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भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के उद्देश्य के साथ 27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन RSS की स्थापना हुई थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS परिवार में 80 से अधिक आनुषांगिक या समविचारी संगठन हैं। दुनिया के करीब 40 देशों में संघ सक्रिय रूप से काम कर रहा है। वर्तमान समय में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की 56 हजार 569 दैनिक शाखाएं लगती हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS का राजनीति से डायरेक्ट कोई रिलेशन नहीं है, लेकिन भारत में ये स्वयंसेवी संस्था ना केवल सामाजिक बल्कि राजनीति परिवेश में भी अहम जगह बनाई है। देश की सत्ता बनाने और खराब करने, बिगाड़ने की शक्ति RSS रखता है, यही कारण है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता हो या दिग्गज नेता हो और मोदी सरकार के मंत्री सभी संघ के आगे नतमस्तक दिखाई देते हैं।
देश भर में RSS विजयदशमी पर अपना स्थापना दिवस बहुत जश्न के साथ मनाया है। इस अवसर पर ये जानना आवश्यक है कि आखिर संघ की स्थापना कब हुई और कैसे हुई और किस प्रकार ये संगठन 9 दशकों बाद दुनिया के सबसे बड़े संगठन के रूप में स्वंय को स्थापित कर चुका है।
सभी मानकों में स्वनिर्भरता तथा देश में सबको रोजगार ऐसी शक्ति रखने वाले ही अन्तर्राष्ट्रीय व्यापारिक संबंध बना सकते हैं, बढ़ा सकते हैं तथा स्वयं सुरक्षित रहकर विश्वमानवता को भी एक सुरक्षित व निरामय भविष्य दे सकते हैं। – डॉ. मोहनजी भागवत #RSSVijayaDashami #संघ_विजयादशमी pic.twitter.com/TLpPeb2lUs
— RSS (@RSSorg) October 8, 2019
संघ की स्थापना केशव बलराम हेडगेवार के द्वारा की गई
दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना केशव बलराम हेडगेवार के द्वारा की गई थी। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के उद्देश्य के साथ 27 सितंबर 1925 को विजयदशमी के दिन RSS की स्थापना की गई थी। इस वर्ष विजयदशमी के दिन संघ ने अपनी स्थापना के 93 साल पूरे कर लिया है और 2025 में ये संगठन 100 वर्ष का हो जाएगा।
17 नागरिक के साथ मिलकर गोष्ठी में संघ की नीव राखी गई
महाराष्ट्र के नागपुर के अखाड़ों से तैयार हुआ संघ वर्तमान टाइम में विराट रूप धारण कर चुका है। संघ के पहले सरसंघचालक हेडगेवार ने अपने घर पर 17 नागरिक के साथ मिलकर गोष्ठी में संघ के गठन की प्लांनिग बनाई। इस मीटिंग में हेडगेवार के साथ भाउजी कावरे, बालाजी हुद्दार, विश्वनाथ केलकर, अण्णा साहने, बापूराव भेदी आदि लोग सम्लित थे।
For the last 9 decades, the Rashtriya Swayamsevak Sangh has been working for creating ekatmata (unity), sadbhavana (goodwill), sadacharan (good conduct) and sadvyavahar (good behaviour) in the society, and a clear vision and devotion towards the nation. #RSSVijayaDashami pic.twitter.com/FUkDhi5daj
— RSS (@RSSorg) October 8, 2019
हिन्दुओं को एकजुट करने के लिये बनाया था RSS
संघ की क्या क्रियाकलाप होंगी, संघ का क्या नाम होगा सब कुछ टाइम के साथ धीरे-धीरे निश्चित होता गया। उस समय हिंदुओं को केवल संगठित करने का मत था। संघ का नामकरण “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” 17 अप्रैल 1926 को हुआ। इसी दिन हेडगेवार को सर्वसम्मति से संघ का प्रमुख चयनित किया गया, लेकिन कुछ कारण वश वह सरसंघचालक नवंबर 1929 में बनाए गए।
RSS स्पष्ट रूप से हिंदू समाज को उसके संस्कृति और धर्म के आधार पर ताकतवर बनाने की बात करता है। संघ से बाहर निकलकर स्वयंसेवकों ने ही भाजपा को स्थापित किया। हर वर्ष विजयादशमी के दिन संघ स्थापना के साथ ही शस्त्र पूजन की परम्परा अदा की जाती है। सभी देश भर में पथ संचलन निकलते हैं। एक समय 25 स्वयंसेवकों से प्रारंभ हुआ संघ आज विशाल संगठन के रूप में स्थापित होकर नया रूप ले लिया है।




