कॉस्टेबल ने IPS बन रची कहानी, जिसे बोलते रहे सर, वही सलाम करते हैं

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Delhi Police Constable Firoz Alam clears UPSC exam against all odds. From constable to ACP The inspiring journey of IPS officer Firoz Alam.

Photo Credits: Twitter

Delhi: कई फिल्मों में दिखाई जाने वाली बातों का सच्चाई से कम ही आंका जाता है, लेकिन कई बार फिल्मों में दिखाई गई बातें सच भी हो जाती हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही दिखाई दिया है, दिल्ली पुलिस से प्रभावित Amazon की वेब सीरीज में जिस तरह से एक छोटे रैंक वाला पुलिसकर्मी सिविल सेवा परीक्षा पास करके IPS बनता है, उसी तरह दिल्ली पुलिस में 11 साल पहले हेड कॉन्स्टेबल के तौर पर भर्ती होने वाले फिरोज आलम सिविल सेवा परीक्षा पास कर IPS बने और अब दिल्ली पुलिस में ही ACP बन अपने पद पर पदस्थ हैं।

दिल्ली पुलिस में DCP के पद पर तैनात IPS हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिरोज आलम दिल्ली पुलिस में ACP के तौर पर नियुक्त होने जा रहे हैं और उनका प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। फिरोज आलम ने पिछले साल IAS की परीक्षा पास की थी और उस समय वे दिल्ली पुलिस PCR यूनिट में पदस्थ थे। सिविल सेवा परीक्षा में उनको 645वां पोजिशन मिली थी।

किसी दफ्तर में सबसे छोटे पद पर काम कर रहा व्यक्ति एक दिन मेहनत कर उसी ऑफिस का सबसे बड़ा पद अपने नाम कर ले। ऐसा फिल्मों में तो आपने देखा होगा लेकिन दिल्ली पुलिस में 10 साल कॉन्स्टेबल रहे Feroz alam उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से ऐसी ही एक कहानी को सही सावित कर दिया है।

दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल रहे फिरोज ने UPSC की परीक्षा उत्तीर्ण की और अब वे दिल्ली पुलिस में ही ACP असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस बन गए हैं। फिरोज ने अपनी जॉब के दौरान 10 साल के बाद देश की सबसे अधिक कठिन परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार किया। एक IPS अधिकारी बनकर।

फिरोज आलम ने दिल्ली पुलिस में बतौर हेड कॉन्स्टेबल Join किया था। उन्होंने 2019 यूपीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। अब उनकी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई। फिरोज को IAS अधिकारी प्रियंका शुक्ला ने भी बधाई दी है। जिन अफसरों को वह सर कहा करते थे आज वही अफसर उन्हें सलाम कर रहे हैं।

फिरोज आलम की कहानी किसी फिल्मी से कम नही है, फिरोज आलम दसवीं में 51% अंक प्राप्त कर पाए थे। और इसके अगले ही साल 11वीं की परीक्षा में सफल नही हो पाए। फिरोज ने 12वीं की कक्षा 58% प्रतिशत अंकों से सफल की थी।

फिरोज आलम का परिवार उत्तर प्रदेश के हापुड़ का रहने वाला है। वह दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के बाद फिलहाल राजधानी में ही रह रहे थे। फिरोज ने अपनी सफलता के लिए क्रेडिट दिल्ली के पांडव नगर थाने में तैनात इंस्पेक्टर मनीष यादव को दिया है। फ़िरोज ने कई बार यह परीक्षा पास करने की कोशिश की लेकिन उन्हें हर बार निराश ही हाथ लगी। लेकिन साल 2019 में फिरोज ने UPSC की एग्जाम पास किया। यह उनकी 6 कोशिश थी।

फ़िरोज बताते हैं की, 31 मार्च साल 2021 बतौर कॉन्स्टेबल उनका आखिरी दिन था। उसके अगले दिन वह कंधों पर सितारों वाली वर्दी के साथ SP के तौर पर दिल्ली पुलिस बल में पदस्थ थे। फिरोज बताते हैं कि पहले वही साथी कॉन्स्टेबल उन्हें भाई कहकर के बुलाते थे और अब उनके पास खड़े होकर सब उन्हें सलाम सर बोलते हैं।

फिरोज बताते हैं कि जब कई बार प्रयास करने के बाद भी कामयाबी नहीं मिली तो उनका हौसला टूटने लगा था। लेकिन इसी दौरान उनके साथी कॉन्स्टेबल विजय कुमार गुर्जर ने UPSC की परीक्षा पास की और आईपीएस कैडर में पहुंचे हैं। इस बात से एक बार फ़िरोज कि हौसले में जान आ गई और उन्होंने फिर पूरी मेहनत से तैयारी करना प्रारंभ कर दी। इसके बाद साल 2019 में फिरोज ने UPSC की परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार किया।

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