
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पहले शिया वक्फ बोर्ड ने सभी समारोह पर तत्काल पाबंदी लगा दी है। उत्तरप्रदेश के सभी जिलों में धारा-144 लागू हो गई है, हर जिले में सुरक्षाबल तैनात हैं। मंगलवार से अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा प्रारंभ हैं। इसके बाद 5 कोसी परिक्रमा और पूर्णिमा स्नान पर लाखों की संख्या में लोग आएंगे।
चीफ जस्टिस गोगोई का 17 नवंबर को रिटायरमेन्ट हैं, उससे पहले अयोध्या पर आना है निर्णय। अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने वाले सात कार्यदिवसों के अंदर आ सकता है। मुख्य वजह यह है कि उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायरमेंट हो रहे हैं। ऐसे में उनके कार्यकाल के बस सात कार्यदिवस ही बचे हैं।
अनुमान लगाया जा रहा है कि सुनवाई कर रही पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ इन्हीं दिनों में निर्णय सुना सकती है। केंद्र सरकार ने इस निर्णय के को देखते हुए कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए केंद्रीय शस्त्र पुलिस बल के करीब चार हजार जवानों को उत्तर प्रदेश रवाना कर दिया है। यह पुलिस बल 18 नवंबर तक राज्य में तैनात रहेगी।
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले सोमवार को ही इस संबंध में निर्णय लिया है। जिसमें मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से पैरामिलिट्री फोर्स की पंद्रह कंपनियों को भेजने की रजामंदी दी। मंत्रालय के आदेश के अनुसार पैरा मिलिट्री फोर्स की 15 कंपनियों के अतिरिक्त BSF, RAF, CISF, ITBP और SSB की तीन-तीन कंपनियां भेजने को भी रजामंदी दी गई है।
Ayodhya SSP Ashish Tiwari on Ayodhya case: Elaborate deployment,intelligence network&confidence-building measures are in place.We've launched mobile application connecting 16,000 volunteers in 1,600 villages,10 volunteers each.We're also actively refuting rumours on social media. pic.twitter.com/fr1vq2NUon
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) November 6, 2019
खबरों के मुताबिक निर्णय से पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सुरक्षा-व्यवस्था को मजबूत करने ध्यान दिया है। पूरे राज्य में धारा-144 लागू हो गई है। सांप्रदायिक सद्भाव और शांति बनाए रखने के लिए अलग-अलग जिलों में मंदिरों और मस्जिदों से धार्मिक संगठन और समिति अमन-शांति की अपील भी कर रही हैं। मेरठ में भी रविवार को करीब छह मस्जिदों से शांति बनाए रखने की घोषणा की गई।
दारूल उलूम देवबंद उलेमा की आइमा संस्था ने भी जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने पदाधिकारियों को संयम से काम लेने और टिप्पणी से बचने पर जोर दिया है। सोमवार को उत्तरप्रदेश के सभी जिलों के खुफिया और अन्य अधिकारियों की लखनऊ में मीटिंग हुई।
अयोध्या मामले में निर्णय आने से पहले शिया वक्फ बोर्ड ने सभी वक्फ संपत्तियों पर होने वाले आयोजनों पर पाबंदी लगा दी है। UP शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने वक्फ बोर्ड की इमामबाड़ा मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाह, मजार, कार्यालय जैसे स्थनों पर अयोध्या मामले को लेकर किसी तरह का भटकाऊ भाषण नहीं करने का निर्देश दिया है। आदेश जारी करते हुए कहा है की यदि कोई आदेश का पालन नही करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। आदेश की प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पहुचाई जाएगी।




