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Noida: लोगो का मानना है कि व्यापार से ही इंसान अपने आप को धनवान बना पाता है। क्योंकि व्यापार में लाभ और हानि दोनों है। परंतु व्यापार को बढ़ाकर इनकम भी बढ़ा सकते है। इस लिए लोग कहते है कि व्यापार ही धन का रास्ता है। भारत में जो आमिर लोग है। जैसे अंबानी वो भी आज बिज़नेस के बल पर आमिर बने है।
आपको बता दें कि व्यापार करने के लिए विश्वास का होना बहुत जरुरी है, विश्वास से ही लोग एक दूसरे से संपर्क बना पाते है और व्यापार को बढ़ा पाते है, साथ ही आपके द्वारा बेचे जाने वाले उत्पाद के प्रति भी लोगो का विश्वास होना बहुत जरुरी है नहीं तो मार्किट में आपके प्रोडक्ट की कोई वैल्यू नहीं रहती।
कई सालों लग जाते है, लोगों के मन में अपने प्रोडक्ट का विश्वास बनाने में परंतु जब लोगो के मन में विश्वास बन जाता है, तो फिर आपका व्यापार चलता नहीं है दौड़ता है। ऐसे ही एक कहानी है एक प्रोडक्ट की जिस के प्रति लोगो का विश्वास 200 गुना है।
आज हम आपको बताते है एक जूता कंपनी (Shoe Company Story) की कहानी के बारे में जब भी हम जूते खरीदने की बात करते है, तो लोगो के दिमाग में सिर्फ एक ही नाम आता है वो है वुडलैंड, इंसान इस कंपनी के जूते को बड़े ही शौक से खरीदता है। यह जूते इतने मजबूत होते है कि आप इन्हें पहन पहन कर बोर हो जाओगे परंतु यह टूटेंगे नही।
यह स्वदेशी ब्रांड है भारत ने रूस के लिए बनाए थे जूते
19 वीं शताब्दी में जूतों के लिए मात्र दो ब्रांड फेमस थे और पुरे बाजार में बाटा और करोना का नाम ही गूंजता था। फिर आया वुडलैंड (Woodland), जिसने बाटा और करोना दोनों को मात दी और साथ ही मार्किट में उनके नाम के स्थान पर अपना नाम दर्ज किया।
अब भारतीय बाजार में उन दो नाम के स्थान पर वुडलैंड का नाम चलता है। एक समय ऐसा भी था जब भारत देश ने रूसी देश के लिए जूते बनाता था। फिर वर्ष 1992 में सोवियत रूस का विखंडन हुआ और आगे एक बड़े से व्यापार की संभावना रातोरात समाप्त हो गई। इस के फलस्वरूप रूस से मिले ढेरो ऑर्डर कुछ ही समय में कैंसिल कर दिए गए।
एरो क्लव के चैयरमेन अवतार सिंह ने स्पेशल शू को सर्च किया
उस समय अवतार सिंह (Avatar Singh) एरो क्लब के चेयरमैन थे। वही एरो क्लब जो भारत का सबसे बड़ा बिज़नेस पार्टनर हुआ करता था। तब अवतार सिंह और रूसी बाजार के लिए लेदर से बने कैजुअल शूज और इंडस्ट्रियल बूट्स का बड़ा सा स्टॉक बहुत बड़ी सिरदर्दी का काम बन गया। खैर बाद में इसी स्टॉक जिसे वे सिरदर्द कहते थे। उसी ने उन्हे बहुत बड़ा प्रॉफिट कराया था। जिसकी चर्चा आज भी करते है।

अवतार सिंह ने स्टॉक की तरफ देखा तो उन्हें रफ-टफ जूते दिखाई दिए जो रूस के मौसम को देखते हुए डिजाइन किया गया था। मोटे लेदर से सिला,हाथों से बनाया गया, जूते की सोल हार्ड रबड़ से बनी हुई थी और लेस भी लेदर से बनाई थी। जूते की लुक बहुत अच्छी नहीं थी परंतु यह लंबे समय तक टिकने वाला जूता था।
वुडलैंड को मार्किट में उतारा गया मात्र 2 से 3 दुकानों में उपलब्ध था प्रोडक्ट
अवतार सिंह कनाडा देश के क्यूबेक के निबासी थे। सन 1980 में वुडलैंड शू कंपनी (Shoe Company) एयरो क्लब को कनाडा के क्यूबेक में स्थापित किया थी। परंतु अवतार सिंह (Avatar Singh) भारत से ही हैं। उस समय रूस निर्यात के लिए रखे गए स्टॉक से अवतार सिंह ने रफ टफ जूतों को सेलेक्ट किया और उसे मार्किट में उतार दिया।
@woodland Congratulations Avatar Singh for being awarded as Personality of the year. #IFFMumbai pic.twitter.com/kBZ3uAawl4
— Arti Singh (@ArtiSpeaks) March 15, 2016
उस वक़्त मार्किट में सिर्फ एक ही ब्रांड ने धूम मचा रखी थी वो है बाटा। इस ब्रांड के आगे सारी कंपनियां फीकी थी। परंतु वुडलैंड ने बाटा को कड़ी टक्कर दी और अपना स्थान खुद बना लिया।
वुडलैंड के जुते काफी वजनदार है और रफ टफ भी फिर भी अवतार सिंह इन जूतों को भारत में लॉन्च करने का निश्चय किया। उन्होंने मजबूत जूतों को वुडलैंड ब्रांडनेम दिया और एरो क्लब के 2 से 3 स्टोर्स में इन्हें लॉन्च किया।
अवतार सिंह ने इन शू को स्टाइल नंबर दिया G-0092 जिसमें 0092 को 1992 और जी को जेंट्स शूज से रेप्रेन्ट किया। इन जूतों की विशेषता है कि इस ब्रांड के एक जोड़ी जूते सालों तक चलते हैं जो लोगो को चाहिए होता है इसी लिए लोगों का वुडलैंड पर विश्वास बढ़ा।
आज करोड़ों में कर रहे है व्यापार
भारत देश में वुडलैंड ब्रांड (Woodland Brand) का मुख्यालय नोएडा (Noida) में स्थापित किया गया है जूते बनाने के लिए रो मटेरियल के रूप में चमड़े की जरुरत पड़ती है, इसीलिए पंजाब के जालंधर में टेनरियों से प्राप्त किया जाता है। वुडलैंड ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अपनी 8 फैक्ट्री स्थापित की है जो कुल माँग का 70 प्रतिशत पूरा करती हैं।
आज पुरे विश्व में वुडलैंड के लगभग 350 विशिष्ट शोरूम स्थापित है साथ ही 5 हजार से भी ज्यादा मल्टी ब्रांड आउटलेट्स भी बनाए गए हैं। बढ़ते व्यापार से आज वुडलैंड 1,250 करोड़ रुपये का व्यापार कर रहा है और देश में अपना नाम बना रहा है।



