इन्हे उड़ना पसंद था, तो खुद से ही बना दिया 4 सीटर विमान और बेटी के नाम पर किया कमाल

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G-Diya
Kerala man Ashok builds 4-seater plane to take family on holiday across UK, He gave Aircraft name on his daughter G-Diya.

Delhi: कुछ लोग अपनी जिंदगी में बचपन से ही कुछ बनने की इच्‍छा लेकर अपने सपने को पूरा करने का प्रयास करते है। वही कुछ लोग किसी चीज को देखकर या फिर किसी व्‍यक्‍ति को रोल मोडल मानकर अपने जीवन में कुछ बनने के लिए प्रयास करते है।

ऐसे ही एक व्‍यक्‍ति अशोक है, जिन्‍होने अपने सपने को पूरा करने के लिए खुद से ही मेहनत करके 4 सीटर का विमान बना लिया। इस विमान को बनाने के बाद उन्‍होंने अपनी बेटी का नाम इसे दिया। आखिर किस तरह अशोक ने बनाया यह विमान किस प्रकार हुई इसकी शुरूआत आइये जानते है।

विमान की आवाज सुनकर विमान उड़ाने का आया शौक

वर्ष 2013 की बात है, जब अशोक अलीसेरिल थमारक्षण (Ashok Aliseril Thamarakshan) यूके (UK) में अपना घर सेट करते हुए एक विमान की आवाज सुनते है। जिसे सुनकर वह बहुत ही एक्‍साइटेड होकर इसके विषय मे जानने निकल पड़ते हे। जानने के बाद उन्‍हें पता लगा कि वह विमान आस पास के ही एयरफील्‍ड से आता है। जिसे देखकर उनका मन भी विमान उड़ाने का करने लगा। लेकिन दिक्‍क्‍त यह थी की अशोक जी के पास लाइसेंस नही था।

लाइसेंस का अप्‍लाई वह कर पाते उसके पहले ही उनके पास कई जिम्‍मेदारी थी, जिसे उन्‍हें पूरा करना था। जैसे घर और बच्‍चों कि जिम्‍मेदारी। इन सब में ही वह उलझे रह गये। परन्‍तु 2018 में वह अपने इस शौक को पूरा करने की तैयारी में जुट गये। उन्‍होंने पायलट का कोर्स कर लिया। 2019 में ही उन्‍होंने सिविल एविएशन यूके से लाइसेंस भी प्राप्‍त कर लिया।

केरल राज्‍य के है अशोंक जिन्‍होने बनाया खुद का एयरक्राफ्ट

अपना शौक पूरा करने के लिए आशोक ने एक खुद का ही विमान एयरक्राफ्ट (Aircraft) बनाया। उन्‍होंने अपनी बेटी के नाम पर ही विमान को नाम दिया, उहोंने विमान का नाम जी दीया रखा। इसे बनाने में उन्‍हें 1.8 करोड़ रूपये का खर्चा आया।

आपको बता दे कि आशोक केरल राज्‍य के अलप्‍पुझा से बीलोंग करते है। वह 2006 में इंजीनियरिंग ऑटोमोबाईल में मास्‍टर्स करने के लिए यूके गये थे। फिर वही सेटल हो गये। वह यूके में ही फोर्ड मोटर कंपनी पर जॉब करते है।

कोर्स कर लाइसेंस प्राप्‍त किया और निकल गये सैर पर

जब अशोक को लाइसेंस प्राप्‍त हुआ तो वह पूरे ब्रिटेन की सैर में चले गये। पूरा ब्रिटेन घूमने के बाद उनका मन अपने परिवार के साथ विमान में घूमने का हुआ। लेकिन जिस विमान में वह घूमते थे वह 2 सीटर ही हुआ करती थी। 4 सीटर विमान किराए से नहीं मिला करते थे। लेकिन 4 सीटर एयरक्राफ्ट खदीदने का खर्चा बहुत ही ज्‍यादा आता इसलिए अशोक ने अपने खुद का ही एयरक्राफ्ट बनाने का डिसिजन ले लिया।

अशोक जी बताते है कि इस विमान को बनाने में उनकी मदद एयरक्राफ्ट एसोसिएशन ने की। वह लाइट एयरक्राफ्ट का एक भाग है। वही से उन्‍हें इस बात का एहसास हो गया कि विमान खरीदने से अच्‍छा विमान बनाना ही सही होगा।

