पुलवामा में शहीद हुए वीर जवानों के घर के आंगन से मिट्टी इकठ्ठा कर पुलवामा में बनेगा स्मारक।

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Pulwama Statue
Shaheed Memorial Build In Pulwama From Every Martyred clay. Youth collects soil from bravehearts houses to build memorial on first anniversary of Pulwama incident. Umesh Jadhav, an artist and a resident of Aurangabad district in Maharashtra has started a unique work.





देश की रक्षा में भारतीय जवान अपने परिवार से दूर रहकर हम सबकी दुश्मनों से रक्षा करते है। आज हम जितना सुरक्षित महसूस करते है, वो सब उनकी ही मेहनत का परिणाम, जो दिन रात देश की सेवा में खड़े रहते है। देश की रक्षा में अपने प्राणों को भी खुशी खुशी न्यौछावर कर देते है। पुलवामा में शहीद हुए वीर सैनिकों की अमूल्य शहादत को सरकारें व प्रशासन याद ना रखे। लेकिन कुछ ऐसे नागरिक हैं, जो वीर सेनिको के बलिदान की गरिमा को बनाये रखने का अपना मिशन बना रहे हैं।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले उमेश गोपीनाथ जाधव पुलवामा में शहीदों का स्मारक बनाने के लिए उनके आंगन की मिट्टी एकत्रित करने के मिशन पर निकले हैं। उमेश की इस पहल को जब लोगो ने सुना तो उनका भरपूर समर्थन किया। जिसके चलते उन्होंने इस काम को करने की पहल शुरू कर दी है।

उमेश जाधव का बहुत ही सराहनीय कार्य

सबसे पहले उमेश जाधव पुलवामा हमले में शहीद हुए कांस्टेबल मनिंदर सिंह के घर दीनानगर पहुंचे। यहां शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की, शहीद मनिंदर के पिता सतपाल अत्री, बहन लवली, शहीद सिपाही कुलदीप कुमार के पिता बंत राम, शहीद सिपाही जितेन्द्र कुमार के पिता राजेश कुमार ने इस नई पहल का समर्थन करते हुए उमेश को गौरव सम्मान से सम्मानित किया।




जब शहीद मनिंदर के पिता सतपाल अत्री ने उमेश को घर के आंगन की मिट्टी से भरा कलश उमेश को सौपा तो वो अपने आंसू को रोक नही पाए। उमेश जाधव पिछले 16 वर्षों से बेंगलुरू में अपने जीवन का यापन कर रहे हैं। ये देखने मे विंग कमांडर अभिनंदन के जैसे दिखते है। 14 फरवरी को हुए पुलवामा में आतंकी के हमले से शहीद हुए जवानों को देखकर उमेश के दिल दिमाग मे ऐसी देशभक्ति उठ गई की उन्होंने प्रण लिया कि देश की सेवा में शहीद हुए जवानों का बलिदान व्यर्थ नही जाने देंगे।

हमले में शहीद हुए 40 जवानों के अतिरिक्त देश की सेवा में अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों के घर जाकर, उनके आंगन की मिट्टी को एकत्रित कर 14 फरवरी 2020 को पुलवामा हमले की प्रथम बरसी पर पुलवामा में स्मारक का निर्माण कर एक नई पहल का आगाज करेंगे। इस स्मारक की खास बात यह होगी कि इसको भारत के नक्शे जैसा आकर दिया जायेगा।

पुलवामा जवानों के घर से लाइ गई मिट्टी के कलश को सुशोभित करने की तैयारी

शहीद हुए देश के वीर जवानों के घर से लाये मिट्टी के कलश को सुशोभित किया जाएगा। इस स्मारक को देखने आया हर इंसान इस मिट्टी से अपने माथे पर तिलक कर सके। मीडिया से बात करते हुए उमेश ने बताया कि अब तक वह पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 वीर सैनिकों के अतिरिक्त 12 से अधिक अन्य शहीदों के परिवार के लोगों से भेंट कर चुके हैं।



सभी ने उनको इस पहल के लिए शुभकामनाएं देकर उनका सम्मान किया। उनके इस पहल का अंतिम अभियान अगले साल 9 अप्रैल को होगा। इससे पहले उमेश 14 फरवरी को पुलवामा हमले की प्रथम बरसी पर वह पुलवामा पहुंच कर भारत के नक्शे जैसा स्मारक को बनाने के काम का शुभारंभ कर देंगे। इस पहल में देश की कई संस्थान उनका भरपूर समर्थन कर रही है।

उमेश ने कहा की इस काम को करने के लिए में अकेला ही निकला हूँ। अपने लक्ष्य को जल्द पूरा करना है। शहीदों के घरों के आंगन से मिट्टी से भरे कलश को खुद अपनी गाड़ी में लेकर आगे बढ़ रहे है। उनकी गाड़ी में शहीदों के घर के आंगन की मिट्टी से भरे कलश रखे हुए हैं। उन्होंने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए गाड़ी के साथ साइकिल और मोटर साईकिल का इस्तेमाल किया है।

जिस शहीद के घर बड़ी गाड़ी नही पहुच पाती है वो वंहा मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करके उनके घर तक पहुच जाते है। रात को रुकने के लिए उमेश मंदिरों, गुरुद्वारों व धर्मशालाओं का सहारा लेते है। जब लोगो ने उमेश की नई पहल सुनी तो लोग उनकी तारीफ कर रहे है। बॉलीवुड हस्तियो ने भी उनकी तारीफ करते हुए शुभकामनाएं दी।


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