल होने के बाद दोवारा परीक्षा देने की हिम्मत नही जुटा पाते। तो आइए जानते है एक आईपीएस ऑफिसर की कहानी के बारे में।
मिली असफलताओ से भी नहीं मानी हार
देश में आयोजित होने वाली UPSC की परीक्षा में हर वर्ष लाखो युवा अपना सपना पूरा करने के लिये इस परीक्षा में शामिल होते है और कुछ चुनींदा लोग ही होते है, जो इस परीक्षा ने सफल हो पाते है, कुछ लोग असफल होने से डर जाते है और इस जंग को अधूरा ही छोड़ देते है, परंतु कुछ लोग असफलता से डर कर पीछे नहीं हटते बल्कि अपनी असफलताओं से और ज्यादा सीख कर खुद को एक दिन सफल बना ही लेते है।
इन्ही में से एक है हरियाणा राज्य के सिरसा (Sirsa) जिले के निवासी आईपीएस विजय वर्धन (IPS Vijay Wardhan)। जिन्होंने लगातार मिली असफलताओ से भी हार नहीं मानी और आज आईएएस बन कर लोगो के बीच एक मिसाल पेश की है। अक्सर लोग असफल होने से घबरा जाते है और मेहनत करना छोड़ देते है। परंतु इस व्यक्ति ने हार नहीं मानी और निरंतर लगे रहे और आज सफल हुए। उनका देखा हुआ सपना पूरा किया।
35 बार दी है छोटी बड़ी परीक्षाएं
हरियाणा के विजय वर्धन ने आईपीएस बनने से पहले करीब 35 बार सरकारी नौकरी के लिए कोशिश की, परंतु हर बार असफलता ही हाथ लगी। परंतु इतने के बाद भी वे मेहनत करने से पीछे नहीं हटे। सकारात्मक सोच के साथ में आगे बढ़ते रहे और अपने प्रयास में लगे रहे।

उनकी सोच थी की एक न एक दिन उन्हें सफलता मिलेगी ही। जब उन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता पाने का निर्णय लिया तो वे सफल हुए उन्होंने वर्ष 2018 में UPSC की परीक्षा में 104 रेंक हासिल हुई और इसी के साथ वे आईएएस बन कर अपना सपना पूरा किया।
विजय एक इंजीनियर भी है
विजय ने अपनी उच्च शिक्षा में इंजीनियर की पढ़ाई की हुई है। इसके बाद वे यूपीएससी के फील्ड में उतरे है। यूपीएससी की परीक्षा से पहले विजय काफी सारी छोटी-बड़ी परीक्षाए दे चुके है। वे करीब 35 परीक्षा दे चुके है जिसमे वे हर बार फेल हुए। उनसे कोई परीक्षा नही बची जिसे उन्होंने दी न हो।
हमें आप पर गर्व है..
आईपीएस (IPS 2018) अनुज विजय वर्धन मोट (सारस्वत) @wardhan_IPS पुत्र श्री ओमप्रकाश मोट, माधोसिंघाना (सिरसा) का
UPSC 2021 में आईएएस (IAS) में चयन होने पर बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं..।। pic.twitter.com/atEju9AWGE— Dr. Ram Saraswat 🇮🇳 (@DrRamOfficial) November 24, 2021
स्टेट पीसीएस से लेकर स्टेट की हर छोटी बड़ी परीक्षा परंतु भगवन उनको कुछ अलग ही खेल खिला रहे थे। उन्होंने सीजीएल, एसएससी, सीएचएसएल बैंकिंग, रेलवे एनटीपीसी आदि जैसे एग्जाम कई दफा दिए हर बार प्री निकल जाता परंतु मैन्स हमेसा रह जाता था।
पांचवे प्रयास में मिली सफलता
विजय UPSC की परीक्षा करीब 5 बार दे चुके थे। वे बताते है कि जब उन्होंने तीसरी दफा यूपीएससी की परीक्षा दी तो वे प्री मैन्स निकाल कर इंटरव्यू तक पहुचे परंतु वे इंटरव्यू में असफल हुए फाइनल लिस्ट में उनका नाम नहीं आया। फिर भी वे हरे नहीं उन्होंने एक बार फिर तैयारी शुरू की और वर्ष 2018 में वे अपनी मंजिल तक पहुच ही गए। वे आईपीएस (IPS) के लिए चुने गए। विजय का कहना है कि सुनो सब की पर करो मन की।



