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Delhi: अब यह बात ऑस्ट्रेलिया भी भली भांति जान गया है की चीन ने उसके साथ विश्वासघात किया है। इसके बावजूत चीन छह रहा है कि ऑस्ट्रेलिया सब कुछ भूलकर उसकी हाँ में हाँ मिलाये। परन्तु ऑस्ट्रेलिया अब चीन की एक भी सुनने को राज़ी नहीं है। चीन की ऑस्ट्रेलिया को चेतावनी के बाद अब ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन के उलटी चेतावनी दे दी है।
खबर के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने चीन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए चीन के खिलाफ कोरोनोवायरस की उत्पत्ति की जांच को पूरी तरह से उचित करार दिया है। अब इसे में अमेरिका को ही चीन पर दवाब बनाने का मौका मिल गया है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री बुधवार को मॉरिसन ने कहा था कि उनकी सरकार “निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी, जो उचित होगा। उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा वायरस है, जिसने दुनिया भर में 200,000 से अधिक लोगों के प्राण ले लिए है।” इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंद कर दिया है। इस वायरस का प्रभाव असाधारण हैं।” ऐसे में बी चीन को उसी की भाषा में सॉलिड जवाब मिला है।
ऑस्ट्रेलिया PM ने आगे कहा कि, “अब पूरी दुनिया यह जानना चाह रही है कि यह महामारी वास्तव में कहाँ से और कैसे आई है, जिससे हम सबक सीख सके और फिर भविष्य में इसे होने से रोक सकते हैं।” अब जानना अब जरुरी भी हो गया है।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के कोरोना वायरस को लेकर स्वतंत्र जांच की बात कही थी जिससे चीन काफी बुरी तरह बौखला गया है, और अब वे ऑस्ट्रेलिया को खुलेआम धमकी देने लगा है। चीन ने ऑस्ट्रेलिया को धमकी दी थी कि यदि उसने चीन विरोधी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रखा तो फिर चीन उसका आर्थिक बहिष्कार भी कर सकता है।
Australia rejects Chinese 'economic coercion' threat amid planned coronavirus probe https://t.co/puheyPSpD6 pic.twitter.com/gyYG7F9UWk
— Reuters (@Reuters) April 27, 2020
आपको बता दे की चीनी राजदूत ने हाल ही में कहा था की चीनी जनता ऑस्ट्रेलिया के व्यवहार से काफी नाराज़ है। जनता का मूड चीन में ख़राब होता जा रहा है। ऐसे देश हम क्यों जाएं, जो हमारा मित्र ही ना बन सके। ऑस्ट्रेलिया के कोरोना वायरस को लेकर स्वतंत्र जांच की बात कही थी, जिससे चीन काफी नाराज़ हुआ था।
चीन यह कह रहा की चीन की जनता ऑस्ट्रेलिया के बयान इ नाराज़ है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में चीन विरोधी भावना इतनी बढ़ गयी है कि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री यहाँ तक कह चुके हैं कि वुहान वायरस की उत्पति के लिए स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने चीन के खिलाफ एक स्वतंत्र जांच की मांग की है, जिसमें कोरोना वायरस की उत्पत्ति और इसके कहर से निपटने के तरीकों की जांच हो सके।
Australia defies China and renews calls for coronavirus inquiry https://t.co/d4ddSFdoVm
— FT China (@ftchina) April 29, 2020
उधर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना फैलाने के लिए एक बार फिर चीन को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने दावा किया है कि चीन के वुहान लैब (Wuhan Lab) से ही कोरोना वायरस निकला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को चीन पर नए टैरिफ की चेतावनी भी दी है। उन्होंने दावा किया है कि वुहान के शहर से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई और उनके पास इसके सबूत भी हैं।
जब प्रेस कांफ्रेंस में उनसे पूछा गया कि क्या आपने ऐसा कुछ देखा है या आपके पास ऐसे कोई सबूत हैं, जिसके बल पर आप इतने यकीन के साथ कह सकते हैं कि चीन के वुहान से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई। तो इस सवाल जवाब में डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, “हां, मेरे पास हैं। इसका मतलब है की ट्रम्प अब चीन को घेरने से पीछे नहीं हटने वाले हैं।
दुनिया में महामारी कोरोना महामारी ने कहर बरपा रखा है। इस वायरस से जान गवाने वालों की संख्या 2 लाख 28 हजार से ज्यादा हो गई है और संक्रमितों की संख्या 32 लाख 20 हजार को पार कर गई है। जबकि 10 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में प्राण गवाने वालों की संख्या 61 हजार को पार कर गई है और 10 लाख 64 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।
कोरोना महामारी की वजह से अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2000 लोगों के प्राण जा चुके है, यहां अब तक 62,000 से अधिक लोगों को पाने गवानी पड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से चीन और WHO को घेरा है। अब पूरी दुनिया ने चीन को अलग थलग कर दिया है सके बाद भी चीन अपने अड़ियल रवैये से बाज़ नहीं आ रहा है।



