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Delhi: माता पिता चाहते है उनके बच्चे को खुब कामयाबी मिले और वो अपने काम में तरक्की करे। वर्षो से चले आ रही प्रथा के अनुसार होनहार बच्चे डॉक्टर या इंजीनिअर बनते है। इसी लिए बच्चो के माता पिता सोचते है कि उनका बच्चा भी डॉक्टर या इंजीनियर बने।
कहते है की हर इंसान अपनी किस्मत ऊपर से लिखा के आता है। इसीलिए लोगों की लाख कोशिशों के बाद भी इंसान वो हासिल नहीं कर पाता जो उसकी किस्मत में नहीं है। हमने शुरूसे एक शब्द ज्यादा सुना है ‘लक’ इंसान की मेहनत और लक से ही उसे सफलता मिलती है, दोनों ही एक दूसरे के बिना अधूरे है।
लोगो की अगर 98 फीसदी मेहनत होती है, तो 2 प्रतिशत लक भी होता है, जो एक अहम् भूमिका निभाता है। हो सकता है, किसी बच्चे के माता पिता चाहते हो की वो सरकारी नोकरी करे, परंतु उनको सरकारी नोकरी में कामयाबी न मिल कर एक अच्छे व्यापार में मिल जाए। ऐसे ही एक कहानी है। एक युवा की जिसके पिता का सपना था कि वो एक इंजीनियर (Engineer) बने और वो बन गए बिज़नेसमेन (Businessman) आइये विस्तार से जानते है।
कुणाल बहल की कहानी
आज का समय टेक्नोलॉजी और कॉम्पिटिशन से भरा हुआ है। हर दिन लाखो युवा इस कॉम्पिटिशन में शामिल हो कर उसे और बढ़ा रहे है। हर क्षेत्र में सफलता पाना आसान नहीं है। कड़ी मेहनत से ही सफलता मिल पाती है, परंतु जब कुछ पाने का दृढ़ निस्चय कर लो और लगन से काम करो तो मुश्किलें भी आसान हो जाती है।
इस बात को स्नैपडील के निर्माता (Snapdeal Founder) मिस्टर कुणाल बहल (Kunal Bahl) बहुत अच्छे से समझ सकते है। कुणाल बहल ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे विश्वास के साथ स्नैपडील का शुभारंभ किया। जिसे आज वे अपनी काबिलियत से दिन दुगना और रात चौगुना बढ़ा रहे है और हर दिन वे अपने काम को एक नई ऊंचाई पर पंहुचा रहे है।
पिता चाहते थे की छोटा बेटा भी बड़े बेटे की तरह एक बहुत बड़ा इंजीनयर बने
कुणाल बहल का जन्म एक मीडियम क्लास फेमिली में हुआ था। उनसे बड़े एक भाई और है, जो एक काफी अच्छे इंजीनिअर है। इसी लिये कुणाल बहल के माता-पिता की चाह थी की कुणाल भी अपने भाई जैसा एक सक्सेसफुल इंजीनियर बने।
कुणाल (Kunal Bahl) ने भी काफी कठिन परिश्रम किया, परंतु उन्हें सफलता नहीं मिली। वे आईआईटी में प्रवेश नहीं ले सके। परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और इस असफलता ने उन्हें अपने जीवन में एक बहुत बड़ा सबक दिया।
"Happy to see our team's consistent execution, focus and discipline in building India's first net margin positive online marketplace at scale." ~ Kunal Bahl at the recent @snapdeal Town hall. pic.twitter.com/xeJOEvaqzo
— Snapdeal Diaries (@snapdealdiaries) March 30, 2018
आईआईटी में प्रवेश न मिलने पर उन्होंने काम करने का विचार बनाया और 6 हजार रुपये की सैलरी पर एक निजी कंपनी में काम करने लगे। परंतु कुणाल तो कुछ और ही सोच रहे थे। अब उनके दिमाग में बिजनेस करने का विचार आ रहा था और वे अब एक बिसनेसमेन बनना चाहते थे। अब उन्हें सामान्य जीवन रास नहीं आ रहा था। कुणाल ने नौकरी छोड़ने का विचार बनाया।
अमेरिका से की इंजीनियर के साथ बिज़नेस की पढ़ाई
नोकरी छोड़ कर कुणाल बिजनेस के लिए एजुकेशन लेने अमेरिका पहुचे। वहाँ वार्टन कॉलेज में एडमिशन लिया। वार्टन के कॉलेज में 5 साल में इंजीनियरिंग के साथ बिजनेस डिग्री भी दी जाती थी। परंतु कुणाल ने अपनी डिग्री मात्र 4 साल में पूरी कर ली, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बच गया।
#Kritilabs received "Rising star" award in IoT category, during NASSCOM Annual Technology Conference held in aug19 at Gurugram.The award was presented by Co-founder of Snapdeal Kunal Bahl #nasscom #natc2019 #kritilabs #iot #startups #risingstar #gurugram #digitaltransformation pic.twitter.com/E6bmltlbet
— Kritilabs Technologies (@kritilabs) September 5, 2019
इसके बाद उन्होंने एक माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में जॉब की। वहां वे मात्र तीन-चार महीने ही काम कर पाए थे। इसके बाद उन्हे मज़बूरी में नोकरी छोड़ भारत लौटना पड़ा। क्योंकि उनके वीजा की समय अवधि खत्म हो चुकी थी। इतने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने जीवन को बेहतर करने की चाह में लगे रहे।
भारत लौट कर किया स्नैपडील का बिसनेस
भारत लौटने के बाद उन्होंने स्नैपडील (Snapdeal) को शुरु किया। स्नैपडील से शुरु में लोगों को ऑनलाइन कूपन सेल (Online Coupon Sell) करते थे। इसकी शुरुआत थोड़ी मुश्किल थी फिर बाद में लोगो को ये काफी पसंद आया। और लोगों की रूचि इस क्षेत्र में बढ़ी धीरे धीरे इस कंपनी का व्यवसाय दिनो दिन बढ़ता रहा।
Seven months of steady, disciplined performance is real growth – it is sustainable, profitable and builds a strong foundation for the next level of achievements. ~ Kunal Bahl (C.E.O., Snapdeal) at the recent @snapdeal town hall. pic.twitter.com/OGglrvaYDh
— Snapdeal Diaries (@snapdealdiaries) May 10, 2018
इसके बाद इस कंपनी ने अपने प्रोडक्ट बढ़ाए अब वे लोगो की आवश्यकता का सभी सामान ऑनलाइन सेल (Online Sell) करते है। इस कंपनी में लाखों प्रोडक्ट हैं। जो करोडो लोगों की आवश्कयता पूरी करते है। साथ ही इस कंपनी ने लाखों लोगों को रोजगार दिया है। इस प्रकार कुणाल बहल की कंपनी आज करोड़ों की कंपनी बन गई है।



