
समुदाय विशेष की महिलाओं के लिए बहुत खुशी की बात है कि PM मोदी सरकार ने महिलाओं को तीन तलाक से आजाद कर दिया है और आज अल्पसंखयक बच्चियों के लिए बड़ी गुड न्यूज लेकर आई है। मोदी सरकार अल्पसंखयक लड़कियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भी कई अहम कफम उठा रही है। जिससे वे पढ़ें-लिखें और अन्य क्षेत्रों में सभी महिलाओं की तरह समाज में अपना स्थान बना सके।
अभी अल्पसंखयक में महिला शिक्षा को लेकर उतना जोर नहीं दिया जाता है। मोदी सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल में ढ़ाई करोड़ अल्पसंखयक बेटियों को शिक्षा के लिए ‘प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति’ देने का ऐलान किया है। मोदी सरकार हर साल 50 लाख बेटियों की किस्मत संवारने के लिए पैसा डायरेक्ट उनके Bank अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार हर स्क्रीम में स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम 30 फीसदी सीटें सुरक्षित रखी गई हैं।
स्टूडेंट्स लाभार्थियों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा है। इसका मुनाफा लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बना दिया गया है। बारहवीं से पूर्व स्कॉलरशिप स्क्रीम सरकारी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में पढ़ने वाली उन अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स को मिलेगी जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से ज्यादा न हो और उसने पिछली क्लास में कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल किए हों।
बारहवीं के बाद छात्रवृत्ति स्क्रीम यह स्कॉलरशिप सरकारी व मान्यता प्राप्त विद्यालय/कॉलेजों, संस्थानों में 11वीं से PHD लेवल तक पढ़ रहीं अल्पसंख्यक छात्राओं को प्राप्त होगी। परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से ज्यादा न हो। छात्रा ने पिछली क्लास में कम से कम 50 प्रतिशत नंबर प्राप्त किये हों।
ग्रेजुएशन और स्नातकोत्तर के लिए ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा के लिए पैसा दिया जाता है। इसमें परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा न हो और पिछली कक्षा में नंबर कम से कम 50 प्रतिशत प्राप्त किये हों।
खबरो के मुताविक मौलाना आजाद फाउंडेशन टैलेंटेड अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इसके अंतर्गत सरकार ने अब तक 5,89,838 छात्राओं को पैसा दिया गया है।
51 हजार रुपये का शादी शगुन बेगम हजरत महल राष्ट्रीय स्कालरशिप ले चुकीं मुस्लिम छात्रों को वैवाहिक शगुन के रूप में 51,000 रुपये प्रदान किये जा रहे हैं। इस स्क्रीम के मुनाफा के लिए बेटियां ग्रेजुएशन की डिग्री के बाद प्राप्त कर सकेगी। इस प्लाइनिंग का उद्देश्य अल्पसंख्यक बेटियों का स्कूल जाना और उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करना है।



