
Jabalpur: आज की जनरेशन व्यापार के लिये नित नये नये आईडिया खोज रहे हैं, ऐसे में एक पुराना एवं बहुत ही फायदे का व्यापार भी है, जिसकी तरफ किसी की नज़र ही नही जाती, जबकि उससे करोड़ो रूपये कमाए जा सकते हैं, वो भी कम लागत के साथ, हम बात कर रहे हैं सुपारी की खेती (Supari Ki Kheti) की।
वही सुपारी जिसका उपयोग पूजा एवं धार्मिक कार्यक्रमो में तो होता ही है, साथ साथ पान मसाला, गुटका आदि में भी इसकी बहुत डिमांड है। आज पूरी दुनिया की टोटल सुपारी उत्पादन की बार करें, तो 54 प्रतिशत सुपारी सिर्फ भारत मे होती है, तो आज हम आपको बताने वाले हैं कि कैसे करें सुपारी का उत्पादन। पोस्ट आखरी तक जरूर पढ़ें।
कैसी करें सुपारी की खेती एवं कैसी जमीन होना चाहिये सुपारी की खेती के लिये
दोस्तों सुपारी की खेती लगभग सभी तरह की मिट्टी में की जा सकती है, फिर भी अगर दोमट मिट्टी या चिकनी मिट्टी में इसकी खेती की जाये, तो पेड़ की ग्रोथ बहुत ही अच्छे से होगी। इसे लगाने के लिये जमीन को पहले ऐसे तैयार करते हैं, जिसमे पानी एक जगह भरने की अपेक्षा बहता हुआ रहे।
सुपारी के बीज को भी धान की खेती की तरह पहले नर्सरी में लगाते हैं फिर जब ये बड़ा हो जाता है तो बहते हुए पानी वाली जमीन में थोड़ा थोड़ा दूरी पे रोपित कर देते हैं। अन्य फसलों की तरह इसे भी खाद पानी टॉनिक इत्यादि समय समय पे देते रहना पड़ता है। सुपारी का पेड़ करीब 50 से 60 फ़ीट तक लंबा होता है बिल्कुल जैसे नारियल का पेड़ होता है।
कितने तरह की होती हैं सुपारी
वैसे तो दुनिया भर में सुपारी की 2600 से ज्यादा किस्मे पाई जाती हैं, परंतु भारत में मुख्य तौर पे 2 ही किस्मे सबसे ज्यादा चलन में हैं, एक सफेद सुपारी दूसरी लाल सुपारी। दोनी की खेती एक सी ही होती है, परंतु तोड़ने के बाद इनको अलग अलग ढंग से प्रोसेस कर के सफेद और लाल की जाती हैं।
Areca nut tree and an azure winter sky last year. pic.twitter.com/c6t2731wTK
— Zia Haq (@ziahaq) October 17, 2021
सफेद सुपारी बनाने के लिये सुपारी के मेवे को पेड़ में ही पूरी तरह से पक जाने दिया जाता है फिर इसे तोड़ के करीब 2 महीने तक धूप में सुखा के तैयार करते हैं, जबकि लाल सुपारी के लिये जब मेवा पकने से पहले हरा होता है, तभी इसे तोड़ के उबला जाता है फिर छील के बाहरी भूसी निकलने पे लाल सुपारी बनती है।
एक बार पेड़ बड़ा हो गया तो सालों तक मिलती है सुपारी
सुपारी का पेड़ (Areca Nut Tree) वयस्क होने में करीब 6 से 8 साल का समय लगता है और इस पेड़ की लंबाई आमतौर पे 40 फीट से ले के कई जगह 100 फ़ीट तक पाए जाते हैं, एक एकड़ में ही बहुत सारे मात्रा में पेड़ लगाए जा सकते हैं और एक बार पेड़ वयस्क हो गया तो करीब 70 सालों तक लगातार सुपारी का उत्पादन होता रहता है।
सुपारी का बाजार एवं इसमें होने वाली आय करोड़ो में हो सकती है
आपको बताना चाहेंगे कि सुपारी न केवल पूजा एवं पान मसालों में उपयोग होती है, बल्कि आयुर्वेद के अनुसार शरीर की कई तरह के रोगों में भी उपचार हेतु इस्तेमाल की जाती है, इसलिए इसकी कीमत भी ज्यादा है।
आज मार्किट में 1 किलो सुपारी की कीमत 400 रुपये से 600 रुपये के करीब चल रही, वही एक पेड़ साल भर में लगभग 50 हज़ार रुपये तक कि सुपारी का उत्पादन कर देता है, अब तो अंदाज़ लगा ही सकते हैं, एक एकड़ में कितने का उत्पादन होगा।
सुपारी के पेड़ में एक ही बार लागत पर प्रॉफिट बार बार होता है, इसलिये सरकार भी सुपारी की खेती (Areca Nut Farming) को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान ने किसानों को खास ट्रेनिंग और सपोर्ट की व्यवस्था की है।




