8 साल की बच्ची ने बनाया विश्व रिकॉर्ड सिक्स पैक और, विराट कोहली करवा रहे हैं ओलंपिक के लिए अभ्यास।

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बड़े से लेकर बच्चे भी अपना टेलेंट दिखाने में पीछे नही है। बच्चों ने भी अपने टेलेंट से लोगो का दिल जीता है। हर कोई बच्चों को सपोर्ट करने के लिए आगे आते है। ऐसा ही कुछ 8 साल की बच्ची पूजा विश्नोई ने कर दिखाया जिसके लोग दीवाने हो गये है। बॉलीवुड के बादशाह से लेकर भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी उनको कामयाबी की शुभकामनाएं दी। शुभकामनाओ के साथ उनको आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।

खेलों में बड़ी उपलब्धियों के कारण आज भारतीय युवा सर्वेश्रेष्ठ एथलीटों की बीच अपने नाम का परचम लहरा रहे है। उन्ही सर्वश्रेष्ठ में एक है पूजा विश्नोई उतनी छोटी उम्र में पूजा बिश्नोई युवा एथलीटों की सूची में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गई है। जोधपुर के एक छोटे से गांव में रहती है पूजा।

पूजा ने अंडर-10 एज कैटगरी में महज 12:50 मिनट में 3 किमी की दूरी तय करते हुए एक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। मौजूदा समय में पूजा को विराट कोहली फाउंडेशन की ओर से सहायता राशि मिल रही है। फाउंडेशन प्रशिक्षण, यात्रा, पोषण आदि के अपने के लिए सहायता राशि प्रदान करती है। पूजा अपने मामा और कोच श्रवण बुड़िया को अपनी प्रेरणा मानती है।

पूजा के बारे में किस को यकीन नही होता है कि उन्होंने इतने कम समय मे एक विश्व रिकॉर्ड बना लिया है। 8 साल की उम्र में पूजा ने सिक्स-पैक एब्स बना लिए हैं। पूजा ऐसा करने वाली एशिया की पहली और सबसे कम उम्र की लड़की बन गई है। इसके लिए उन्होंने 4 साल की उम्र से ही अभ्यास करना प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने ने इसके लिए बहुत मेहनत की है।

लोग 3 बजे रातो को गहरी नींद लिया करते है, तब पूजा अपनी प्रैक्टिस शुरू कर देती थी। अपना अभ्यास को समाप्त कर वह 7 बजे स्कूल जाती है, वहीं स्कूल से आने के बाद रनिंग की भी प्रैक्टिस करती है। जहां 8 साल के बच्चे नए-नए खेल खेलने में बिजी रहते हैं लेकिन पूजा उन सबसे हटकर है उनके अंदर रनिंग का जुनून और सिक्स पैक एब्स बनाने के लिए दिन-रात एक कर रही है।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली पूजा के बारे में बताते है की “एक छोटे से गांव से आने वाली लड़की के लिए ये एक सपने के सच होने जैसा लगता है और सच्ची मेहनत करके ही पूजा यहां तक पहुंची है।” हम सबको इतनी कम उम्र की बच्ची पर गर्व होना चाहिए। सभी के लिए प्रेरणा का मार्ग बन गई है पूजा।

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