इस महिला की शादी 14 की उम्र में हुई और 18 की उम्र में बच्चे हुये, फिर इस तरह IPS अफसर बनी

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IPS Ambika
IPS officer N. Ambika Success Story. She was married to a police constable at the age of 14 and now She is DSP Officer.

Photo Credits: Social Media

Mumbai: व्‍यक्‍ति के जीवन मे बहुत से संकट आते है। लेकिन सफल वही होता है, जो इन संघर्षो से लड़कर जीत हासिल कर लेता है। अगर जीवन में कुछ हासिल करना हो तो कठिन परिस्थितियों का डट कर सामना करना जरूरी होता है। अन्‍यथा हम परिस्थितियों में ही उलझ कर रह जाते है।

आज की हमारी कहानी एक ऐसी लड़की है। जिनकी शादी सिर्फ 14 वर्ष की नाबालिक उम्र में हो गई थी। नाबालिक उम्र में शादी होने की वजह से उनके बच्‍चे भी सिर्फ 18 वर्ष की आयु में हो गये थे।

कम उम्र में शादी और कम उम्र में बच्‍चों की जिम्‍मेदारी सुनने में ऐसा लगता है, जैसे लड़की की जिंदगी यहां पर खत्‍म हो गई होगी। लेकिन ऐसा नहीं है हम जिसकी बात कर रहे है, वह आज सिविल सर्विसेज की परीक्षा को पास करके आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बन चुकी है। हम बात कर रहे है एन अंबिका (IPS N Ambika) की।

एन अंबिका, जिन्‍होंने अपने जीवन में संघर्षो का सामना करते हुए, सिविल सर्विसेज की परीक्षा (Civil Service Exam) में सफलता हासिल करने का सपना देखा और इस सपने को पूरा करने में अंबिका जी कामयाब भी रही। आखिर किस तरह अंबिका जी ने कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए इस पद को हासिल किया आइये जानते है।

अंबिका की शुरूआती जिंदगी कठिन परिस्थितियों में बीती

अंबिका का शुरूआती जीवन बहुत ही कठिनाइयों से भरा था। उनकी शादी 14 वर्ष में एक कॉन्‍स्‍टेबल से हो गई थी। कम उम्र में शादी होने के बाद अंबिका को लगा की वह शायद अब जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाएंगी और उनका जीवन घर गृहस्‍ती को सम्‍हालने में ही निकल जायेगा। सिर्फ 18 वर्ष में ही अंबिका जी मॉं बन गई थी।

लेकिन आज की बात की जाये, तो अंबिका लोगों के बीच लेडी सिंघम (Lady Singham) के नाम से जानी जाती है। आप सोच रहे होंगे कि आखिर किस तरह इतने कष्‍ट झेलने के बाद एक लड़की आईपीएस अधिकारी बनने में सफल हो गई। किस तरह उसके मन में इस परीक्षा में सफल होने का बिचार आया। अगर आपके मन में भी यही चल रहा है, तो हम यह जिज्ञासा दूर कर देते है।

पति को परेड करता देखकर आया विचार

एक बार अंबिका अपने पति (Husband) जोकि कॉन्‍सटेबल है, उनके साथ में परेड देखने चली गई थी। वहां उन्‍होंने देखा कि उनके पति बड़े अधिकारियों की आज्ञा से उनके सामने परेड में भाग ले रहे है। जब उनके पति परेड कर रहे थे। उस समय अंबिका बड़े अधिकारियों को देख रही थी।

उन्‍हें देखकर ही अंबिका के मन में कुछ बड़़ा करने का विचार आया। वहॉं से प्रेरणा लेकर अंबिका ने अपनी तैयारी शुरू कर दी। सबसे पहले अंबिका ने अपने पति को अपना गुरू बनाया। उन्‍होंने अपने पति से वह सब जानकारी ली, जो उच्‍च अधिकारी बनने के लिए जरूरी होता है। पति से इस विषय में जानकारी लेने के बाद अंबिका ने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी प्रारंभ कर दी।

दसवी की परीक्षा तक पास नहीं की थी अंबिका जी ने

जब अंबिका ने यूपीएसी की परीक्षा को हासिल करने का मन बनाया था। उस समय अंबिका जी ने दसवी तक पास नहीं की थी। जी हॉं आप यह जानकार अचंभित हो गये होंगे। पर यह बात बिल्‍कुल सच है। आईपीएस अधिकारी बनने का डिसिजन जब अंबिका ने लिया उस समय में दसवी की परीक्षा में भी नहीं बैठी थी।

यूपीएसी की परीक्षा (UPSC Exam) पास करने का डिसिजन लेने के बाद उन्‍होंने दसवी और बारहवी की परीक्षा दी। इस परीक्षा के बाद अंबिका ने स्‍नातक कोर्स में एडमिशन लिया। ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान ही अंबिका ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की।

पति ने दिया हर वक्‍त साथ

यूपीएससी की परीक्षा क्‍लीयर करने का सफर अंबिका के लिए इतना आसान नहीं था, जितना हमें लग रहा है। उन्‍होंने बहुत से कठिन हालातों का सामना किया तब जाकर वह सफल हो पाई। उनके इस कठिन सफर में एक व्‍यक्‍ति था, जो हर समय हर पल उनके साथ था। जिन्‍होंने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा जिनकी वजह से वह आईपीएस अधिकारी बन पाई है, वह व्‍यक्‍ति उनके पति है।

अंबिका के पति ने उनका हर पल साथ दिया। उन्‍होंने उनकी पढ़ाई में बहुत हेल्‍प की। यहॉं तक की यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्‍होंने अंबिका को चेन्‍नई तक भेज दिया। अंबिका के चेन्‍नई जाने के बाद उनके पति ने अकेले ही घर और बच्‍चों की जिम्‍मेदारी सम्‍हाली।

तीसरे प्रयास में पास की परीक्षा

यूपीएससी की परीक्षा पास करने में अंबिका जी पहले प्रयास में सफल नहीं रही। अंबिका ने 3 बार इस परीक्षा को दिया। तीसरे प्रयास के बाद वह इस परीक्षा को पास कर पाई। 2008 की यूपीएसी की परीक्षा में अंबिका सफल हुई और उन्‍हें डीजीपी की पोस्‍ट मिली। इसका पूरा श्रेय वह अपने पति को देती है। अंबिका के पति भी अपनी पत्‍नी की इस सफलता पर बहुत गर्वित महसूस करते है।

लेडी सिंघम नाम से है मशहूर

आज अंबिका मुंबई के जोन चार (Mumbai Zone 4) में जॉब करती है। वह वहॉं पर डीजीपी के पद (DSP Post) में है। अंबिका आज मुंबई के जोन 4 में लेडी सिंघम के नाम से पहचानी जाती है। अंबिका की सफलता बहुत ही प्रेरणा देने वाली है। उनकी कहानी सीख देती है, कि जीवन में कभी कुछ खतम नहीं होता।

हम जहॉं से शुरूआत कर दे, वही से सफलता के रास्‍ते खुल जाते है। हम उनकी इस मॉटीवेशनल कहानी को बता कर बहुत ही गर्व महशूस कर रहे है। उनकी सफलता के लिए हमारी टीम उन्‍हें बहुत बहुत बधाई देती है। उनका जीवन खुशहाली से भरा रहे यही हमारी कामना है।

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