छोटू ने गरीबी झेली, चाय की दुकान पर काम किया, 70 KM स्कूल आया-गया, अब IAS अफसर बना

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Himanshu Gupta UPSC
Earlier working at a tea shop, Himanshu Gupta braved all odds to crack UPSC exam and become an IAS officer. IAS Who Worked At a Tea Shop.

Photo Credits: Twitter

Delhi: संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना हर एक स्‍टूडेंट का सपना होता है। लेकिन हम सभी बहुत अच्‍छे से जानते है, कि यह भारत की सबसे टफ परीक्षा है। जिसे पास करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। क्‍योंकि इसके लिए फाइनेंसियली और मेंटली दोनों ही तरीके से खुद को मजबूत करना बहुत ही जरूरी होता है।

इसकी तैयारी करने के लिए हमें पूरी तरह से इस परीक्षा में खुद को झोंकना पड़ता है। तभी जाकर हम इस परीक्षा को पास कर पाते हे। इसके साथ ही परिवार का सपोर्ट भी हमें इस परीक्षा में सफलता प्राप्‍त करने में मदद करता है।

हर एक यूपीएससी स्‍टूडेंट की अपनी एक अलग स्‍टोरी होती है। जोकि हमें मोटिवेट करने के लिए काफी होती है। उनके जीवन का संघर्ष हमें कुछ कर गुजरने के लिए इंस्‍पायर करता है। इसी तरह के एक स्‍टूडेंट की कहानेी आज हम आपके पास लेकर आये है। जो की एक गरीब परिवार से वास्‍ता रखते है।

उनका पूरा जीवन बहुत ही निम्‍नस्‍तर में गुजरा। उनका जीवन इतनी कटिनाइयों से गुजरा है कि स्‍कूल जाने के लिए तक उन्‍हें रोज 70 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। जीवन में इतने परेशानी के बावजूद भी उन्‍होंने कभी हार नहीं मानी और जब तक अपना गोल अचीव नहीं कर लिया, तब तक डटे रहे। और अंत में सफलता प्राप्‍त कर लिये।

संघर्षो से भरा था हिमांशु का जीवन

हम बात कर रहे है आईएएस हिमांशु गुप्‍ता (IAS Himanshu Gupta) की। जोकि उत्‍तराखंड राज्‍य से बीलोंग करते है। उन्‍होंने जीवन के कठिन दौर का सामना करते हुये वह लक्ष्‍य प्राप्‍त करने का सपना देखा जिसे हासिल कर लेना अपने आप में ही एक सम्‍मान की बात है। हिमांशु जी के बचपन का जीवन बहुत ही कठिनाइयों भरा था।

वह हर रोज स्‍कूल जाने के लिए 70 किलोमीटर का सफर तय करते थे। उनके पिताजी घर चलाने के लिए मजदूरी किया करते थे। लेकिन पैसो कि तंगी इतनी थी कि पिताजी की मजदूरी भी इस कमी को पूरा नहीं कर सकती थी और इसे ही दूर करने लिए वह अपने पिताजी की मदद के लिए चाय कि दुकान में काम करने लगे।

इतनी कठिन परिस्थिति होने के बावजूद भी हिमांशु कभी पीछे नहीं हटे। कुछ अनोखा और अलग करने के जज्‍बे के चलते हिमांशु एक ऐसा लक्ष्‍य प्राप्‍त करने का सपना देख लिये जिसे एक सम्‍पन्‍न परिवार वाले भी नहीं देख पाते।

वह बच्‍चा जोकि स्‍कूल के लिए 70 किलोमीटर का सफर रोज तय करता था। रोज स्‍कूल जाने के लिए वेन में सफर करता था। वह आज एक आईएएस अफसर बन चुका है। हिमांशु की कहानी इतनी इंस्‍पायर करने वाली है, कि इसे सुनकर आप भी जीवन में कुछ कर दिखाने का लक्ष्य बना लेंगे।

तैयारी के लिए छोड़ दिया था स्‍कूल

हिमांशु ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता (UPSC Exam Success) प्राप्‍त करने का सपना तो देख लिया था। लेकिन इसे प्राप्‍त करना इनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। उनके घर की इतनी गरीब परिस्थिति थी कि वह इस लक्ष्‍य को कैसे प्राप्‍त करे यह उनके लिये सबसे बड़ा चेलेंज बन गया। लेकिन अपने लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए हिमांशु इतने दीवाने थे कि उन्‍होंने अपना स्‍कूल कई सालों तक छोड़ देने का फैसला कर लिया।

वह केवल यूपीएससी की परीक्षा में सफल होने के लिए पढ़ाई करने लगे। हिमांशु ने इस परीक्षा में सफल होने के लिए खुद को इसमें पुरी तरह से समर्पित कर दिया था। अगर किसी के घर की परिस्थिति इतनी खराब होती तो शायद वह अपना लक्ष्‍य छोडकर परिवार मे हाथ बटाने में ही जुट जाता। और अपने कदम पीछे हटा लेता।

हिमांशु के परिवार वालों ने हमेशा उनका सपोर्ट किया भले ही उनके पापा मजदूरी करते थे। लेकिन वह हमेशा से चाहते थे कि उनकी बच्‍चे अच्‍छी शिक्षा ग्रहण करें। इस बजह से उन्‍होंने हिमांशु को अपने लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए फ्री छोड़ दिया। और उनका हमेशा साथ दिया।

क्‍लासमेट चायवाला कहकर उड़ाते थे मजाक

चूँकि हिमांशु घर वालो के सपोर्ट के लिए चाय की शॉप में काम किया करते थे। तो उनके साथियों को यह बात पता ना चले इसलिए जब भी चाय वाले के ठेले के पास से उनके साथी जाया करते थे। तो वह वही कही पर छिप जाते थे। लेकिन हिमांशु को एक बार किसी ने वहा काम करते हुए देख लिया था। और उनके क्‍लासमेट उन्‍हें चायवाला कहकर पुकारने लगे और उनका मजाक बनाने लगे।

हिमांशु कहते है कि उन्‍होंने उनकी बातों पर ध्‍यान ना देते हुए केवल अपनी पढ़ाई पर फोकस किया। और आज वह अपनी लगन और मेहनत से इस गोल को हासिल कर चुके है। उनका डेडिकेशन ही उनकी सफलता का मूलमंत्र है। वह कहते है अगर आप को खुद पर भरोसा है, तो आप हर चीज को हासिल कर सकते है।

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