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Bhopal: भारत देश में हिंदुओं की मानता और सनातन धर्म के अनुसार तुलसी जी को एक धार्मिक पौधे का दर्जा दिया गया है। हिंदुओ का मानना है कि अगर कोई तुलसी में रोजाना 1 कलश जल चढ़ाता है, उसका जीवन तुलसी (Tulsi) की तरह हराभरा रहता है। दूसरी तरह तुलसी के पत्ते एक औषधि की तरह उपयोग किया जाता है।
सर्दी खांसी में तुलसी के पत्तो (Tulsi Plant Leaves) का काढ़ा बना कर दिया जाता है, इसके अलावा एक अंग्रेजी दवा पैरासिटामॉल को बनाने में भी तुलसी का उपयोग होता है। भारत के हर घर में किसी गमले में या फिर किसी ज़मीन पर यह पौधा जरूर लगा होता है। बहुत से त्योहारों में इस पेड़ की पूजा होती है।
आप जानते है कि इस पेड़ को लगाना बेहद आसान है, परंतु कभी कभी यह पौधा अपने आप सूख जाता है। लोगों की मान्यताओं के अनुसार उन्हें लगता है कि किसी राजोत्सवल महिला की छाया पड़ गई है, जिससे पेड़ सूख गया है, परंतु विज्ञान इसे नहीं मानता। हो सकता है धुप ज्यादा लगने से पौधा मर गया हो या फिर पानी की सही मात्रा न मिलने से। तो आइए हम विस्तार से जानते है कि किस तरह हम अपने तुलसी के पेड़ को हमेसा हरा भरा रहे।
डॉक्टर और जानकारों की सलाह
डॉक्टर और जानकारों का कहना है कि काफी सारे लोग यह सोचते है कि तुलसी का पेड़ गर्मी में लू जैसी गर्म हवाओं के कारण सूख गया है और कुछ लोग सोचते है कि सर्दियों के जाड़े की वजह से तुलसी जी सुख गई है। परंतु कभी कभी पौधा बारिश के मौसम में भी सुख जाता है। तब लोगो के द्वारा लगाए गए सभी अनुमान गलत साबित होता है।
ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि तुलसी के पेड़ में न ज्यादा पानी की जरुरत होती और न ही वे धुप के कारण मुरझाते। हम कह सकते है कि तुलसी के पौधे को ज्यादा देख-रेख की जरुरत नहीं होती।
यह एक प्रकार का ट्रॉपिकल प्लांट है। जिससे तुलसी के पौधे को कम पानी, कम धूप और कम हवा में उगा सकते है। और अगर आपका पौधा सूख रहा हो तो आप उसे कुछ आसान उपायो से उसे वापस हरा-भरा (Grow Tulsi Plant Again) कर सकते है।
सूखे हुए तुलसी के पौधे में करे नीम का इस्तेमाल
यदि आपके घर का तुलसी का पौधा पूरा सूख गया है और आप इसे दोवारा हरा-भरा बनाना चाहते है, तो डॉक्टर और जानकारों के द्वारा बताए गए उपायो को अपना कर आप ऐसा कर सकते है। जानकारों के उपाय के मुताबिक आपको प्रतिमाह मात्र 2 चम्मच नीम की पत्ती का पाउडर का इस्तेमाल करना है। आप चाहे तो इस नीम के पाउडर (Neem Powder) को घर पर भी बना सकते है और मार्किट से भी खरीद सकते है।
नीम के पाउडर का इस्तेमाल यदि तुलसी के पौधे में किया जाता गया, तो उस पौधे में कुछ समय में ही नई पत्तियां आने लगती है। आपको नीम का पाउडर तुलसी के पौधे की मिट्टी में अच्छी तरह मिलाना होता है, यह नीम का पाउडर एक उर्वरक की तरह कार्य करता है और पौधा फिर से पनपने लगता है।
इस पौधे को ऑक्सीजन के बेहद जरुरत पड़ती है
बारिश के मौसम में तुलसी के पौधे के गमले में या उसके आसपास पानी का जमाव हो जाता है। तो तुलसी की जड़े कमजोर पड़ने लगती है। जिस कारण से उसके पत्ते भी गिरने शुरू हो जाते हैं। ऐसा लगातार होने से एक समय ऐसा भीआता है की धीरे-धीरे तुलसी का पौधा सूख जाता है।
डॉ. इस स्थिति से निपटने के लिये बताते है कि पौधे से 15 सेंटीमीटर की दुरी से 20 सेंटीमीटर गहराई तक मिटटी खोदें। आप देख सकेंगे कि मिट्टी में अधिक मात्रा में नमी है, तो आप उसमे सुखी मिटटी और बालू भर दे। जिससे आपके पौधे की जड़ें वापस से मजबूत हो जाए और अच्छी तरह सांस ले सके।
धर्म-आस्था से जुडी चीज़ो के कारण भी पौधा मर सकता है
डॉक्टर बताते है कि लोगो की तुलसी के पौधे के प्रति धर्म और आस्था भी कभी कभी पौधे को सुखाने का कारण बन जाती है। यदि आप इस पौधे का पूजन करते है। तो अवश्य करे परन्तु ध्यान रखे की रोजाना तूलसी की पत्ती न तोड़ें।
दीपक और अगरबत्ती को पौधे की जड़ और पत्ती से दूर रखें। अगरबत्ती से निकलने वाला धुएं और तेल से मिटटी और पौधे को नुकसान होता है। इन आसान सी टिप्स को फॉलो कर आप अपने पौधे को स्वस्थ और हरा भरा रख सकती है।



