Bhopal: हम देखते है कि लोग अंडे का स्वाद हर रूप मे पसंद करते हैं। कोई इसे सब्जी के रूप में तो कोई आमलेट के रूप में अलग अलग तरीके से स्वाद लेकर इसे खाना पसंद करते हैं। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन एवं वसा पाया जाता हैं। परन्तु कुछ लोग केवल शाकाहारी होने के कारण इसे खाना पसंद नहीं करते हैं।
उनका यह कहना है कि जो मांसाहारी होते है, वहीं लोग इसका सेवन करते है। अपने भी देखा होगा कि कुछ लोग इसे शाकाहारी समझते है तो कुछ मांसाहारी। आइए आज हम आपको इस पोस्ट के जरिए अंडे के शाकाहारी या मांसाहारी होने के बारे में जानकारी देते हैं।
अंडा वेज है या नानवेज इस बात को लेकर होती है बहस
अंडा मांसाहारी है या शाकाहारी (Is Egg Veg Or Non Veg) यह बहस काफ़ी लंबे समय से चलती आ रहीं हैं। आपको बता दें लोग अपनी अलग अलग वार्तालाप के साथ इस बात को साबित करने में लगे हैं। कुछ लोग कहते है कि मुर्ग़ी के द्वारा अंडा प्राप्त होता हैं, इसलिए अंडा मांसाहारी होता है।

कुछ लोग इस बातों को यह कहते हुए काट देते हैं कि दूध भी तो जानवर से ही प्राप्त होता है, तो दूध भी तो मांसाहारी ही हुआ। लेकिन लोगो का ऐसा मानना है कि अगर दूध शाकाहारी है, तो अंडा शाकाहारी क्यों नहीं। लोगो के बीच इसी प्रकार की बातचीत को लेकर कभी बहस ख़त्म नहीं होती हैं। परंतु साइंटिस्ट ने इस हो रही बहस के बारे हल निकाल लिए है।
साइंटिस्ट ने अंडा मासाहारी है या शाकाहारी इस जवाब का निकाला हल
अब लोगो के बीच इस बात को लेकर कभी बहस नहीं होगी कि अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी। क्योंकि इसका साइंटिफिक हल (Scientific Answer) अब साइंटिस्ट निकाल चुके हैं। आप सभी देखते होगे कि बहुत से लोग अंडा को मुर्ग़ी से प्राप्त होने के कारण मासाहारी समझकर खाना पसंद नहीं करते हैं।
आपको बता दे की बाजार में जो अंडे मिलते हैं वह अधिकतर अनफर्टिलाइज्ड होते हैं इसका मतलब है कि इन अंडो से चुजे कभी बाहर नहीं निकलते हैं। वैज्ञानिकों ने इस सब के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा है कि अंडे तीन प्रकार की परत से मिलकर बना होता हैं। जिसमे ऊपर की परत छिलका के रूप में पाई जाती हैं दूसरी परत में एल्बुमेन (Albumen) पाया जाता है जो कि अंडे के अंदर सफेद वाला भाग होता है।
तीसरी भीतरी वाली परत अंडे की Yolk या कहे तो जर्दी होती हैं। वैज्ञानिकों की खोज से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पाया गया की अंडे के अंदर जो सफेद भाग होता है, उसमे सिर्फ़ प्रोटीन होता है, जिससे उसमे कोई भी एनिमल सब्सटेंस नहीं होता है। इसका मतलब अंडे का जो सफेद वाला भाग होता हैं वह पूरी तरह से शाकाहारी होता है।
मार्केट में मिलने वाले अंडे अनफर्टिलाइज्ड ही होते हैं
अंडे का जो भीतरी भाग होता है जिसे योक या जर्दी कहा जाता है, उसमे प्रोटीन के अलावा फैट और कोलेस्ट्रॉल भी पाया जाता है। आपको बता दे कि मार्केट में जो अंडे आते हैं वह अधिकतर अनफर्टिलाइज्ड होते हैं। अंडे देने के लिए मुर्ग़ी मुर्गे के संपर्क में आई हो ये जरूरी नहीं होता है।
जब मुर्ग़ी 6 महिने की हो जाती है तब वह अंडे देने स्टार्ट कर देती है। इस प्रकार के अंडे को अनफर्टिलाइज्ड अंडे कहते है। जिससे कभी चुजे नहीं निकलते हैं। जिससे यह साबित होता है कि अंडे में चूजे वाली कोई परत है ही नहीं, इसलिए अंडा मांसाहारी नहीं बल्कि शाकाहारी होता है।
कैसे करे शाकाहारी और मांसाहारी अंडों को पहचान
अब आपके दिमाग में यह सवाल आता होता कि अगर मार्केट में मिलने वाला अंडा शाकाहारी होता है, तो मांसाहारी अंडों को कैसे पहचाने। आपको बता दें कि जब मुर्गी और मुर्गे एक दूसरे के संपर्क में आते हैं और उस मुर्गी से जो अंडे उत्पन्न होते हैं। उस अंडे को मांसाहारी या फर्टिलाइज्ड अंडा कहा जाता है। इन अंडों में जो गैमीट सेल्स होती है वह अंडों को मांसाहारी बना देती हैं।
अब शाकाहारी और मांसाहारी अंडों की पहचान की बात बात करे तो वह भी बहुत आसान तरीका है। खाचों में अंडे को भरकर उसके नीचे बल्ब जलाकर देखिए, जिस अंडे में लाइट का प्रकाश आर पार दिखाई दे।
इसका मतलब वह अंडा वेज यानी शाकाहारी है और जिन अंडों में लाइट का प्रकाश आरपार दिखाई नहीं देता है, तो वह गैमीट वाले अंडे है। जिसे मांसाहारी अंडे कहा जाता है। इससे यह साबित होता है कि अंडे मांसाहारी नहीं शाकाहारी भी होते हैं। उम्मीद है कि आपको भी मन में कई वर्षों से चल रहे इस सवाल का जवाब इस पोस्ट से मिल गया होगा।




