IAS की नौकरी छोड़ स्टार्ट किया बिजनेस, खड़ी की 14,000 करोड़ की कंपनी, रोमन सैनी की सफलता

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Roman Saini Company
Roman Saini Started business after leaving IAS job, created a company worth 14,000 crores. Young achiever, Roman Saini, IAS officer, Unacademy success mantra.

Photo Credits: Twitter

Gurugram: रोमन सैनी देश के सबसे युवा सिविल सेवकों में से एक हैं, जिन्होंने देश की इस सबसे प्रतिष्ठित नौकरी को छोड़कर UPSC अभ्यर्थियों की हेल्प करने के लिए एक कंपनी खड़ी की, जिसकी वैल्यू आज 14,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। तो चलिए हम आपको बताते हैं उनकी कामयाबी के पीछे किसका हाथ है।

सभी के लिए सफलता (Success) की अपनी अपनी परिभाषाएं होती हैं। कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर तो कोई सरकारी अधिकारी की कुर्सी को अपना जीवन का लक्ष्य मानता है। लेकिन कुछ लोग होते हैं जिनके लिए ये सिर्फ रास्ते होते अपनी मंजिल तक जाने के। ऐसे ही एक युवक हैं, जिनका नाम है रोमन सैनी, वो एक डॉक्टर है, पूर्व IAS अधिकारी भी रह चुके हैं और अब एक सफल।

बड़ी उपलब्धि कम उम्र में हासिल की

रोमन सैनी ने सिर्फ 16 साल की उम्र में ही AIIMS एडमिशन परीक्षा को पास कर लिया, वो इस कामयाबी को हासिल करने वाले देश के सबसे युवा हैं। इतना ही नहीं उन्होंने सिर्फ 18 साल की उम्र में ही इस प्रतिष्ठित पब्लिकेशन के लिए एक रिसर्च Paper भी लिखा।

अपना MBBS पूरा करने के बाद रोमन सैनी (Roman Saini) ने AIIMS के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (NDDTC) में कार्य किया। ये किसी भी युवा के लिए सपने की कहानी हो सकती थी, लेकिन रोमन ने इसे 6 महीने में ही छोड़ दिया और निकल पड़े आगे मंजिल की ओर।

IAS बनने का सफर (IAS Journey)

सिर्फ 22 साल की उम्र में रोमन सैनी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC सिविल सर्विसेज में सफलता हासिल की। उन्होंने IAS बनने की क्यों सोची, इस पर रोमन सैनी (Roman Saini) बताते हैं कि मैं MBBS कर रहा था और हरियाणा (Haryana) के दयालपुर गांव में तैनात था, मैंने वहां देखा कि कैसे लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जी रहे है। तभी मैंने देश की सेवा करने का निर्णय किया। रोमन 22 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के IAS अधिकारियों में से एक थे और उन्हें कलेक्टर के रूप में मध्य प्रदेश में पोस्टिंग की गई।

सबसे बड़ा फैसला

लेकिन उनको अपने जीवन मे कुछ अधूरा से लग रहा था। IAS अधिकारी के तौर पर भी उनकी पारी बहुत समय तक नही चली। उन्होंने इस सरकारी नौकरी को छोड़कर अपने दोस्त गौरव मुंजाल के साथ मिलकर Unacademy नाम की कंपनी की स्थापना की, ये एक प्लेटफॉर्म है, जो हजारों IAS अभ्यर्थियों को UPSC परीक्षा की तैयारी करने में हेल्प करता है।

Unacademy की स्थापना के पीछे विचार ये था कि छात्रों को UPSC कोचिंग के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म दिया जाए, जिसके लिए उन्हें कम पैसे में अच्छा ज्ञान दिया जा सके, इसके लिए उन्हें लाखों रुपये खर्च नही करना पड़े।

सपना हुआ साकार 14,000 करोड़ की कंपनी

जबकि Unacademy का प्रारंभ 2010 में गौरव मुंजाल द्वारा बनाए गए YouTube चैनल के रूप में हुई थी, कंपनी की स्थापना 2015 में मुंजाल, सैनी और उनके तीसरे सह-संस्थापक हेमेश सिंह ने की थी। इन तीनो का आईडिया सफल हुआ और मेहनत रंग लाई।

छह साल बाद, Unacademy 18,000 शिक्षकों के नेटवर्क के साथ भारत के सबसे बड़े शिक्षा प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म्स में से एक मानी जाती है। कंपनी की वैल्यू 2 अरब डॉलर (करीब 14,830 करोड़ रुपये) है। इस प्लेटफॉर्म पर 5 करोड़ से ज्यादा सक्रिय Users हैं।

सफलता का मूलमंत्र (Success Mantra)

रोमन सैनी का मानना ​​है कि सीखना कामयाबी का ओर पहला रास्ता है। किसी चुनौती को लेने से पहले आपको उसके लिए पूरी तैयारी करनी चाहिए। उसकी पूरी रणनीति बनी होनी चाहिये। रोमन के अनुसार लोग जन्म से ही इंटेलिजेंस नहीं होते और हर किसी के पास ज्ञान, हुनार और संस्कार, संस्कृति होती है, जिससे वे अपने लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित करते हैं उसे हासिल कर सकें।

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