अशोक किराये से यूके में 4 सीटर विमान ना होने की वजह से जाहान्‍सबर्ग में 4 सीटर स्लिंग की उड़ान भरने गये। जिससे प्रभावित होकर उन्‍होंने विमान किट ऑर्डर कर दी। फिर वापस आकर उन्‍होंने यूके में ही स्लिंग टीएसआई बनाया।

इस तरह लॉकडाउन में बनाया अपना विमान

अशोक ने जब विमान एयरक्राफ्ट किट ऑर्डर की उस समय लॉकडाउन की शुरूआत थी। जिस वजह से उन्‍हें काफी समय मिला और उन्‍हें वर्म फ्रॉम होम प्राफिट भी हुआ। अशोक बताते है कि एक विमान को बनाने के लिए सात किट की आवश्‍यकता होती है। जिसे एक एक करके उन्‍होने ऑर्डर किया।

अशोक बताते है विमान बनाने क लिए उन्‍होंने यू ट्यूब की मदद ली। मशीन कैसे बनाये यह अशोक ने सर्च किया। अशोक को असेंबल करने में अधिक समय नहीं लगा। उन्‍होंने एक विंग एक महीने में असेंबल की धीरे धीरे वह विंग को असेंबल करते गये और अपने बगीचे में असेंबली की प्रोसेस उन्‍होंने शुरू कर दी। क्‍योंकि इतना बड़ा विमान उनके घर के अंदर असेंबल कर पाना बहुत ही मुश्‍किल था।

12 निरीक्षण के बाद मिली विमान को उड़ाने की मंजूरी

अशोक जी को इस विमान को बनाने में पूरे 1500 घंटे का समय लगा। उनका विमान 2021 में बनकर तैयार हो गया। एयरक्राफ्ट अथोरिटी ने इस विमान का निरीक्षण किया। 12 निरीक्षण करने के बाद आखिरकार अशोक को 2022 फरवरी में इस विमान को उड़ाने का सर्टिफाइ मिल गया। जब अशोक ने पहली बार अपने विमान को उड़ाया तो उनकी खुशी का का कोई ठिकाना नहीं रहा।

उन्‍होंने अपने खुद के विमान से पहली यात्रा अपने दोस्‍तों के साथ की जिसमें वह ऑस्ट्रिया जर्मनी और फ्रांस गये। इसके बाद वह अपनी फेमिली के साथ आइल ऑफ वाइट की यात्रा पर गये। इसके साथ ही उनकी खुद के विमान पर अपने परिवार के सााथ घूमने की ख्‍वाहिश पूरी हो गई। हालांकिे इस ख्‍वाहिश के लिए अशोक जी को काफी खर्चा भी उठाना पड़ा।

अपने खर्च में कटौती कर पूरा किया सपना

खर्च को मेनेज करने के लिए अशोक और उनके परिवार को काफी कटौती करनी पड़ी। वह बताते है कि लॉकडाउन में उन्‍होंने अपने सारे खर्चे कम कर दिए थे। वह मकान का किराया भी क्रेडिट कार्ड पर पूरा करते थे। ताकि उनकी सैलरी बचे और वह विमान बनाने में पैसे लगा सके। हालांकि ऐसा नहीं है कि अशोक ने यह विमान पूरे अपने पेसे खर्च करके बनाया है। उनके इस विमान पर 3 पायलट की हिस्‍सेदारी है।

अशोक कहते है कि सारा खर्चा एक तरफ और अपने विमान पर घूमने का बैठने का सुख एक तरफ। वह कहते है, अपने विमान पर बैठना एक अलग ही आनंद देता है। अपने परिवार के साथ जब में इस पर कही जाता हूँ, तो मुझे अद्भुद एहसास होता है। मैं इस बात से खुश हूँ कि अब हमें कही घूमने के लिए एयरपोर्ट की अव्‍यवस्‍था से नहीं परेशान होना पड़ता। वह कहते है कि मैं ही नहीं बल्‍कि मेरी पत्‍नी और मेरे बच्‍चें भी इस चीज को लेकर बहुत ही खुश है।

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