पूरा विश्व ISRO वैज्ञानिक ऋतु करिधाल को सलाम कर रहा, इन्होने मिशन चंद्रयान-2 को सफल बनाया।

0
962
Ritu Karidhal ISRO Story
ISRO woman Scientist Ritu Karidhal who was behind Chandrayaan 2 success. Who is Chandrayaan 2's mission director Ritu Karidhal? Ek Number News.

Photo Credits: MyIIPA on Social Media

ISRO के सूत्रों के मुताविक भारत का मिशन चंद्रयान-2 98% सफल हो चुका है। बस लैंडर से संपर्क जुड़ने की प्रतीक्षा है लैंडर का ISRO से सम्पर्क होते ही मिशन पूरी तरह Success हो जाएगा। इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला वैज्ञानिक ऋतु करिधाल है।

ISRO की चंद्रयान-2 की मिशन Director ऋतु कारिधाल लखनऊ के निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से तालुकात रखती हैं। उन्होंने अपनी स्कूल में फिजिक्स Teacher से इतनी प्रेरित हुईं कि फिजिक्स में Graduation किया। फिर उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की। ऋतु मंगल ऑर्बिटर मिशन में डिप्टी डायरेक्टर पद पर रह चुकी हैं।

उन्होंने ऑटोनॉमी Software डिज़ाइन किया। ISRO में उनकी मुख्य जिम्मेदारी मिशन को तैयार करने की है। उन्होंने मिशन को सफल बनाने के लिए रात रात भर जागकर दफ्तर में काम करके भारत को चांद तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज पूरा देश उनका फेन बन चुका है।

ऋतु करिधाल ने सुनिस्चित किया कि चंद्रयान-2 के उद्देश्य क्या होंगे, कैसे उनको हासिल किया जाएगा? उन्होंने बताया की जब परिवार में 2012 में बेटा 9 और बेटी 4 साल की थी। तब परिवार के साथ रहना जरूरी होता था। इसलिए काम को भी जारी रखने के लिए अपनी दिनचर्या बदली, रात भर दफ्तर का काम करतीं और दिन में बच्चों को टाइम देती।

इसी दौरान ही चंद्रयान और मंगल लॉन्च किए। कई बार इतना समय भी नहीं होता कि बीमार बच्चों को हॉस्पिटल ले जाकर चेकप करवा सकूं। ऋतु कारिधाल ने बताया कि “बच्चों की स्कूल PTM में बहुत कम बार ही जा पाए। काम के प्रति आत्मग्लानि होती कि बच्चों को समय ही नहीं दे पाई।

इसलिए रात जागकर अपने काम को जारी रखा।” ऋतु करिधाल ने चंद्रयान-2 के चंद्रमा की परिक्रमा-कक्षा में प्रवेश होने से जुड़े मिशन पर पूरा ध्यान दिया। वे IISC बैंगलोर से अंतरिक्ष विज्ञान इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर चुकी हैं।


रितु इससे पहले मार्स ऑर्बिटर मिशन MOM की डिप्टी ऑपरेटिव निदेशक के रूप में भी पर ISRO के लिए काम कर चुकी हैं। MOM भारत का पहला अंतर-ग्रहीय मिशन है जिसे वर्ष 2013 में मिशन को अपने लक्ष्य तक पहुचाया गया था।

रितु कारिधाल के अनुसार तारों ने मुझे हमेशा अपनी ओर आकर्षित किया मैं हमेशा विचार करती थी कि अंतरिक्ष के अंधेरे के उस पार क्या है। विज्ञान मेरे लिए विषय नहीं जोश और जुनून से भरपूर था।

रितु ने ISRO में कई अहम Project पर काम किया पर मंगलयान की उप परियोजना निदेशक के तौर में वह चंद्रयान2 मिशन को सबसे अहम चुनौती मानती हैं। पूरा विश्व और हमारी 103 करोड़ की जनसंख्या का ध्यान हमारी ओर ही था। हमारे पास कोई टेलेंट नहीं था, लेकिन सैकड़ों वैज्ञानिकों की Team ने मिलकर सभी के सपने को सच कर दिखाया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here