धोनी गो-पालन में भी एक नंबर, रोज 500 लीटर दूध बेच रहे, एक बार धोनी ब्रांड दूध पीकर तो देखों

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Dhoni Dairy Milk
MS Dhoni's EEJA Farm's house milk outlet famous in Ranchi. MS Dhoni doing milk dairy business after organic farming. Dhoni selling 500 litre milk every day.

File Photo

Ranchi: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) एक अच्छे खिलाड़ी होने के अलावा एक अच्छे देशी व्यवसाई बनते जा रहे हैं। झारखण्ड की राजधानी रांची के मार्केट में अपनी किसानी का जलवा दिखाने के बाद अब धौनी गो-पालन में भी अपना जलवा बिखेर रहे हैं।

धोनी के ईजा फार्म हाउस (Eeja Farm House) में इस समय कई तरह की 150 से ज्यादा नस्ल की गायें पाली गई हैं। धोनी के फार्म हाउस से हर दिन रांची के बाजारों में 500 लीटर से ज्यादा दूध पहुंच रहा है। जो उनके आउटलेट पर बेचा जा रहा है।

महेंद्र सिंह धोनी के हेलीकॉप्टर शात की तरह ही उनके बिजनेस की उड़ान भी बहुत तेज़ हो रही है। उनके फॉर्म हाउस के दूध की बिक्री भी खूब ऊंची जाती दिख रही है। धोनी छाप दूध (Dhoni Chaap Doodh) थोड़ा भारी तादाद में बिकना शुरू हो गया है। संक्रमण को देखते हुए दूधों की ज्यादातर होम डिलीवरी ही की जा रही है, लेकिन फिर भी कुछ लोग मॉर्निंग वॉक के दौरान आउटलेट पर दूध खरीदने हर दिन पहुंचते हैं।

एक समाचार अख़बार को उनके आउटलेट संचालक ने बताया कि हर दिन ईजा फार्म हाउस से 500 लीटर से ज्यादा दूध रांची के तीन आउटलेट में पहुंच रहा है। महामारी काल के चलते दूध की होम डिलीवरी ही ज्यादा हो रही है। आउटलेट संचालक का दावा है कि ईजा फार्म हाउस के दूध की क्वालिटी काफी अच्छी है और इसमें सबसे ज्यादा ख्याल शुद्धता का ही रखा जा रहा है।

आपको बता दें की धोनी के फार्म हाउस (Dhoni Dairy Farm House) के दूध आउटलेट (Milk Outlet) पर अभी तीन तरह के दूध को बेचा जा रहा है। इसमें होजन फ्रीजन की दूध 55 की कीमत रुपए प्रति लीटर है, जबकि साहिवाल नस्ल की गाय का दूध की 90 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। सबसे महंगा दूध 130 रुपये प्रति लीटर है, जो गुजरात के गिर नस्ल की गाय का है। ये दूध देखने में सफेद नहीं, बल्कि हल्के क्रीम कलर का होता है।

धोनी के फार्म हाउस के दूध को हर दिन खरीदने वालों बढ़ोतरी हो रही हैं। उनके ग्राहकों का कहना है कि धोनी के फार्म हाउस के दूध की रांची के मार्केट में कोई टक्कर नहीं है। एक ग्राहक के मुताबिक कोरोना काल में 130 रुपये लीटर वाले दूध को वो ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। महामारी और संक्रमण काल में ये दूध सबसे ज्यादा फायदेमंद है। एक अन्न ग्राहक बताते है की माहि के फार्म हाउस के दूध का कोई मुकाबला नहीं है। इन दूध में मिलावट की भी कोई संभावना नहीं है।

आपको बता दें की धोनी को दूध का कारोबार करने का आईडिया अपने क्रिकेट करियर के दौरान ही आ गया था। जब धोनी सोशल मीडिया पर थोड़े सक्रिय थे। धोनी एक समय सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे और कई मौकों पर यूजर्स को रेपलत भी देते थे। एक मौका तो यह भी आया कि धोनी ने रांची में बिक रहे दूध की कीमतों पर चर्चा की थी।

यह किस्सा है 2013 का, जब आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 और वेस्‍टइंडीज में ट्राई-सीरीज जीतकर घर लौटने के बाद अगस्‍त में धोनी छुट्टी पर थे, जबकि विराट कोहली को जिंबाब्‍वे दौरे पर कप्‍तान बनाया गया था। धोनी ने ट्विटर पर दूध की कीमत के बारे में चर्चा की थी। उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘रांची में अगर दूधवाला आपके घर आकर दूध देता है तो 32 रुपए लेता है, लेकिन अगर आप उसके घर जाकर दूध लेंगे तो 34 रुपए लेता है।’ मतलब उस वक़्त 2013 में भी धोनी के मन में दूध खरीदने, बेचने और पीने की बातें चल रही थी।

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