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Bhopal: भारत में लोग खाने के बहुत शौकीन हैं। खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए मसालों का इस्तेमाल होता है। बिना मसालों के स्वादिष्ट खाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं। इन्ही मसलों में से एक है इलाइची। यह इलाइची खाने के अलावा पेय पदार्थों और चाय में भी इस्तेमाल होती है। इलाइची खाने को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने में मदतगार है।
भारत मसालों की खेती के मामले में दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़ देश में मसालों का वार्षिक उत्पादन 4.14 मिलियन टन है। भारत मिर्च, काली मिर्च, अदरख, इलायची, धना, हल्दी और अन्न जैसे मसालों की खेती करता है। ऐसे ही इलायची (Cardamom) में भी भारत एक नंबर देश है।
इलायची से स्वाद बढ़ जाता है
अक्सर हम चाय के स्वाद को बढ़ाने के लिए इलायची का इस्तेमाल करते है। इससे चाय का आनंद और अधिक बढ़ जाता है। इलायची की खेती करना आसान और फायदेमंद भी है। आज हम आपको इलायची की खेती (Cardamom cultivation) के बारे में बताने जा रहे है। हर कोई जानना चाहता है की इलायची की खेती करके वह कितना कमा (How Much Earning from Cardamom plants farming) सकता है। इस लेख में आपको ऐसे कई सवालों के जवाब मिल जायेंगे।
खाने-पीने की कोई डिश या मिठाई-लड्डू और अन्न खाद्य सामाग्री में अच्छी खुशबू लाने के लिए हम सभी इलायची (Cardamom) का ही इस्तेमाल करते हैं। इलायची को मसाले के तौर पर और माउथ फ्रेशनर के रुप में तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इलाइची का इस्तेक़ाल देशी आयुर्वेद की दवाइयां बनाने में भी प्रयोग होता है।
इलायची के फायदें (Benefits of Cardamom)
इलायची (Cardamom) को खाने से हमे अनेक फायदे होते है। इस खाने से हम बहुत सारी बीमारियों से निजात पा सकते है। पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत, गले को आराम, हिचकी से आराम, सर्दी-खांसी और गले की खराश से आराम,ब्लड प्रेशर कम करने में सहायक है, इसलिए हमें रोजाना इसका सेवन करना चाहिए।
खाने का स्वाद बढ़ाये इलाइची pic.twitter.com/fZmKOxUNFn
— sanatanpath (@sanatanpath) October 31, 2021
भारत में इलायची का उत्पादन केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा किया जाता है। इलायची का पौधा पूरे साल हरा-भरा रहता है। इलायची की खेती अभी के समय मे किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है। इसकी खेती दो तरीकों से की जाती है।
पहला तो हम बीज को बोकर कर सकते है और दूसरा पौधा लगाकर। बीज को बोकर खेती करने पर यह ध्यान देना होगा कि बीज ज्यादा पुरानी न हो और बाजार से हमेशा अच्छी क्वालिटी की ही बीज लेना चाहिए। सस्ते बीज के चलते आपको भारी नुकसान भी हो सकता है। अतः अच्छा बीज ही ले।
Tips For Cardamom Farming in Hindi
इलाइची के बीज को खेतों में बोते समय ध्यान इस बात का ख़याल रखें कि बीज हमेशा 10 सेमीं की दूरी पर ही लगाए और 1 हेक्टेयर में 1 से डेढ़ किलो बीज का ही इस्तेमाल करें। अगर आपको पौधा लगाकर इलायची की खेती (Ilaichi Ki Kheti) करनी है, तो आप किसी भी नर्सरी से जाकर उसका पौधा ले सकते है और आप तत्काल अपने खेत मे लगा सकते है।
Cardamom farming, introduced by @USAID, reduced human-wildlife conflicts in the Annapurna Conservation Area. The high-value spice is now grown in nearly 15 hectares of land and has created jobs for youth & poor communities who were once solely dependent on forests. #GreenSparks pic.twitter.com/cZluLljIXl
— USAID/Nepal (@USAIDNepal) December 11, 2019
इलायची दो प्रकार की होती है। छोटी इलायची और बड़ी इलायची। इलायची का पौधा (Cardamom plants) में बहुत पानी देना होता है। बता दें की जुलाई माह में अच्छी बारिश होती है, इसलिए हमे इलायची के पौधों की बुवाई जुलाई माह में करनी चाहिए, जिससे हमें पौधों में पानी नही देना पड़ेगा। इन पौधों को अधिकतर छाया वाली जगहों पर लगानी चाहिए, क्योंकि सूर्य के सीधे प्रकाश से ये पौधे सूख सकते है।
Cardamom Plant farming is good for smart earning. pic.twitter.com/0lDqfhyHRg
— sanatanpath (@sanatanpath) October 31, 2021
इलाइची के पौधे में इलायची तीन साल बाद लगना शुरू होती है। इन तीन सालों तक पौधे की अच्छे से इसका देखभाल करना होती है। एक हेक्टेयर से सूखी हुई इलायची लगभग 130 से 150 किलो तक निकल जाती है और बाजार में इसका भाव 2000 रूपये प्रति किलो होता है। जिससे हम एक बार में 2-3 लाख तक की कमाई कर सकते है। अगर आप इसे ज्यादा क्षेत्र में बोते हैं और आप और अधिक कमाई कर सकते है।



