उत्तराखंड की सबसे शानदार जगहों में से एक वह यह भी है, यहाँ आके सड़कें खत्म हो जाती और मन प्रसन्न

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Askot in Uttarakhand
Askot WhereThe End of the Road But Mind Travel. Uttarakhand's one of the most beautiful tourist place is Askot Pithoragarh.

Indore: घूमना फिरना किसको पसंद नहीं होता हर व्यक्ति चाहता है कि वे पूरा वर्ल्ड घूम सकें, परंतु ऐसा संभव नहीं होता, परंतु कुछ लोग असंभव को संभव भी कर दिखाते हैं, जो व्यक्ति घूमने-फिरने का शौकीन होता है, तो वह व्यक्ति हमेशा नई जगहों की रिसर्च करते रहता है और वहां जाकर हर उन चीजों को अपने साथ समेटे हुए लाता है, जिस के लिए वह फेमस होती है।

घूमने के शौकीन लोगों के लिए ना पहाड़ की चढ़ाई कठिन होती है और ना ही रेगिस्तान की रेत में चलना घुमक्कड़ तो ऐसे भी होते हैं, जो समुद्र की सतह में क्या है, इसका भी पता लगा देते हैं। ऐसे व्यक्तियों से उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में छुपा हुआ अस्कोट कैसे छूट जाता है। जो भी अस्कोट के बारे में नहीं जानता उसके लिए यह लेख काफी उपयोगी साबित होने वाला है, तो आइए जाने विस्तार से।

अस्कोट की संक्षिप्त जानकारी (Info About Askot)

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली तहसील डीडीहाट में अस्कोट नाम की एक प्रसिद्ध जगह है, जोकि अपनी सुंदरता के लिए लोगों के बीच काफी चर्चित है। अस्कोट का वास्तविक अर्थ 80 किले है जो पहले के समय में हुआ करते थे।

वर्तमान समय में अस्कोट में केवल 80 किलो के अवशेष ही रह गए हैं। अस्कोट कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुरुआती पॉइंट है। इसके आड़े टेड़ा रास्ता ऊंचे ऊंचे पहाड़ काफी खूबसूरत नजर आता है।

अस्कोट के खूबसूरत नजारे और अस्कोट की सड़कों पर यात्रा करना एक अलग ही अनुभव देता है। यहां का वाटरफॉल लोगों को एक अलग ही एहसास देता है। यहां की प्रसिद्ध जगह पंचुली और चिपलकोट देखने में ऐसे लगते हैं मानो पहाड़ों की गोद में बसे हो।

कौन सी जगह है देखने के योग्य

अस्कोट सेंचुरी (Askot Sanctuary)

वर्ष 1986 में अस्कोट सेंचुरी की स्थापना उत्तराखंड के अस्कोट में हुई थी। यह जगह बर्फीली पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जहां पर कई तरह के जीव जंतु मिलती हैं। जीव जंतुओं के प्रति रुचि रखने वाले व्यक्ति इस जगह पर जरूर जाएं।

इस जगह को खासतौर पर कस्तूरी हिरण की रक्षा के लिए बनाया गया है, धोली और इकली नदी के साथ गोरी गंगा भी इसी सेंचुरी के बीचो-बीच जहां पर देवदार बैतूल के वृक्ष लगे हैं, वहां से होते हुए गुजरती है। यह सेंचुरी घूमने के लिए बेहतरीन है।

जौलजीबी

उत्तराखंड के अस्कोट क्षेत्र से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर जौलजीबी नाम का एक दर्शनीय स्थल स्थापित है, यहां की खास बात यह है कि यह गोरी गंगा और काली गंगा का संगम स्थल है और कल-कल करती नदियां पहाड़ों के बीच की शांति आपको एक अलग सुकून प्रदान करेगी।

पहाड़ों में बसी इलाके अपने आप में ही एक दर्शनीय स्थल होते हैं, जो सुकून और शांति के लिए काफी फेमस होते हैं। इन्हीं में से एक जौलजीबी भी है, जो अपनी खासियत लिए जाना जाता है।

नारायण स्वामी जी का आश्रम

वर्ष 1936 में श्री नारायण स्वामी जी के द्वारा स्थापित आश्रम अस्कोट का सबसे प्रसिद्ध आश्रम है। यहां पर लोग आकर शांति का अनुभव करते हैं, दरअसल श्री नारायण स्वामी जी के द्वारा स्थापित अस्कोट का आश्रम यहां की मुख्य ब्रांच है।

श्री नारायण स्वामी जी का आश्रम कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होता है इस आश्रम में कई तरह की आध्यात्मिक वर्कशॉप का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें लोगों को काफी कुछ सीखने मिलता है।

ठहरने की क्या व्यवस्थाएं होती है (Stay Service In Askot)

अस्कोट एक ऐसी जगह है, जहां पर कोई बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल और रिसॉर्ट नहीं होते, यहां पर फॉरेस्ट के द्वारा रेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है, जहां पर आप बुकिंग करेंगे, तो आपको दो कमरों के साथ एक केयर टेकर भी दी जाती है, जो आपकी सभी कंफ्यूजन को दूर करके आपको कंफर्टेबल होकर व्यवस्थित होने के लिए गाइड करती है।

आपको अस्कोट के अंदर गेस्ट हाउस के अलावा कुछ साधारण से होटल भी मिलते हैं, जहां पर आप कम पैसों में बेहतरीन और सुरक्षित कमरा बुक कर सकते हैं। आप चाहे तो अस्कोट के हवाई अड्डे पर बने होटल पर भी कम खर्चे पर अच्छा कमरा बुक कर सकते हैं।

कब और कैसे जाएं अस्कोट (When And How To Go Askot)

बरसात को छोड़कर गर्मी और सर्दी का मौसम अस्कोट की यात्रा के लिए बेहतरीन होता है। जब देश के कुछ इलाकों में गर्मी होती है। उस समय इन पहाड़ी इलाकों में मौसम काफी हसीन होता है और सर्दियों के मौसम में भी आप यहां आकर स्नोफॉल का आनंद ले सकते हैं।

परंतु आप वाइल्डलाइफ देखने में असमर्थ होंगे, इसीलिए सबसे बेस्ट मौसम गर्मी का होता है। इस इलाके के लिए। अस्कोट उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बसा हुआ है, इसीलिए यहां पर आप ट्रेन मार्ग से या सड़क मार्ग से बसों के द्वारा पहुंच सकते हैं, यहां पर हवाई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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