मात्र 20 हजार रु निवेश से 2 दोस्तों की बनाई एक छोटी सी कंपनी आज 88000 करोड़ का बिजनेस साम्राज्य हुआ

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Emami Company Founders Story
Story of Emami and its Founders, We will not break this friendship. Company started with Rs 20000, today business of thousands of crores. Now leaving the post together.

Photo Credits: Emami Company Website

Delhi: आपने बहुत से दोस्ती के किस्से साइन होंगे। कई फिल्मो में भी दोस्तों के पक्की यारी वाली दोस्ती दिखाई गई है। हमने असल जिंदगी में भी कुछ ऐसे लोगो को देखा है, जो दोस्ती की मिसाल है। अगर आपके जीवन में भी कोई अच्छा दोस्त हैं, जो आपके सुख दुःख का साथी बन जाये, तो आप बड़े भाग्यशाली है। आज हम आपको ऐस एही दो दोस्तों के बारे में बताते जा रहे हैं, जिनकी दोस्ती के चलते एक बड़ा व्यापार खड़ा हो गया और उनके परिवार की जिंदगी बन गई।

यह कहानी ऐसे दो दोस्तों की है, जो बचपन में दोस्त बनें थे, लेकिन अब हजारों करोड़ रुपए की कंपनी का एम्पायर बनाने के बाद दोनों दोस्त कंपनी के अपने एग्जीक्यूटिव पद को एक साथ छोड़ भी रहे हैं। इस दो मित्रों ने आज के समय में 88 हजार करोड़ का एक व्यापारिक साम्राज्य खड़ा कर दिया है।

इन दो दोस्तों ने एक साथ मिलकर एक ही सोच पर काम किया और बड़ी ईमानदारी से अपने लक्ष्य पर अडिग रहे। जी हाँ जिसकी बदौलत ही इन दोनों के बीच कभी कोई मन-मुटाव नहीं आया और न ही ये एक-दूसरे से कभी अलग हुए। कभी बिजनेस में भी कोई अनबन नहीं हुई।

बिजनेस और पैसे के चक्कर में अच्छे अच्छे बिजनेस पार्टनर या दोस्त झगड़ा करके अलग हो जाते हैं। एक ही परिवार में तक हिस्से हो जाय करते हैं, लेकिन इन दोनों के बीच शुरू से लेकर अंतआखिर तक कोई ऐसी बात नहीं हुई। अब ये दोनों कंपनी के एक अहम पद से एक साथ इस्तीफा दे रहें। आपने नाम तो सुना होगा, राधेश्याम अग्रवाल (Radheshyam Agarwal) और राधेश्याम गोयनका (Radheshyam Goenka) देश के जाने माने बिजनेसमैन हैं।

ये दोनों ही बचपन में स्कूल में साथ पढ़ा करते थे। दोनो दोस्त स्कूल की पढाई के बाद अपना पूरा समय कॉस्मेटिक के फार्मूले सीखने में लगा देते थे। इसके साथ ही ये दोनों दोस्त सस्ते गोंद और कार्डबोर्ड से गेम बनाते और उसे कोलकाता के बाजारों में बेचकर कुछ पैसे कमा लेते थे। बिसगं करना तो दोनों मित्रों ने बचपन में ही सीख लिया था।

ये दोनों दोस्त शुरुआत से ही कमाई के नए नए तरीके मिलकर खोजते रहते थे और उन्होंने शुरू में जो कार्ड बोर्ड का काम शुरू किया। वह सिलसिला लगभग तीन सालों तक चलता रहा। फिर इनके लगन और मेहनत को देखकर गोयनका के पिता ने इनको 20 हजार रुपए काश दिए और फिर गोयनका ने तय किया कि इस पैसे से किए गए बिजनेस में दोनों का हिस्सा होगा।

दोनों दोस्तों ने इसी पैसे से एक ‘केमको केमिकल्स’ नाम की कंपनी शुरू की। हालाँकि यह काम खास नहीं चल पाया। परिवार वालों ने लड़कियां खोजकर दोनों की शादी करवा दी। जिससे उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई। इन सबके बावजूद न इन दोनों का साथ छूटा और ना ही दोनों ने बिजनेस आईडिया लगाना छोड़ा।

फिर दोनों की नौकरी बिरला ग्रुप में लग गई और दोनों ने लगभग 5 साल वहीँ साथ में काम किया। फिर दोनों ने अपनी एक कंपनी खोली और इस बार इन्होने इमामी नाम से एक वैनिशिंग क्रीम को लांच कर दिया। इस बार उनका बिजनेस आईडिया सॉलिड था। क्योंकि पहले जो टेल्कम पाउडर आते थे वो टिन के डिब्बों में आते थे और वो देखने में ज्यादा आकर्षक नहीं होते थे। इस बार इन्होंने बाजार में प्लास्टिक के डिब्बों को उतारा। जो देखने में आकर्षक और स्टाइलिश थे।

उनका प्रोडक्ट हिट हो गया और इन दोनों ने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा। जिसके चलते आज इमामी ग्रुप का कारोबार 60 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है और 130 से ज्यादा इमामी प्रॉडक्ट बाजार में बिकते हैं। इमामी लिमिटेड, जो ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है, उसका टर्नओवर वित्त वर्ष 2020-21 में 2881 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वहीं बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 22,143.45 करोड़ रुपये है।

अब ये दोनों दोस्त इमामी लिमिटेड (Emami Limited) का प्रबंधन नियंत्रण अपनी अगली पीढ़ी को एक साथ देने जा रहें हैं। अब इस बड़े ब्रांड की बागडोर आरएस गोयनका के बड़े बेटे मोहन गोयनका और आरएस अग्रवाल के छोटे बेटे हर्ष अग्रवाल क्रमश: कंपनी के वाइस-चेयरमैन और प्रबंध निदेशक का पद ग्रहण करेंगे। बाकी केकंपनी के संस्थापक कंपनी के बोर्ड में जस के तस बने रहेंगे। जो काम चल रहा है, वही आगे भी चलता रहेगा। अब युवा जोश कंपनी को किस मंजिल पर ले जाताहै है, यह आने वाला समय बताएगा।

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