बिहार की बेटी अब इसराे में कंप्यूटर वैज्ञानिक बनेगी, आने वाले ISRO मिशन में मिलेगी मुख्य भूमिका

0
1825
Jyoti ISRO Select
Jyoti from Bihar Muzaffarpur, Became A Computer Scientist In ISRO. Bihari girl Jyoti Got Third Place In The Examination Across The Country.

Muzaffarpur: आज पूरी दुनिया में अमेरिका की नासा के बाद भारत की इसरो का भी बोल बाला है। बीते सालों में इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) ने नई ऊंचाई और कामयाबी हासिल की है। अभी भविष्य में इसरो के कई मिशन होने है और नई बुलंदियों को छूना बाकी है। ऐसे में इसरो को नए हुए नपुण कामगारों और युवा वैज्ञानिकों की तलाश है।

ऐसे में इसरो समय समय पर भर्ती परीक्षा कंडक्ट करता रहता है। इस पोस्ट को लिख रहे पत्रकार ने भी इसरो की परीक्षा दी थी, परन्तु असफल रहे थे। आपको बता दें की बिहार एक बेटी ने इसरो को काम करने का सपना साकार कर लिया है। बिहार की ज्योति ISRO में तीसरे रैंक के साथ कंप्यूटर वैज्ञानिक बन गई है।

बिहार (Bihar) के युवाओं में इसरो (Indian Space Research Organisation) जैसे संस्थानों में जॉब पाने का बहुत क्रेज़ है। बिहार के मुज्जफरपुर (Muzaffarpur) की रहने वाली ज्योति बच्चन से ही बहुत होशियार छात्रा रही है। ज्योति के पिता राजीव रंजन प्रोफेसर है। अतः अपनी बेटी की अच्छी शिक्षा प्रदान करने के कोई कसर नहीं छोड़ी।

बिहार के लोकल अख़बार में बताया गया है की ज्योति ने मुजफ्फरपुर के होली मिशन स्कूल से दसवीं की पढ़ाई के बाद 12th में साइंस सब्जेक्ट से 95.5 प्रतिशत अंक हासिल किये थे। इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग फील्ड में भविष्य बनाने का विचार किया।

ज्योति ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से 2019 में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी की। ज्योति का सपना वैज्ञानिक बनने का था। भागलपुर इंजीनियरिंग काॅलेज से कंप्यूटर साइंस की डिग्री लेने के बाद उनके कई मित्रों का चयन IT कंपनियों में हुआ। परन्तु, वह गवर्नमेंट सेक्टर में काम करना चाहती थी।

कोल इंडिया और उसके बाद नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर में भी नौकरी का भी मौका मिला। ज्योति ने कोल इंडिया रांची में एक्जीक्यूटिव की जॉब करने का के साथ ही इसरो वैज्ञानिक (Isro Scientist) बनने सपना देखना नहीं छोड़ा, इसके लिए वह तैयारी करती रहीं।

बीते साल ही ISRO द्वारा वैज्ञानिक के पदों के लिए 12 जनवरी को ही प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद इसी साल के 16 मार्च को उनका इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू में सफल होने के बाद ज्योति ने ऑल इंडिया में तीसरा रैंक हासिल किया। जिसके बाद उनका चयन इसरो में वैज्ञानिक (ISRO Computer Scientist) के तौर पर हुआ।

ज्योति के ISRO में चयन होने से उनका परिवार बहुत खुश है। इसरो ने अंतरिक्ष में अब तक देश के लिए कई सफल और ऐतिहासिक परीक्षण किए हैं। मौसम का पूर्वानुमान, भोगौलिक शिक्षा का प्रसारण करना, शिक्षा से संबंधित प्रसारण संचार का पता लगाना इसरो का प्रमुख कार्य है। आज इसरो का डंका विदेशो में भी बजता है।

हाल ही में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा यह जानकारी दी गई है कि मानव अंतरिक्षयान गगनयान को दूसरे मानव रहित मिशन जिसे वर्ष 2022-23 में लॉन्च किया जाना है, के बाद लॉन्च किया जाएगा। शुरुआत में 10000 करोड़ रुपए की लागत वाले गगनयान मिशन के लक्ष्य के तहत वर्ष 2022 तक तीन सदस्यीय दल को 5 से 7 दिनों के लिये अंतरिक्ष में भेजने की परिकल्पना की गई थी। गगनयान अंतरिक्ष भेजे जाने वाला देश का पहला मानवयुक्त मिशन है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here