
Allahabad: इस दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं है। अगर मन में ठान लिया तो असंभव भी संभव हो जाता है। मेहनत, जज्बा, कड़ी मेहनत यह सब ऐसी चीज है जोकि आसमान में भी सुराख कर देती है। अक्सर ही ऐसे एक्जांपल हमें आस पास देखने मिल जाते है, जिसे देखने के बाद में हमें यह एहसास हो जाता है कि परिश्रम, लगन हर कठिनाई दूर कर देती है।
जीवन का लक्ष्य हासिल करने में यह चीजे की सबसे आगे रहती है। जिसने इन शब्दो से गहरा संबंध स्थापित कर लिया वह सफलता प्राप्त कर ही लेता है। आज की हमारी कहानी एक जूनूनी अपने शौक को पूरा करने वाले वाले व्यक्ति की है।
इस व्यक्ति का शौक दूसरे से काफी हटके था। इसे पूरी दुनिया में घूमना था। जिसके लिये इस व्यक्ति ने पैसे पानी की तरह नही बहाए, बल्कि अलग तरीके से इसे पूरा किया। आइये इस कहानी को विस्तार से जानते है।
जिस शख्स की हम बात कर रहे है, उसने इलाहाबाद तकनीकी महाविद्यायलय से अपना एमबीए तथा एमसीए की पढ़ाई पूरी की है। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद में अपने देश घूमने की इच्छा को शख्स ने बिना कोई पैसे खर्च किये किया।
जिसकी हम बात करे रहे है उसका नाम अंश मिश्रा (Ansh Mishra) है। जो अब 28 साल के है। जिसने हमारे देश के पूरे 29 राज्य तथा 4 केन्द्र शासित प्रदेश की यात्रा की है। यह यात्रा पूरी करने के बाद में अंश अब अपने अंतिम शहर के पडाव पहुँच गये है। अब वह जगदलपुर आ चुके है। यह भ्रमण अंश ने पूरे 250 दिन में किया है।
अंश ने अपने इस भ्रमण की शुरूआत 3 फरवरी सन 2017 से की थी। जिसमें उन्होने अपने पैसे खर्च नहीं किये बल्कि इस भ्रमण को अंश ने लोगो से वाहन की लिफ्ट लेकर तथा चालक व लोगो की हेल्प प्राप्त करके की। लोगो की मदद से ही अंश को सफर में भोजन तथा यहॉं वहा जाने के लिये साधन मिला।
अंश की यह यात्रा करने का उद्देश्य 3 था। उनका पहला मकसद यह था कि वह लोगो को यह बता सके की अगर मन में आपके कोई इच्छा है, तो जरूरी नहीं की उसके लिये हमेशा ही आपके जेब में पैसे हो। बिना पैसे के भी अपने शौक पूरे कर सकते है।
पैसे के अलावा उनका एक उद्देश्य यह भी था कि वह लोगो को बता सके कि उत्तर पूर्वी राज्य ऐसे राज्य है जिन्हे अकेले भी आसानी से घूम सकते है। लोगो के मन में इस तरह की गलतफेमी है कि यह राज्य जेसे की मणिपुर तथा नागालैंड अकेले घूमने के लिये असुरक्षित है। तो वह इसे दूर करना चाहते थे। तीसरा अंश का उद्देश्य ट्रक ड्राइवर तथा ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले लोगो के लिये मन में लोगो के जो गलतफेमी है, उसको दूर करने का है।

अक्सर देखा जाता है कि इन लोगो को अनपढ़ तथा बिना इज्ज्त वाला प्रोफेशन मानकर देखा जाता है। लेकिन अंश कहते है कि अगर यह ट्रक ड्राइवर ना हो तो हमारे देश की इकॉनोमी चले ही ना। क्योंकि इकॉनोमी में इनका महत्वपूर्ण रोल होता है।
अपने इस पूरे देश भ्रमण के सफर में अंश ने पूरे 1800 ट्रक ड्राइवर की मदद ली। उनसे लिफ्ट लेकर अंश हर राज्य में पहुँच पाये। अंश ट्रक के साथ में बहुत सी मर्सिडीज तथा साइकिल का भी सहारा इस यात्रा मे ले चुके है। अंश ने अपनी यात्रा के दौरान रेगिस्तान में समय बिताने से लेकर 5 स्टार जेसे आलीशान हॉटल में भी अपना समय व्यतीत किया है।
अपने इस 250 डेयज के सफर पर अंश ने एक बुक भी लिखने का निश्चय किया है। जिसका नाम उन्होंने लेट्स रोम बताया है। अपने सफर के खूबसूरत पलो को अंश ने सोशल साइट्स में भी पोस्ट किया है। इससे जुडे महत्वपूर्ण पलो को वह हमेशा ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते रहते है।



