
Madhubani: अक्सर लोग कई सालों तक सिविल सर्विस एग्जाम को तैयारी करते हैं और लाख दुआएं करते हैं की वे इस बार तो सरकारी अधिकारी बन जाएँ। परन्तु हर किसी की मेहनत सफल नहीं हो पाती हैं। कुछ ऐसे अभ्यार्थी भी होने हैं, जो एक बार में भी UPSC Exam क्रैक करके IAS-IPS अफसर बन जाते हैं।
यह एक ऐसे ही आईएएस अधिकारी (IAS Officer) की कहानी है, जिनका नाम मुकुंद कुमार (Mukund Kumar) है। इन्होने केवल 22 साल की उम्र में सिविल सर्विस की यूपीएससी परीक्षा पास कर अपने परिवार के साथ ही साथ अपने जिले मधुबनी का भी नाम रोशन किया है। मुकुंद कुमार की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
देश की सबसे कठिन परीक्षा कही जाने वाली यूपीएससी में सफलता हासिल करने के लिए मुकुंद ने क्या स्ट्रेटेजी बनाई और क्या तैयारी की, यह भी उन्होंने खुद बताया है। मुकुंद कुमार बिहार के मधुबनी (Madhubani) जिले बाबूबरही प्रखंड के बरूआ के रहने वाले हैं। मुकुंद का जन्म एक आम किसान परिवार में हुआ था। मुकुंद के पिता का नाम मनोज कुमार और माता का नाम ममता देवी है।
उनकी फैमिली में मुकुंद इकलौते बेटे और इनकी तीन बहनें है। मतलब तीन बहनो के साथ एक भाई मुकुंद की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती है। मुकुंद परिवार में सबसे छोटे सदस्य रहे हैं। इस बहचको के पिता एक किसान और मां एक प्राइमरी स्कूल में टीचर का काम करती है। मुकंद बचपन से पढ़ाई में बहुत अच्छे स्टूडेंट तो नहीं रहे, पर ठीक ठाक थे।
मुकुंद ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई बिहार के ही स्कूल से पूरी करि। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए वे सैनिक स्कूल गोलपाड़ा में दाखिल हुए। इसके बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए वो दिल्ली चले गए। दिल्ली में उन्होंने पन्नालाल गिरधारी लाल दयानंद एंग्लो वैदिक कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली।
मुकंद (IAS Mukund Kumar) ने खुद एक हिंदी अख़बार को बताया कि अपने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा देकर IAS अफसर बनने का मन बना लिया था। मुकुंद ने साल 2017 में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने पूरी स्ट्रेटेजी बनाकर UPSC की तैयारी कर दी थी।
22 साल की उम्र में IAS officer बनने वाले बिहार के मुकुंद कुमार। pic.twitter.com/OWD3vkQgBO
— sanatanpath (@sanatanpath) February 7, 2022
सबसे पहले उन्होंने यूपीएससी परीक्षा के सिलेबस पर पूरी रिसर्च करके जाना और परखा। फिर एक ऐसा टाइम टेबल बनाया, जिसे वो अपने जीवन में सेट कर सके। यूपीएससी के सिलेबस को वेबसाइट से डाउनलोड करके उन्होंने अपनी स्टडी टेबल के सामने चपका दिया।
पढाई में अपना मन अच्छे से लगाने के लिए मुकुंद ने सोशल मीडिया से एकदम दूरी बना ली थी। उन्होंने शादी पार्टी और दोस्तों से मिलना जुलना सब बंद कर दिया था। मुकंद हर दिन 12-14 घंटों तक पढ़ाई करते रहे और इसे कंटीन्यू रखा। उन्होंने पूरी लगन से कड़ी मेहनत की।
22 साल की उम्र में बिना कोचिंग IAS बना बिहार का ये लड़का, ऐसे की UPSC तैयारी,बिहार के मधुबनी जिले के किसान परिवार में जन्मे मुकुंद कुमार झा की यूपीएससी जर्नी बहुत कुछ सिखाती है. सीमित संसाधनों में बिना कोचिंग एक साल की तैयारी में पहले अटेंप्ट में आईएएस बनने वाले मुकुंद कुमार. pic.twitter.com/GbVMYtsAh6
— Agra Mirror (@AgraMirror) November 19, 2020
मुकंद की कड़ी मेहनत और सॉलिड स्ट्रेटेजी ने उन्हें अपने UPSC के पहले ही प्रयास में आईएएस अधिकारी बना दिया। साल 2019 में उन्होंने पूरी देश में यूपीएससी अभ्यर्थियों में 54वीं रैंक प्राप्त की। सीमित संसाधनों में बिना कोचिंग (UPSC Without coaching) एक साल की तैयारी में पहले अटेंप्ट में आईएएस बन गए।
आपको यह जानकार हैरानी होगी की केवल 22 साल की उम्र में मुकुंद ने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा क्रैक करके यह बात साबिक कर दी की लगन और मेहनत से इस सफलता (Success in UPSC) को हासिल किया जा सकता है।



