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Jamshedpur: अब भी देश में सबसे अच्छी नौकरी के तौर पर सरकारी नौकरी को ही चुना जाता है। सरकारी नौकरी में जॉब सिक्योरिटी रहती है और नौकरी जाने का भी कोई खतरा नहीं रहता। कुछ विशेष परिस्थिति में यह नौकरी परिवार के किसी सदस्य को ही मिल जाती है।
यह सुविधा प्राइवेट कंपनी में नहीं होती है। इसके उलट देश की एक कंपनी अब सरकारी नौकरी जैसी सुविधा देने का मन बना चुकी है। आने वाले दिनों में टाटा कंपनी में नौकरी करना भी किसी सरकारी नौकरी से काम ना होने वाला है।
टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों को एक बड़ी सुविधा दी है। अब टाटा स्टील के कर्मचारी तय की गई अवधि तक कंपनी में अपनी सेवा देने के बाद नौकरी अपनी संतानों और आश्रितों को भी ट्रांसफर (Job Transfer) कर सकेंगे। इसके लिए कंपनी ‘जॉब फॉर जॉब’ स्कीम (Job For Job Scheme) ला रही है।
टाटा स्टील की दोनों स्कीम से वर्कर्स की बल्ले बल्ले
अब टाटा स्टील कंपनी समय से पहले सेवानिवृत्ति (Retirement) लेने वालों या जॉब छोड़ने वालों को आकर्षक फायदे देने की स्कीम Early Separation Scheme (अर्ली सेपरेशन स्कीम) भी देने जा रही है। इन दोनों स्कीम को मिलाकर कंपनी ने इसे ‘सुनहरे भविष्य की योजना’ का नाम दिया है और इसे अब एक नवंबर से लागू किया जायेगा। बता दें की कंपनी के वर्कर्स एक साथ दोनों स्कीम का भी लाभ उठा सकेंगे।
कंपनी इसके लिए वर्कर्स के बीच अवेयरनेस प्रसारित कर रही है। मीडिया में बताता गया है की टाटा स्टील (Tata Steel) के ऑफिसियल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, जॉब फॉर जॉब स्कीम के तहत कर्मचारी अपने पुत्र, पुत्री, दामाद या किसी अन्य परिवार के सदस्य या आश्रित नामित कर अपनी नौकरी ट्रांसफर कर सकेंगे।
इन स्कीम का लाभ लेने वालो को ट्रैंनिंग पूरी करनी होगी
उस आश्रित की बहाली पहले प्रशिक्षु (Trainee) के तौर पर होगी। फिर ट्रेनिंग के बाद उन्हें एक परीक्षा देनी होगी। इसके बाद ही उनकी सेवा स्थायी हो पायेगी। परीक्षा में असफल आश्रित को नौकरी गवानी भी पढ़ जाएगी। मतलब थोड़ी काबिलियत तो रखनी ही पड़ेगी, जो जरुरी भी है।
इसके अंतर्गत आयु सीमा की निर्धारित की गई है
बताया गया है की कंपनी के स्थायी कर्मियों में 3500 कर्मी ऐसे हैं, जिनकी उम्र 52 साल से अधिक है। “Job For Job Scheme” के तहत आश्रित को अपनी नौकरी ट्रांसफर करने के लिए न्यूनतम 52 वर्ष की उम्र अनिवार्य होगी, जबकि “Early Separation Scheme” यानी इएसएस के तहत वैसे कर्मी फायदा उठा सकेंगे, जिनकी उम्र कम से कम 45 वर्ष है।
इएसएस (ESS) लेने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति की आयु सीमा तक बेसिक-DA की रकम, मेडिकल सुविधा और इएसएस लेने के 6 साल बाद तक या 58 साल की उम्र तक, जो पहले की अवधि होगी, क्वार्टर की सुविधा मिलती रहेगी।
बता दें की इन दोनों स्कीम (Tata Steel Both Schemes) का एक साथ लाभ लेने वाले वर्कर्स की न्यूनतम उम्र की सीमा 50 वर्ष तय की गयी है। किसी कर्मचारी की उम्र 50 वर्ष है और इएसएस और जॉब फॉर जॉब दोनों का फायदा लेना चाहता है, तो उसे आवेदन करते वक़्त फॉर्म में स्विच ओवर (Switch Over) के ऑप्शन को टिक करना होगा। ऐसे कर्मचारी को 55 वर्ष तक वर्तमान बेसिक-डीए की कुल राशि मिलती रहेगी।
ESS And Job For Job Scheme Will Start In Tata Steel From November 1 pic.twitter.com/yxIOMwRnlq
— Tatanagarlive (@tatanagarlive) October 20, 2021
55 वर्ष के बाद नामित आश्रित को जॉब फॉर जॉब के लिए टाटा स्टील में आवेदन करना होगा। वर्कर को 60 वर्ष की उम्र अर्थात रिटायरमेंट तक 13 हजार प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। केवल जॉब फॉर जॉब का लाभ लेने के लिए कर्मचारी की उम्र 52 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है, तो वही 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारी ESS का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह पहल टाटा स्टील के वर्कर्स (Tata Steel employees) के लिए किसी सरकारी नौकरी की तरह अनुभव करवाने वाली है।




