वैज्ञानिकों ने इस तकनीक का प्रयोग कर चौकाया, अब एक ही पौधे पर लगेंगे टमाटर और बैंगन, जैन कैसे

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Brimato Hybrid plant brinjal and tomatoes
What mean Brimato, Hybrid plant that gives both brinjal and tomatoes vegetables. Its made in Varanasi UP. Brimato, a two-in-one grafted plant that grows both tomato and brinjal: Ek Number News

Photo Credits: Twitter(@icarindia)

Varanasi: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (Indian Council Of Agricultural Research) के वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र में बड़ी कामयाबी प्राप्त की। ग्राफ्टिंग टेक्निक की सहायता से ऐसे पौधे को विकसित कर दिया, जिसमें टमाटर और बैंगन का उत्पादन एक साथ हो सकेगा।

इसे ब्रमॅटो (Brimato) नाम दिया गया। माना जा रहा है कि शहर वासियों के लिए यह काफी लाभदायक सिद्ध होगा। उन्हें बहुत कम स्थान में लगाए एक ही पौधे से टमाटर और बैंगन दोनों सब्जियां (Both brinjal and tomatoes vegetables) हासिल हो सकेंगी।

कारगर है ग्राफ्टिंग का तरीका

सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक आज कल ग्राफ्टिंग की मदद ले रहे हैं। इसके अंतर्गत एक ही परिवार की दो सब्जियों को ग्राफ्ट कर उत्पादन किया जाता है। जिससे कि एक ही पौधे से दोनों के फल मिल पाएं। कम स्थान में अधिक सब्जियों के उत्पादन के लिए ही ग्राफ्टिंग का तरीके का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो काफी कारगर साबित होता दिखाई दे रहा है।

Tomato के बाद Brimato

ICAR और भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी (Indian Vegetable Research Institute, Varanasi) ने कुछ दिनों पहले ग्राफ्टिंग तकनीक से पॉमॅटो (आलू-टमाटर) का कामयाबी रूप से उत्पादन किया था। वहीं अब ब्रमॅटो को तैयार किया। जानकारी के अनुसार बैंगन की पौध के 25 से 30 दिन और टमाटर के पौध की 22 से 25 दिन बाद ग्राफ्टिंग को अंजाम दिया गया।

इस प्रकार से प्रक्रिया से गुजारा

बैंगन रूटस्टॉक IC 111056 (बैंगन की किस्म) की तकरीबन 5 प्रतिशत रोपाई में दो शाखाएं विकसित करने की प्रवृत्ति पाई गई। ग्राफ्टिंग, साइड/स्प्लिस तरीके से हुई, जिसके अंतर्गत रूटस्टॉक और स्कोन दोनों में 5 से 7 मिली मिटर (ML) के तिरछे कट लगाए गए।

ग्राफ्टिंग के बाद पौधे को निश्चित वायुंडलीय स्थिति में रखा गया, जहां तापमान प्रकाश को प्रारंभिक 5 से 7 दिनों के लिए बेस्ट तापमान पर रखा गया। फिर 5 से 7 दिनों के लिए आंशिक छाया में भी रखा।

जरूरत के हिसाब से दी खाद

वैज्ञानिकों ने बताया कि पौधों में आवश्यकता के मुताबिक ही खाद दी, रोपाई करने के 60-70 दिनों बाद पौधे से सफलता पूर्वक टमाटर और बैंगन दोनों के फल आने लगे। एक ही पौधे से तकरीबन 2.383 किलोग्राम टमाटर और 2.64 किलोग्राम बैंगन प्राप्त हुए वर्टिकल गार्डन या पॉट कल्चर में एक ही पौधे से दो अलग अलग सब्जियों का उत्पादन हो सके। इसके लिए शहरी और उपनगरीय इलाके सबसे शानदार है। ग्राफ्टेड ब्रमॅटो के उत्पादन पर ICAR-IIVR, वाराणसी में अभी भी रिसर्च जारी है।

अब देश में खेती (Farming) को लेकर लोगो में भी जागरूखता आई है और इसे लेकर नए नए प्रयोग हो रहे है। मानव की सबसे जरुरी चीज़ है खाना और पानी। बाकी गाडी पेट्रोल और अन्न चीज़े तो बाद में आयति हैं। बहुत से देशो में खाने की सब्ज़ियों और फलों के लिए आयात पर निर्भर रहता पढता है। परन्तु हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है। ऐसे में हम खाने-पीने के लिए किसी अन्न देश पर निर्भर नहीं रहना चाहते और ना हैं।

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