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Chennai: हालिया समय में रोटी कपड़ा और मकान के अलावा भी एक चीज़ सबसे ज्यादा जरुरी है। वह जरुरी चीज़ है बिजली। सोचो की बिना बिजली के आपका जीवन कैसा होगा। अब तो बिजली से चलने वाली बाइक और कारें ही आना शुरू हो गई है। परन्तु कहीं कहीं आये दिन बिजली की समस्या भी होने लगी है। कोयले की कमी से थर्मल प्लांट्स में बिजली का उत्पादन नहीं हो पाता है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के मुताबिक भारत में लगभग 80 प्रतिशत प्लांट में कोयले की कमी देखी गई है।
भारत में बिजली (Electricity) का सबसे अधिक उत्पादन कोयले से ही होता है। यह थोड़ा महंगा भी पड़ता है। देश में पर्याप्त मात्रा में बिजली ना बन पाने के चलते लाइट गुल की समस्या से जूझना पड़ता है। अब यदि आप बिजली का इस्तेमाल कर भी रहे हैं, तो बिजली बिल ज्यादा आने की दिक्कत हो जाती है। वैसे बिजली हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा का भी इस्तेमाल किया जाता है। सौर ऊर्जा से बिजली बनाने में खर्चा काम आता है।
आपको बता दें की सोलर एनर्जी (Solar Energy) से बनने वाली बिजली कई जगह घरो में भी इस्तेमाल हो रही है और इंड्रस्टियल प्लांट्स में भी बिजली की प्राप्ति सोलर पैनल से की जाती है। परन्तु एक ऐसा किस्सा आया है, जहाँ एक स्टॉल में खूब बिजली इस्तेमाल हो रही है और वो भी बिना बिजली कनेक्शन लिए।
पिछले 6 महीनों से सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर रहे
भारत के दक्षिण में तमिलनाडु में चेन्नई (Chennai) के महिंद्रा वर्ल्ड सिटी में चाय का स्टॉल (Tea Shop) चलाने वाले एस दामोदरन (Damodaran) बीते 6 महीनों से सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करके बिजली की आपूर्ति कर रहे है। इसके कारण उन्हें पिछले 6 महीनों से बिजली बिल की ना तो झंझट हुई और न ही किसी अन्न समस्या का सामना करना पड़ा।
टी स्टाल वाले दामोदरन (Tea Stall Owner Damodaran) की कहानी दक्षिण भारत के अख़बारों में प्रकाशित हुई है। उसमे बताया गया है की उन्होंने 150 वाट के दो सोलर पैनल से दुकान में 10 वाट की 9 लाइटें और एक एफएम रेडियो चला रखा है। यह दिन भर चलते ही रहते हैं, वो भी बिना किसी परेशानी से। इससे वे काफी संतुष्ट है।
टी स्टाल मालिक दामोदरन ने पत्रकार को बताया की वे बीते 3 सालों से चाय का स्टॉल (Damodaran Tea Shop) चला रहे हैं। इस स्टॉल पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में उनके पास डीजल वाला जनरेटर ही इस्तेमाल करने का एक ऑब्शन था। परन्तु वे डीजल वाला जनरेटर उनयोग करते, तो यह बहुत महंगा पड़ जाता। परन्तु उन्हें बिजली तो चाहिए ही थी।
रात में भी स्टाल पर लोगो का जमावड़ा
उन्हें समस्या यह थी की दिन में तो फिर भी सब सही रहता था, परन्तु रात के वक़्त बहुत ही अँधेरा हो जाता था। ऐसे में उन्हें शाम और रात के वक़्त बिजली चाहिए ही थी। दामोदरन के मुताबिक चेन्नई की महिंद्रा टेक सिटी में सभी अच्छी कंपनियां हैं। ऐसे में शाम और रात के समय यहां अच्छी खासी भीड़ होती है। दिन के अलावा शाम और रात में भी स्टाल पर लोगो का जमावड़ा बना रहता है। ऐसे में लाइट तो चाहिए थी।
अब जरुरत पढ़ने पर उन्होंने जानकारी जुताई, तो उन्हें सोलर पैनल के बारे में पता चला और उन्होंने बिना समय गवाए अपने स्टॉल के लिए सोलर पैनल लगाने का मन बना लिया। उन्होंने ऑनलाइन ही अमेज़न से 2 सोलर पैनल आर्डर कर दिए और इन्हें अपने चाय के स्टॉल पर इंस्टॉल करवाया।
Damodaran Using Solar Panel Energy for electricity in his Tea Stall at Chennai Tamil nadu. pic.twitter.com/HSi7NxtjWq
— sanatanpath (@sanatanpath) December 7, 2021
सबसे पहले उन्हें इस पर 17 हजार रुपये की लगत आई। फिर सोलर पैनल (Solar Panel) के चलते पिछले 6 महीनों से बिना किसी दिक्कत के बिजली इस्तेमाल कर पा रहे है। अब उन्हें बिजली के लिए तनिक भी खर्च नहीं करना पड़ता है। अब उनकी चाय की दूकान (Chai Ki Dukan) में रात के वक़्त भी भरी उजाला रहता है। इस कारण कस्टमर भी उनकी दुकान (Tea Stall) पर बैठकर चाय की चुस्की लेना पसंद करते हैं।
उनके सोलर पैनल बैटरी (Solar Panel Battery) से कनेक्ट हैं। बैटरी से एक छोटा-सा डिजिटल मीटर जुड़ा हुआ है। सोलर पैनल सूरज की तेज़ रोशनी का इस्तेमाल करके ऊर्जा प्रोडूस करते हैं। इस प्रोसेस में 6 से 8 घंटे में बैटरी फुल चार्ज हो जाती है। बैटरी के एक बार चार्ज होने के बाद, यह लगभग दो दिन तक उनकी दुकान को जगमग कर देती है।



