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Indore: जब कोई गरीबी में कड़ा संघर्ष करके करोड़पति बन जाता है, तो पहले सुनकर यकीन नहीं होता और फिर हम उसके बारे में सच्ची बातें जानने में लग जाते हैं। फिर उसके संघर्ष की कहानी (Struggle Story) और सफलता जानकार उससे प्रेरणा लेते हैं। आज की कहानी बॉलर आवेश खान (Bowler Avesh Khan) की है। जिन्हें आइपीएल नीलामी में हाल ही में 10 करोड़ की रिकार्ड कीमत पर लखनऊ सुपर जाइंट्स (Lucknow Super Giants) ने अपनी IPL Team में शामिल किया है।
आवेश और उनके माता-पिता ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह करोड़ों रुपये कमाने लगेंगे। सड़क के किनारे पिता की पान की दुकान से पूरे परिवार का पेट पल रहा था। फिर तंगहाली में और बुरे दिन शुरू हुए और अतिक्रमण हटाने के सरकारी फरमान में दुकान चली गई। पिता ने परिवार पालने के लिए छोटी-मोटी नौकरी की, लेकिन कुछ दिन बाद वह भी चली गई। आवेश की बड़ी बहन स्कूल में पढ़ाकर 5 हजार रुपये महीना कमाने लगी। जिससे घर खर्च चल रहा था।
ईद पर नए कपड़े लेने के पैसे नहीं होते थे
बता दें की इंदौर शहर की श्रीनगर कांकड़ शायर राहत इंदौरी के लिए पहचानी जाती है, लेकिन अब यहां की पहचान आवेश खान के नाम से भी बन रही हैं। भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल आवेश ने एक अख़बार को बताया की भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर बहुत मुश्किल भरा रहा। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। कई ईद (Eid) ऐसी निकल गई कि नए कपड़े नहीं होते थे।
Pacer Avesh Khan was bought by LSG for Rs 10 crore, the highest in IPL history for uncapped players.#LucknowIPLTeam #LucknowSuperGiants #Lucknow #aveshkhan pic.twitter.com/3elGG9ruNh
— PressboltNews (@pressboltnews) February 14, 2022
बताया जाता है की आवेश बच्चन में दूसरे बच्चों को ईद पर देखकर अपनी मां से नए कपडे दिलवाने की जिद करते थे। पहले तो माता जी टालती रही, फिर एक दिन उन्होंने क्लियर बोल दिया कि बेटा अपनी स्थिति ऐसी नहीं है कि तुझे नए कपड़े दिला सकें। जब बड़े होकर कुछ करोगे, तो खुद खरीद लेना। तब उनकी बड़ी दीदी जोया स्कूल में बढ़ने का काम करती और दादी को कुछ पेंशन मिलती थी। बस इसी से घर खर्च चल रहा था।
अमय खुरासिया ने आवेश में टेलेंट देखा
बचपन में आवेश खान प्लास्टिक की गेंद से गली में क्रिकेट खेला करते थे। थोड़े बड़े होने पर मैदान में टेनिस से खेलने लगे। गेंदबाजी और फील्डिंग में अच्छा होने के चलते टेनिस क्रिकेट टूर्नामेंट में कई टीमें उन्हें खिलाने लगी। एक दिन मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन के ट्रायल्स आयोजित होने की खबर उन्हें लगी। वहां भाग लेने पर आवेश को पूर्व भारतीय खिलाड़ी अमय खुरासिया (Amay Khurasiya) ने सेलेक्ट किया।
Avesh Khan be like…. 😅 pic.twitter.com/3vEKbC0aum
— Cricbuzz (@cricbuzz) February 12, 2022
आवेश के कोच अमय खुरासिया बताते हैं की ट्रायल्स में करीब 500 बच्चों में सिर्फ आवेश सेलेक्ट हुआ था। तब टोटल 9 में से उसने सिर्फ एक गेंद स्टम्प्स पर फेंकी थी। वह भी फुलटास थी। परन्तु उनका टेलेंट दिखाई दे गया था। तब अमय खुरासिया ने आवेश के पिता को कहा था आपका बेटा एक दिन भारत के लिए खेलेगा। आज वे भारतीय टीम में चुने गए है और IPL में 10 करोड़ रु के खिलाड़ी बने हैं।
आवेश घर से करीब 10 किमी दूर क्लब जाता
आवेश के पिता आशिक खान ने एक हिंदी अख़बार को बताया की आवेश घर से करीब 10 किमी दूर क्लब जाता था। वह साइकिल दिलाने की जिद पर अड़ गया। ऐसे में उसे साइकिल दिलाई गई। वह रोज 20 किमी साइकिल चलाकर जाता और क्रिकेट प्रैक्टिस के बाद थक जाता था।
🔸️इंदौर शहर के आवेश खान को आईपीएल टीम लखनऊ ने 10 करोड़ में खरीदा।
🔸️आवेश खान पिछले आईपीएल में टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे थे।#IPL2022Auction #AveshKhan #IPL@Avesh_6 @BCCI pic.twitter.com/fy13QHEYSh— JD Jansampark Indore (@jdjsindore) February 15, 2022
जब MPCA की अकादमी में चयन हुआ तो वहां खाना और कपड़े मिलने लगे। ऐसे में कुछ राहत मिली। आवेश के पिता बताते हैं, जब मध्य प्रदेश की टीम (Madhya Pradesh Ranji Team) के साथ पहली बार आवेश श्रीलंका गया, तो मेरे दोस्त से मोबाइल मांगकर उसे दिया था। तब आवेश में पास मोबाइल नहीं था। आज कड़े संघर्ष के बाद आवेश ने अपने परिवार की सभी मुश्किलें समाप्त कर दी हैं और देश के साथ साथ इंदौर शहर का भी मान बढ़ाया हैं।



