
Delhi: व्यक्ति कि किस्मत अच्छी हो तो कभी भी पलट कर उसे रंक से राजा बना सकती है। वही अगर किस्मत खराब हो एक झटके में व्यक्ति अर्श से फर्श पर आ गिरता है। किस्मत में अगर किसी चीज के मिलने का योग हो तो चाहे कितनी भी दिक्क्त आये वह मिल ही जाती है। अचानक बहुत सारा पैसा मिल जाना यह बात एक सपने की तरह लगती है।
अगर ऐसा आपके साथ हो जाये, तो आप इस पर अपनी किस प्रकार प्रतिक्रिया देंगे। शायद इसे आप शब्दों में बयान नहीं कर पाएंगे। परन्तु ऐसा कुछ एक युवक के साथ में हुआ है। हिनोजोसा मे रहने वाले युवक कि किस्मत एक झटके में ही बदल गई। उनकी यह किस्मत उनके स्वर्गवासी हो चुके पिता की वजह से बदली है।
मृत्यू को प्राप्त हो चुके पिता की वजह से एक युवक को अमीर होने का मौका मिला है। अचानक ही इस युवक को 9.33 करोड़ रूपये का फायदा मिल गया है। यह खबर सुनने में एक सपने से कम नही है। परन्तु यह सच है।
पिता के मर जाने के 60 साल के बाद हिनोजासा (Hinojasa) के युवक को अपने पिताजी की पुरानी पासबुक (Father’s Old Passbook) मिली। जिसके मिलने के बाद युवक की पूरी जिंदगी ही बदल गई। वह एक करोड़पति बन गया। आखिर क्या था, इस पासबुक में आये आइये जानते है।
हिरोजोसा में रहने वाले युवक कि किस्मत बदलने की शुरूआत होती है 1970 से। जब हिरोजोसा में युवक के पिताजी ने एक घर खरीदा था। उस समय इस के लिए युवक के पिताजी ने 12684 रूपये खर्च किेए थे। कुछ सालों के बाद युवक के पिताजी की मृत्यू हो गई और उनसे जुडे सभी समानो को युवक ने एक बॉक्स में बंद करके रख दिया।
कई सालों तक यह बॉक्स इसी तरह पड़ा रहा है। परन्तु अचानक ही एक दिन युवक ने यह बॉक्स अपने पिताजी को याद करते हुए खोला। जब युवक ने यह बॉक्स खोला तो अपने पिताजी से ज़ुडी हर चीज को वह बहुत ही अच्छे से देख रहा थे। इन्ही समानों के बीच में उनके हाथ अपने पिताजी की पासबुक लगी। जिसे देखने के बाद युवक के होश उड़ गये। इस पासबुक ने ही युवक की किस्मत बदल कर रख दी।
इस पासबुक में पिताजी के कुछ पैसे थे। इसी पैसे के लिए युवक कई वर्षो से परेशान था। दरअसल इस युवक को अपने पिताजी के बैंक के पैसे नहीं मिल रहे थे। क्योंकि उसके पास कोई एविडेंस नही था। इस पासबुक को युवक ने पिताजी की मृत्यू के समय नहीं देखा था। परन्तु जब युवक ने इस बॉक्स को खोला तो इस पासबुक के साथ युवक को एक लिखित गारंटी भी मिली।
जिसमे बैंक के सभी नियम व ब्याज दर लिखी थी। इसे देखने के बाद युवक ने बैंक पर केस दायर करते हुए अपने पिता की रकम तथा उसका ब्याज मॉंगा। हालांकि यह मामला बहुत ही पेचीदा था। एक बार में इसका रिजल्ट देना कोर्ट के लिए बहुत ही मुश्किल था। क्योंकिे 60 साल (After 60 Years) के बाद बैंक पर इस तरह पैसे का दावा करना बहुत ही पेचीदा था।

युवक को बैंक की पासबुक में मिले पैसे और बैंक की ब्याज दर के अनुसार वर्तमान में जितनी राशि का दावा कर रहे है। वह हिनोजोसा के हिसाब से 140000 पैसे है। वहीं बात करें भारतीय करेंसी रूपये की तो इसकी कीमत 9 करोड़ 33 लाख रूपये है। इस पैसे के लिए व्यक्ति ने बहुत प्रयास किया। अपने पिता का पैसा प्राप्त करने के लिए युवक ने मेहनत की और अंत में पासबुक के मिल जाने से सबसे बड़ा एविडेंस कोर्ट में उनका पासबुक बना।
इस मामले को सुलझाने में कोर्ट को कई दिन लगे। अंत में सुप्रीम कोर्ट ने युवक के पक्ष को सही ठहराया और युवक के पक्ष मे डिसिजन दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहॉं कि याचिकाकर्ता का पैसे को लेकर किया गया दावा सही है। इस बैंक पासबुक के मद्देनजर ही राज्य सरकार को उस युवक को पूरी राशि देनी होगी।



