
Nawada: देश का युवा हो या फिर युवती आज के समय में हर किसी को रोजगार की जरूरत है हर कोई चाहता है की वे पढ़ लिख कर अपना अच्छा भविष्य बनाए और अपने माता पिता का नाम रोशन करे। आपको जान कर खुशी होगी की देश में अब महिला और बेटियां पुरुषो से कई कदम आगे है। वे अब हर वो काम कर रही है जो वर्षो से एक पुरुष करते आ रहा है। भारत की आर्मी से लेकर राजनीति, शिक्षा, खेल, हर क्षेत्र में महिला ने अपना स्थान स्वयं बनाया है।
प्राचीन समय में महिला को सिर्फ घर तक ही सीमित रखा जाता था, उन्हे पुरषों से हमेशा कमजोर बताया जाता था। महिला को प्रारंभ से ही एक अवसर की तलाश रही और जब उसे वो अवसर मिला तो आज दुनिया की तस्वीर बदल गई है। आज की बेटियों को वर्दी का शौक है, वे आईएएस, आईपीएस, इंस्पेक्टर, दरोगा जैसी नोकरियो के लिए दिन रात एक कर मेहनत कर रही है।
कई नारियों ने अपना सपना पूरा भी कर लिया है और कई अभी संघर्ष कर रही है। इसी बीच एक खबर मिली जिसके अनुसार बिहार राज्य के एक छोटे से दुकान चालक (Small Shop Keeper) की दो बेटियों ने एक साथ दरोगा का पेपर पास किया है, तो आइए जानते है विस्तार से।
बिहार ने किया दरोगा का परिणाम घोषित
देश में ऑल इंडिया लेवल के साथ राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा भी रोजगार दिया जाता है, राज्य सरकार भी अपने तरफ से कई तरह की नोकरी मुहैया कराता है आपको बता दें बीते दिनों बिहार सरकार ने भी दारोगा की परीक्षा आयोजित कराई थी जिसका परिणाम कुछ दिनों पूर्व हो घोषित हुआ है।
इस घोषणा के बाद बिहार की दो बहिनों ने तो कमाल ही कर दिया। ये बहने सभी के लिए प्रेरणा बन गई है, आपको बता दें बिहार के नवादा (Nawada) जिले की दो बेटियां जिनके पिता एक छोटी सी दुकान चलाते है उन्होंने एक साथ दारोगा बनकर अपने माता-पिता और अपने पूरे परिवार का नाम ऊंचा कर दिया।
बेटी बोली मेरा सपना पूरा हुआ
नवादा जिले के पकरीबरावां कस्बे में रहने वाला मदन साव (Madan Shaw) का परिवार में उनकी पत्नी रेखा देवी और दो बेटियां पूजा कुमारी एवं प्रिया कुमारी (Sisters Pooja Kumari And Priya Kumari) है। उनकी बेटिया बिहार दारोगा की परीक्षा में एक साथ कामयाब हुई हैं।
इनका परिवार काफी गरीब परिस्थितियों से गुजर रहा था, मदन साव छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। साथ में अपनी बेटियों की पढ़ाई का खर्च भी इसी से निकालते थे। जब उन्हे अपनी बेटियो का रिजल्ट पता चला तो वे खुशी फूल गए। बेटियां कहती है की उनका सपना पूरा हो गया।
बचपन से था वर्दी का शौक
उन दो बेटियां के पिता का नाम मदन साव है और उन बेटियो का नाम पूजा एवं प्रिया है, वे बताती है कि उन्होंने बचपन से ही पुलिस में जाने का सोच लिया था और अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कर बिहार पुलिस (Bihar Police) की तैयारी में लग गई। उनका सपना बिहार का सब इंस्पेक्टर बनना हैं।
दोनों बहने एक साथ पेपर और फिजिकल दोनो की तैयारी करती थीं। परिक्षा के बाद जेसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, तो उन बेटियो के साथ उनके परिवार का चहरा भी खुशी से खिल उठा। दोनो बहने एक साथ दरोगा बन गई जिससे पूरा परिवार खुश है।
सेल्फ स्टडी और ग्रुप स्टडी कर सफलता हासिल की
पूजा बताती है कि उन्होंने पहले प्रयास में ही सफलता पा ली। जबकि उसकी बहन प्रिया ने दूसरी बार पेपर दिया है। दोनों बहनो ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उनके गाँव पकरीबरावां से पूर्ण की हैं। गांव के स्कूलो में केवल दसवीं तक की कक्षाएं है।
उन्होंने अपनी दसवीं की पढ़ाई पूर्ण कर कृषक महाविद्यालय धेवहा से बारहवीं और स्नातक की पढ़ाई पूर्ण की। दुकान चालक पिता ने अपनी छोटी सी आय से अपनी बेटियों का भरपूर सहयोग किया। पूजा और प्रिया कहती है की उन्हे सेल्फ स्टडी और ग्रुप स्टडी करने पर यह सफलता मिली है।



