कभी पढ़ाई में नहीं लगता था मन, असफलता से ली सीख, UPSC टॉप कर बने IAS अफसर

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IAS Kumar Anurag
IAS Topper Kumar Anurag success story in Hindi. IAS Kumar Anurag from Bihar cleared his UPSC Civil Service Exam in 2018 and secured the 48th rank.

Photo Credits: Twitter(@iaskumaranurag)

Patna: अधिकतर माना जाता है कि जो लोग पढ़ाई में हमेशा से होशियार होते हैं, वह लोग ही यूपीएससी में सफलता (Success in UPSC) प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन ये सच नही है। अगर आप जीरो से यूपीएससी की तैयारी शुरू करके कड़ी मेहनत करेंगे, तो यहां सफलता हासिल कर सकते हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इसमें हिस्सा लेते हैं। हर साल कुछ ऐसे छात्र जरूर मिलते हैं, जिनकी कहानी सबसे अलग होती है। कुमार अनुराग (IAS Kumar Anurag) उन्हीं में से एक हैं। अनुराग पढ़ाई में कुछ खास नहीं थे, स्कूल की प्री बोर्ड परीक्षा में वह एक बार फेल भी हुए थे।

दोस्तों हर किसी का सपना होता है कि वह एक सरकारी अफसर बने और सरकारी अफसर में सबसे बड़ा पद IAS officer का होता है। दोस्तों अगर आप आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) बनना चाहते हैं और प्रशासनिक सेवा में काम करना चाहते हैं, तो आपको बहुत मेहनत करनी होती है और साथ ही बहुत ज्यादा पढ़ाई भी करनी होती है।

दोस्तों IAS Officer की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, इसीलिए इस परीक्षा की तैयारी आपको अपने 11वीं और 12वीं कक्षा से ही शुरु कर देनी चाहिए। अगर आप आईएएस अफसर बनना चाहते हैं तो आज हम आपको एक कहानी से रूबरू कराते हैं।

आज बात एक ऐसे आईएएस अफसर की जो बैकबैंचर रहा और फिर उसने IAS की परीक्षा पास की थी। कॉलेज में कई बार बैक लगने के बाद अनुराग ने अपनी गलतियों से सीख ली और मन लगाकर पढ़ाई की। जो कभी ग्रेजुएशन में फेल हो गए थे। हालांकि उसके बाद उन्होंने आईएएस बनने की ठानी और इस फैसले ने उनकी जिंदगी बदल दी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि अनुराग (Kumar Anurag) ने लगातार दो बार यूपीएससी की परीक्षा पास की। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से UPSC का सफर पार किया और आज वे तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक मिसाल हैं। अब छात्र इनसे प्रेरणा लेते हैं और इनकी दी गई टिप्स को फॉलो करते हैं।

कौन है कुमार अनुराग

बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले कुमार अनुराग की सफलता की कहानी यूपीएससी (Kumar Anurag Success Story Of UPSC) या किसी अन्य परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। कुमार अनुराग की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई बिहार के ही एक साधारण हिंदी मीडियम स्कूल से हुई और फिर उन्हें दसवीं की पढ़ाई के लिए उन्हें शहर आना पड़ा।

संसाधनों के अभाव के चलते उनको आगे की पढ़ाई अपनी जारी रखनी अनुराग ने शुरू से हिंदी मीडियम में पढ़ाई की थी और शहर में आने के बाद उनका अंग्रेजी मीडियम में दाखिला हुआ और उन्हें अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने में काफी परेशानी हुई थी। बचपन से अंग्रेजी में पकड़ नही थी। जिसके कारण उनको बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

असफलता बनी सफलता की सीढ़ी

अनुराग बारहवीं के प्री बोर्ड में फेल हो गये थे। हालांकि इसके बाद उन्होंने मेहनत की और 90 प्लस स्कोर किया था। अनुराग ने अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री दिल्ली विश्ववियालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से हासिल की थी। अपने कॉलेज के दिनों के बारे में अनुराग बताते हैं की वे हमेशा ही बैकबैंचर थे और टॉपर्स के नोट्स फोटोकॉपी करा कर पढ़ते थे।

कई बार बैक आने के बाद उनकी डिग्री पूरी हुई थी। हालांकि, इन सभी नाकामियों को अनुराग ने कभी अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से MA की डिग्री भी पूरी की। लगातार दो बार पास की यूपीएससी परीक्षा पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान अनुराग ने यूपीएससी परीक्षा तैयारी करने का फैसला किया।

जैसे ही उनकी पीजी की पढ़ाई कंप्लीट हुई, वैसे ही उन्होंने पूरे समर्पण और मेहनत के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। उनकी रणनीति इतनी कारगर रही कि पहले ही प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई, लेकिन उन्हें आइएएस सेवा नहीं मिली। ऐसे में उन्होंने दूसरा प्रयास किया और इस बार ऑल इंडिया रैंक 48 हासिल कर ली।

इस तरह कुमार अनुराग का आईएएस (IAS) बनने का सपना सच हो गया। अनुराग ने अपनी गलतियों से सीख ली और पढ़ाई की ओर अपना ध्यान लगाया। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने नोट्स बनाए, खूब मेहनत की, फिर खूब सेल्फ स्टडी भी की और कई मॉक टेस्ट दिए।

आपको बता दें की अनुराग ने अपने पहले प्रयास में भी UPSC परीक्षा को पास कर लिया था। परन्तु कम स्कोर होने के कारण उन्हें 677वीं रैंक मिली थी। अनुराग अपने लक्ष्य को ले कर क्लियर थे और इसलिए उन्होंने अगले साल एक बार फिर परीक्षा दी। अपनी पिछले साल की गलतियों से सीख ले कर इस साल अनुराग ने कड़ी मेहनत की और 2018 की सिविल सेवा परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की।

UPPSC की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह

कुमार अनुराग का मानना है कि अगर आप यूपीएससी की तैयारी (UPSC Preparation) करना चाहते हैं, तो अपने पिछले एजुकेशन बैकग्राउंड को छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करें। वे कहते हैं कि इस परीक्षा में आप जीरो से शुरू करके भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। अनुराग खुद इस बात का उदाहरण हैं।

उनके मुताबिक यहां तैयारी के दौरान जल्दबाजी नहीं दिखानी चाहिए और एक एक टॉपिक को बेहद गहराई के साथ पढ़ना चाहिए। कड़ी मेहनत और बेहतर रणनीति ही यहां सफलता का मूल मंत्र (Success Mantra) है तभी आप सफल (Success) हो पायेंगे।

कुमार अनुराग का यह सफर प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक प्रेरणा (Inspiration) है। अनुराग ने अपनी काबिलियत पर भरोसा रखा और सिद्ध कर दिया की यदि सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से प्रयास किया जाए तो सफलता निश्चित ही प्राप्त होती है।

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