पुलिस में अधिकारी बेटियां को पिता करेंगे सैलूट, दो बार UPSC में 134वी रैंक पाकर बेटी बनी IPS

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Visakha Dabral IPS
Success Story Of IPS Topper Visakha Dabral Indian Police Service. With 43rd rank, third-time civil services aspirant emerges. Visakha Dabral UPSC Crack journey.

File Photo

Dehradun: हर अच्छे स्टूडेंट का सपना होता है की वह UPSC परीक्षा पास करके एक बड़ा अफसर बने। बीते समय में जारी सिविल सेवा परीक्षा 2019 के परीक्षा परिणामों में उत्तराखंड के युवा ने भी बाजी मारी हैं। परीक्षा परिणामों में बेटों के साथ ही राज्य की बेटियां भी पीछे नही रही, बेटियों ने भी शानदार रैंक हासिल कर समूचे उत्तराखण्ड (Uttrakhand) को गौरवान्वित किया है। आज हम आपको राज्य की एक और ऐसी ही बेटी से रूबरू कराने जा रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं राज्य के देहरादून निवासी विशाखा डबराल (from Dehradun) की, जो वर्तमान में गुजरात कैडर की एक आईपीएस अफसर भी है। Uttarakhand UPSC RESULT में विशाखा ने पूरे देश में 134वीं रैंक हासिल की है। सबसे खास बात तो यह है कि दो वर्ष पहले भी विशाखा ने सिविल सेवा परीक्षा-2017 के परीक्षा परिणामों में देशभर में 134 वीं रैंक पाई थी।

बहरहाल विशाखा (Visakha Dabral) इस बार भी अपनी रैंक को बढ़ा नही पाई हो, परन्तु उसके जज्बे ने साबित कर दिया कि जिंदगी में एक बार असफल होने से हार नहीं माननी चाहिए बल्कि बार-बार प्रयास कर उस असफलता को सफलता में बदलने के लिए जी-जान से दृढ़ इच्छा के साथ कड़ी मेहनत करनी चाहिए। विशाखा उन युवाओं के लिए तो प्रेरणास्रोत है ही जो आईएएस-आईपीएस के परीक्षा परिणामों में सफल ना होने पर निराश होकर हार मान लेते हैं।

विशाखा की यह सीख उन छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायक (Inspirational) है, जो हाईस्कूल या इंटरमीडिएट की परीक्षा में असफल होने पर गलत कदम उठा लेते हैं। एक पुलिस अधिकारी पिता अब अपने ‘अफसर बिटिया’ को सैल्यूट करेंगे। यह मौका मिला है संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा से, जिसमें देहरादून निवासी बीपी डबराल की बेटी विशाखा डबराल ने देशभर में 134वीं रैंक हासिल की है।

वह आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बनने जा रही हैं। उनके पिता बीपी डबराल पुलिस महकमे में सीओ ट्रैफिक (हरिद्वार) हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। आईपीएस विशाखा ने यूपीएससी के परीक्षा परिणामों में दोबारा हासिल की 134वीं रैंक, पहली असफलता से निराश होने वाले युवाओं और छात्र-छात्राओं को को दी बड़ी सीख।

कौन है पुलिस अधिकारी की बेटी

देहरादून के तुनवाला निवासी डबराल परिवार के लिए शुक्रवार की शाम खुशियां लेकर आई। इसके साथ ही अवसर लाई उनके पिता के लिए बेटी को सैल्यूट करने का अवसर। परिवार की बेटी विशाखा डबराल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 134वीं रैंक हासिल की है। विशाखा इस रैंक पर आईपीएस अफसर बनेंगी। उनके पिता बिरेंद्र प्रसाद डबराल पहले ही पुलिस महकमे में बतौर सीओ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विशाखा का कहना है कि भले ही पुलिस महकमे में उनके पापा उन्हें सैल्यूट करें, लेकिन बेटी को आगे बढ़ाने के मामले में मैं उन्हें हमेशा सैल्यूट करूंगी। विशाखा की 12वीं तक की पढ़ाई गुरुनानक एकेडमी से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से बीए की डिग्री हासिल की। बीए में उन्होंने इतिहास और अर्थशास्त्र को अपना पसंदीदा विषय के रूप में चुना।

वर्ष 2015 में ग्रेजुएशन के बाद विशाखा ने सिविल की तैयारी स्टार्ट कर दी। सेल्फ स्टडी के दम पर वर्ष 2016 में सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। विशाखा ने हिम्मत नहीं हारी। अपने हौसलों को और मजबूत बना लिया। 2017 में नए सिरे से तैयारी कर सिविल सेवा परीक्षा दी। इसका नतीजा 134वीं रैंक के तौर पर सामने आया। विशाखा ने बताया कि लगन और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।

गलतियों से सीख आगे बढ़े उम्मीद नही छोड़ना

विशाखा का कहना है कि जिन युवाओं का नाम सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) की लिस्ट में नहीं है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। अपनी गलतियों को पहचानें और दोबारा तैयारी में जुट जाएं। निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के लिए रोजाना समाचार पत्र पढ़ने और विषय को समझने की बात कही।विशाखा ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा पास करने के लिए जरूरी है कि आप रणनीति के साथ तैयारी करें।

मां ने अफसर बनने के लिए प्रोत्साहित किया

माता रश्मि डबराल और पिता ने हमेशा अफसर बनने के लिए प्रेरित किया। 2017 में नए सिरे से तैयारी कर सिविल सेवा परीक्षा दी। इसका नतीजा 134वीं रैंक के तौर पर सामने आया। वह आईपीएस (Female IPS Officer) बन गई, लेकिन रैंक सुधार के लिए सिविल सेवा परीक्षा-2019 दी। हालांकि इसमें भी उन्होंने 134वीं रैंक हासिल की है।

विशाखा का कहना है कि जो युवा इस परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं या फिर एक दो बार असफल हो चुके हैं, वह हिम्मत न हारें। अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढे। इसके बजाय अपनी गलतियों को पहचानें और दोबारा तैयारी में जुट जाएं। निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के लिए रोजाना समाचार पत्र पढ़ने और विषय को समझने की सलाह भी दी। विशाखा ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) पास करने के लिए जरूरी है कि आप अपनी स्ट्रेटजी बनाये, उसके तहत आप पढ़ाई करे। हर दिन पढ़ाई के लिए समय निकालें।

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