दादी पोती ने सोशल मीडिया पर अपना टैलेंट दिखाया, तस्वीरें डाली और शुरू अच्छा बिज़नेस शुरू हो गया

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caught craft handed
Yukti and grandmother posted sweater muffler photos on Instagram and earning business started. Now a team working on caught craft handed.

Delhi: पुराने समय में महिलाएं अपने खाली समय में अपने हाथों से ठंडी के कपड़े खुद बनाते थे वह कपड़े देखने में भी सुंदर होते थे और पहनने में भी काफी कंफर्टेबल होते थे। परंतु जब से हर दिन फैशन बदलने लगा है, तब से हाथों से बनी हुई स्वेटर और मफलर्स का फैशन पूरी तरह समाप्त हो गया है अब लोग बाजारों से लेटेस्ट और सुंदर डिजाइन के रंग बिरंगे कपड़े खरीदते हैं और पहनते हैं।

इस स्थिति ने कई महिलाओं को रोजगार मिला है। आज महिलाएं अपनी कला का प्रदर्शन सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर करती हैं। वह अपने हाथों से तरह तरह के कपड़े डिजाइन कर ऑनलाइन सेल (Online Sell) करती हैं, इन्हीं में शामिल है दिल्ली के रहने वाली एक दादी पोती की जोड़ी (Dadi Poti Duo) जो सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स है।

दादी शीला बजाज (Dadi Sheela Bajaj) और पोती युक्ति (Yukti Bajaj) दोनों मिलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अपने टैलेंट से व्यापार कर रही हैं। युक्ति बताती है कि उनकी दादी काफी बेहतरीन क्रोशिया और ऊन से स्वेटर, मफलर, टॉयज, बेबी सूट जैसे कई चीजें बनाती हैं, और वह इंस्टाग्राम में फोटो शेयर कर उनकी सेलिंग करती है।

लॉकडाउन की स्थिति में आइडिया आया दिमाग में

युक्ति बताती है कि लॉकडाउन की स्थिति में जब देश के सभी लोग घर में बंद हो गए, तब उनकी दादी बैठे-बैठे काफी बोर हो जाती थी। लॉकडाउन के कारण ऑफिसों का काम घर में होने लगा, इसलिए वह घर में बैठकर अपने काम में व्यस्त रहती थी, परंतु दादी अकेले होने के कारण काफी जल्दी बोरियत महसूस करने लगती थी।

इसलिए उन्होंने इस स्थिति का रास्ता निकाला और दादी से कहा कि वह अपने हाथों के स्वेटर-मफलर (Sweater-Muffler) कुशन कवर टेबल कवर जैसी चीजें बनाएं और वह इंस्टाग्राम पर उनकी बनाई हुई चीजों को अपलोड करेंगे। अपनी पोती की बात मानकर दादी ने यह काम शुरू किया धीरे-धीरे उनके फॉलोअर्स बढ़ने लगे और एक स्थिति ऐसी आई कि उनके फॉलोअर्स ने दादी के बनाए हुए प्रोडक्ट को खरीदने की बात कही।

Caught Craft Handed
Photo Credits: Caught Craft Handed on Social Media

तब युक्ति ने ऑर्डर लेने शुरू किए। दादी आर्डर समय पर पूरा करती और अपने कस्टमर तक ऑर्डर्स पहुंचाने का काम युक्ति करती। युक्ति बताती है कि उनकी दादी ने सिलाई कढ़ाई उनके स्कूल के वक्त सीखी है उनकी दादी गया की रहने वाली है और शादी के पश्चात व दिल्ली आकर रहने लगी।

दादी के साथ-साथ मम्मी भी थी इस काम में एक्सपर्ट

युक्ति बताती है कि उनकी दादी के साथ-साथ उनकी मम्मी भी सिलाई कढ़ाई के मामले में काफी एक्सपर्ट थी बचपन में युक्ति अपनी मम्मी और दादी के डिजाइन हुए कपड़े ही पहना करती थी। उनकी मम्मी और दादी काफी अच्छे कपड़े डिजाइन करती थी इसीलिए स्कूल कॉलेज में हर जगह उनकी चर्चा होती थी।

युक्ति बताती हैं कि उन्होंने अपने पिता को बचपन में ही खो दिया था और 19 साल की उम्र में उनकी मां ने भी इस दुनिया से विदाई ले ली थी। वह अपनी दादी के साथ ही पली-बढ़ी है। अब अपनी दादी के साथ अपने काम को आगे बढ़ा रहे हैं।

युक्ति का कहना है कि उन्होंने यह इंस्टाग्राम अकाउंट (Caught Craft Handed) लाइक और कमेंट के लिए बनाया था पर उन्हें नहीं पता था कि यह इंस्टाग्राम अकाउंट एक दिन दादी का प्रोफेशन बन जाएगा और इससे वह पैसे कमा सकेंगे।

ऑर्डर्स पर बनाती है स्वेटर

शीला बजाज की उम्र करीब 78 वर्ष है। वह अपनी उम्र के हिसाब से काफी बेहतरीन तरीके से अपना काम करती हैं। शीला जी को एक स्वेटर बनाने में करीब 14 दिन का समय लगता है, परंतु युक्ति कस्टमर को 20 दिन का समय देती है, क्योंकि उनका मानना है कि उनकी दादी की उम्र काफी ज्यादा हो गई है। जिसके हिसाब से उनको काम करने में दिक्कत होती है, इसीलिए वह आराम से अपने काम को कर सके इसीलिए वह इतना लंबा समय देती है।

युक्ति बताती है कि ग्राहकों से मिली तारीफ से उनकी दादी काफी ज्यादा प्रसन्न होती हैं, उन्हें काफी खुशी होती है कि वह कुछ ऐसा कर रही है, जो लोगों को पसंद आ रहा है। युक्ति बताती है कि धीरे-धीरे उन्हें ढेरों आर्डर मिलने लगे जो युक्ति की दादी अकेले के बस की बात नहीं रह गई थी, तो उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य दादी नानी को खोजा और उन से काम लिया आज 8 दादी नानीयों की टीम है, जो यह काम सफलतापूर्वक कर रही हैं।

महिलाओं की टीम कर रही है बेहतरीन ढंग से काम

युक्ति बताती है कि उनकी दादी नानीयों की टीम काफी बेहतरीन ढंग से काम कर रही हैं। युक्ति जॉब के साथ यह काम करती है। वह हर शनिवार रविवार मार्केट से दादी नानीयों के लिए प्रोडक्ट बनाने का सामान लाकर देती है जैसे सूजी ऊन यार्ड आदि। धीरे-धीरे युक्ति को भी इन चीजों की पहचान हो रही है।

युक्ति बताती है कि वह अपने काम से समय निकालकर मार्केटिंग करती है। वे बताती हैं कि दादी की उम्र काफी ज्यादा है, इसलिए वह लाइट कलर के प्रोडक्ट बनाती हैं ब्लैक कलर से उनकी आंखों में तकलीफ होती है। इसीलिए वह ब्राइट कलर का ही इस्तेमाल करती हैं। युक्ति बताती है कि उनके पास भारत के सभी राज्यों से आर्डर आते हैं और वह उन्हें पूरा करती हैं।

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