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Bhopal: IAS अधिकारी तपस्या परिवार की कहानी उन लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है, जो अपने जीवन में कुछ करना चाहती हैं, लेकिन परिवार के सामने अपनी बात रखने में घबराती हैं, क्योंकि तपस्या ने अपने जीवन में न सिर्फ UPSC पास की बल्कि अपने परिवार को बिना डरे अपना लक्ष्य भी बता दिया था।
पच्चीस वर्षीय तपस्या परिहार ने जब UPSC की परीक्षा में 990 चयनित उम्मीदवारों में से 23वां रैंक प्राप्त किया तो पूरा गांव खुशी से झूम उठा। एक किसान की युवा बेटी मध्य प्रदेश के जोवा के अविकसित गाँव से है, जंहा पर शिक्षा को ज्यादा महत्व नही देते है, जिसकी आबादी लगभग 800 है और कुल साक्षरता दर 63% है।
इस गाँव के स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा Example हैं, जो सोचते हैं कि इस परीक्षा को पास करने के लिए आपकी परिवार की स्थिति मजबूत होना चाहिए। लेकिन ये गलत साबित कर दिया मध्यप्रदेश की बेटी ने। जरूरी नही है कि आपकी प्रारम्भिक शिक्षा किसी बहुत अच्छे स्कूल से होनी चाहिए।
हालांकि साल 2017 की टॉपर तपस्या इन सब प्रश्नों का बहुत अच्छा उदाहरण है। उनके परिवार ने कभी तपस्या को पढ़ाने में कोई कमी नही रखी। लेकिन परिवार की स्थिति को देखकर जो सुविधा उपलब्ध थी उन्ही के बीच मे अपनी पढ़ाई जारी रखी। एक लॉ ग्रेजुएट से आईएएस ऑफिसर बनीं।
तपस्या परिहार IAS 23rd rank,नरसिंहपुर pic.twitter.com/egPLpPw0AD
— Office Of Dr Anand Rai (@anandrai177) April 28, 2018
तपस्या एक संयुक्त फैमिली से आती हैं। उनके चाचा विनायक परिहार एक सोशलवर्कर हैं और तपस्या को उनका बहुत साथ मिला। तपस्या की दादी देवकुंवर परिहार नरसिंहपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रही हैं। तपस्या का विषय लॉ था। तपस्या ने कानून की पढ़ाई पुणे के लॉ कॉलेज से की है।
नरसिंहपुर की बिटिया तपस्या परिहार का ias में चयन परिहार परिवार व नरसिंहपुर के लिए गौरव की बात है।मेरा दृढ़ विश्वास है कि बिटिया तपस्या यश व कीर्ति हासिल करेगी।उसे बधाई व शुभकामनाएं।
— Suresh Pachouri (@pachouri_office) April 28, 2018
गांव की अधिकांश लड़कियों को कभी भी शिक्षा प्राप्त करने का मौका नहीं मिला क्योंकि उनमें से बहुतों लड़कीयो की या तो कम उम्र में ही शादी करवा दी जाती है। या उन्हें घर के काम मे ही बिजी रखा जाता है, जिससे वे अच्छी शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ हो जाती है। लेकिन तपस्या की कहानी कुछ अलग है। उनके पिता और परिवार ने उन्हें हमेशा पढ़ने और आगे बढ़ने के लिये उत्साहित किया।
उन्होंने अपने दूसरी कोशिश में परीक्षा पास कर ली। हालाँकि उसने अपने पहले प्रयास के लिये दिल्ली में कोचिंग की लेकिन वह प्रीलिम्स भी नहीं निकाल सकी। तपस्या का कहना है कि वह करेंट अफेयर्स कवर करने पर ज्यादा जोर देती हैं क्योंकि पिछले कुछ सालों में प्रीलिम्स परीक्षा में इससे सवाल ज्यादा आने लगे हैं। इसलिए आप करेंट अफेयर्स प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ें।
नरसिंहपुर की बिटिया तपस्या परिहार का ias में चयन परिहार परिवार व नरसिंहपुर के लिए गौरव की बात है।मेरा दृढ़ विश्वास है कि बिटिया तपस्या यश व कीर्ति हासिल करेगी।उसे बधाई व शुभकामनाएं।
— Suresh Pachouri (@pachouri_office) April 28, 2018
एक मंथली मैग्जीन लेकर भी महत्वपू्र्ण टॉपिक कवर करें। इसके अलावा तपस्या अंतिम स्टेज में पढ़ाई, रिवीजन के साथ टेस्ट सीरिज Join करने की सलाह देती हैं। टेस्ट सीरिज Join कर आप अपना आंकलन करें और परीक्षा की प्रैक्टिस जरूर करें।
तपस्या का मानना है कि UPSC में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको लगातार कड़ी मेहनत करनी होगी। आप अपने सिलेबस के मुताबिक अपना टाइम टेबल बना लें और गंभीर होकर पढ़ाई शुरू कर दें। ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करें, आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस करें और मॉक टेस्ट पेपर दें। अगर आप इन सब बातों का ध्यान रखेंगे, तो आप UPSC में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।



