
Indore: कहते है बोली से व्यक्ति के व्यक्तित्व और प्रतिभा की पहचान हो जाती है। बोली से ही भविष्य दिखने लगता है। लेकिन आज हम जिस बेटी की बात कर रहे है, उसने बिन बोले ही सबका दिल जीत लिया है। उसके हौसलों ने न सिर्फ भारत का नाम रौशन किया है, बल्कि हर उस युवा पीढ़ी के लिए मिसाल कायम की है, जो एक विशेष वर्ग में होने के कारण खुद को कमजोर हारा हुआ समझने लगते है। हम गौरवान्वित है कि यह बेटी मध्यप्रदेश की है। जिसे आज पूरा देश सलाम कर रहा है।
कौन है मूक बधिर बेटी
इंदौर (Indore) के मूक बधिर परिवार में जन्मी वर्षा डोंगरे (Varsha Dongre) ने मिस इंडिया प्रतियोगिता में भाग लेकर ‘मिस इंडिया अवार्ड’ (Miss India Award) का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्षा डोंगरे ने उत्तरप्रदेश के आगरा (Agra) में आयोजित सामान्य प्रतिभागियों की ‘स्टार लाइन मिस इंडिया कांटेस्ट’ में हिस्सा लिया था। इसमें एक हजार प्रतियोगी शामिल हुए थे।
वर्षा अकेली ऐसी मूक बधिर थी, जो सामान्य प्रतियोगियों में शामिल हुई थी। इनमें 40 लोगों का चयन हुआ था, जिसमें वर्षा डोंगरे ने मिस इंडिया पुरुस्कार (Varsha Dongre Won Miss India Award) जीता। इस उपलब्धि के बाद वर्षा डोंगरे इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंची और उनसे गुजारिश की इंदौर के विकास में सहयोगी बनकर अपना योगदान देने को रेडी हूं।
इंदौर एक मूक-बधिर परिवार में जन्मी वर्षा डोंगरे मिस इंडिया बन कर इंदौर शहर का नाम रोशन किया है। वर्षा डोंगरे अपनी इन्हीं उपलब्धियों के साथ इंदौर के कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि मेरे माता-पिता भी मूकबधिर है जिसमें पिता का देहांत हो गया है और मैं शहर वासियों और परिवार के सहयोग से एक मात्र मिस इंडिया प्रतियोगिता में प्रतिभागी थी जो कि मूक बधिर थी और इस प्रतियोगिता में सफलता हासिल की।
सफलता का श्रेय
वर्षी डोंगरे ने बताया कि अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शहरवासियों को देना चाहती हूं। साथ ही इस शहर के विकास में मेरा व्यक्तित्व अगर कोई काम आ सके तो मैं सहयोग देने को भी तत्पर हूं। वर्षा डोंगरे ने मीडिया से बातचीत संकेतिक भाषा के जानकार के जरिये से की।
One more award to Indore Varsha Dongre of Indore became Miss India. Thanks every one for the support. @IndoreCollector @jdjsindore @AnandService @monicapurohit14 @gyanendrapurohi @hariips pic.twitter.com/RDBKuagXGg
— Anand Service Society (@AnandService) August 12, 2021
वही जब इस संबंध में कलेक्टर मनीष सिंह से मीडिया ने बात करते हुऐ बताया की उनको यह जानकर बहुत खुशी हुई कि इंदौर की होनहार बेटी इस मुकाम पर पहुंची उसका हमें गर्व है और उसकी पढ़ाई और परवरिश के लिए जो भी सहायता जिला प्रशासन नगर निगम कर सकता है वह करने से पीछे नही हटेगा। साथ ही निगमायुक्त प्रतिभा पाल से कहकर सफाई अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी बनाने का प्रयास किया जायेगा।
मिस यूनिवर्स बनने के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता
वर्षा बीकॉम सेकंड ईयर की भी तैयारी कर रही है। उसे माता-पिता, छोटी बहन व चाचा भी मूक-बधिर हैं। परिवार पहले खंडवा में रहता था। अब इंदौर में ही है। कुछ साल पहले ही पिता का साया छीन गया था। पिताजी का सपना था, वह जिंदगी में अच्छा काम करें। इसके चलते वह इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके साथ ही पढ़ाई में भी अव्वल आकर खुद का व शहर का नाम रोशन करना चाहती है।
अभी उसे ‘मिस इंडिया अवार्ड’ की तैयारियों करने में काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था। इसके लिए उसे इंदौर व खण्डवा जिला प्रशासन ने रेडक्रॉस के माध्यम से उनकी कुछ हेल्प की थी। इसके साथ ही कुछ दानी लोगों ने सहयोग किया। इस तरह 60 हजार रु से ज्यादा खर्च हुए थे। परिवार ने उसके ‘मिस यूनिवर्स’ की तैयारियों के लिए लोगों से अपील की है कि वे उसे आर्थिक हेल्प करें। जिससे वो आगे बढ़ सके।



