
Patna: आज देश में सबसे ज्यादा मान सम्मान IAS-IPS अफसरों को दिया जाता है और बिहार-उत्तर प्रदेश का तो हर विद्यार्थी अफसर बनना चाहता है। IAS-IPS अफसरों के बड़े ठाट बाट भी रहते है। कुछ तो ज़मीन में पेर भी रखना नहीं चाहते है। सीधे अपनी लाल बत्ती कार से निकलकर अपने सरकारी ऑफिस और फिर अपने सरकारी बंगले में भी कदन रखना पसंद करते है।
बीते समय में कई सरकारी अधिकारी अपने गलत रवैये और दुर्व्यवहार के चलते सोशल मीडिया पर वायरल हुए है। देश की जनता ने ऐसे अफसरों को नसीहत भी दी और कुछ पर कार्यवाही भी हुई। इसके उलट कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जो अपने सीधे साधे अंदाज़ और जतना के साथ अपने साब व्यव्हार के चलते काफी पसंद किये गए है। एक नंबर न्यूज़ डॉट कॉम की टीम ने ऐसे अनेक अफसरों की स्टोरी कवर की है, जो लोगो द्वारा पसंद किये गए और उनके काम को सराहा गया।
सोशल मीडिया (Social Media) पर अक्षर विभिन्न विभिन्न प्रकार के वीडियोज और फोटोज मशहूर होते रहते हैं। इन दिनों भी आईएएस अधिकारी (IAS Officer) का एक पोस्ट बहुत तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Post) हो रहा है। वायरल हो रहे पोस्ट में तीन फोटोज हैं। इन तीनों फोटोज में एक आईएएस अधिकारी जमीन पर बैठा नजर आता है।
#Thread #Respect
1/ IAS officer Ramesh Gholap (DC, Koderma) was out distributing blankets to the poor when he saw a frail little girl standing in line. On enquiry, he found out that the girl was 11-year-old Sapna whose parents had died recently, leaving her with nowhere to go. pic.twitter.com/tMWjhX0tft— The Better India (@thebetterindia) September 9, 2020
फोटोज में देखा जा सकता हैं कि अधिकारी एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ भूमी पर बैठे नजर आते हैं। आईएएस Officer को गांव के बुजुर्ग शख्स के साथ भूमि पर बैठकर हस्ता हुए देखना वाकई बेहद शानदार है। इन्टरनेट पर तस्वीरों को किसी और ने नहीं बल्कि स्वम आईएएस अधिकारी (IAS Officer) ने ही साँझा किया है।
आईएएस अधिकारी की सादगी के दिवाने हुए लोग
IAS रमेश घोलप (Ramesh Gholap) ने ट्विटर पर अपनी तस्वीरें साँझा की तो लोग उनकी सादगी के दिवाने हो गए साँझा की गई तस्वीरों में वह अपनी कार से बाहर एक बुजुर्ग के साथ भूमी पर बैठ कर बाते कर रहे हैं, जबकि उनके सुरक्षाकर्मि कार में बैठे दोनों को देख रहे हैं।
आईएएस अधिकारी ने जीता लोगों का दिल
आईएएस की इसी सरलता ने लोगों का दिल जीत लिया है और उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। आईएएस रमेश घोलप (IAS Ramesh Gholap) ने ट्वीट करते हुए लिखा, तज़ुर्बा है मेरा मिट्टी की पकड़ मजबूत होती है, संगमरमर पर तो हमने पांव फिसलते देखे हैं। (My Experience Is That The Grip Of Clay Is Strong, We Have Seen Feet Slip On Marble).
"तज़ुर्बा है मेरा मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,
संगमरमर पर तो हमने पाँव फिसलते देखे हैं।"#माझी_गावाकडची_माणसं #बप्पा #मेरा_गांव #जन्मभूमी pic.twitter.com/zuOxLEICSO— Ramesh Gholap IAS (@RmeshSpeaks) October 18, 2021
उसकी इस पोस्ट और इस देसी अंदाज़ को काफी पसंद किया जा रहा है। ऑफर की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और लोग उनके अच्छे व्यवहार की सराहना कर रहे हैं। कुछ यूजर अन्न अफसरों को भी IAS रमेश घोलप जैसा बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिससे अफसरों और जनता के बीच अच्छा समन्यवय स्थापित हो सके।
रमेश के IAS बनने की कहानी (How Ramesh Gholap Became IAS Officer)
रमेश की कहानी बेहद संघर्ष से भरी रही है, इनका जन्म महाराष्ट्र के सोलापुर में हुआ है। रमेश के पिता एक साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। पैर में पोलियो, घर चलाने के पैसे नहीं, पिता की असमय गुजर जाने पर मां के साथ सड़क किनारे चूड़ी बेचने का काम। जिस समय बच्चे अपना बचपन खेल कूद में गुजरते है, तब से ही रमेश ने मेहनत करना शुरू कर दी थी। माँ के साथ जाकर उनका हाथ बटाते थे। कभी भी हार नही मानी।
कलेक्टर बनने का सपना आंखों में संजोए रमेश पुणे पहुंचे। पहले प्रयास में असफल रहे, पर वे डटे रहे। उन्होंने हार नही मानी। अपने हौसलों को और मजबूत बना दिया। पिता जी के गुजर जाने के बाद टूट गया था। विकट परिस्थिति में मैट्रिक परीक्षा दी और 88.50% अंक हासिल किया।
साल 2011 में पुन यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) दी। इसमें रमेश 287वां स्थान प्राप्त कर आईएसएस (IAS) बन चुके थे। पर खुशी तब दोगुनी हो गई, जब वे स्टेट सर्विस की परीक्षा में राज्य में फर्स्ट आए। आखिरकार साल 2012 में यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में 287वीं रैंक हासिल की। रमेश की सफलता ही कहानी और कड़ा संघर्ष ही उन्हें इतना दरियादिल और व्यवहारिक बनाता है।



