
Lucknow: UPSC की परीक्षा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के मुकाबले कठिन एवं कठिन चुनौती से भरी होती है। IAS अधिकारी बनने का सपना रखने वाले अभ्यर्थी बहुत कड़ी मेहनत के बाद ही अपनी मंजिल हासिल कर पाते हैं। हालांकि इस परीक्षा में बैठने वाले हर व्यक्ति को आसानी से कामयाबी हासिल नहीं हो पाती है। लेकिन जो इस परीक्षा को पास करने में सफल हो जाते हैं।
वो देश की आने वाली पीढी के लिए मिसाल बन जाते हैं। यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) में बैठने वाली ऐसी ही एक IAS अधिकारी की कहानी (Story) आपके सामने लेकर आए हैं। जिन्होंने सफलता हासिल कर लोगों को बताया। असफलता से कभी भी हारना नहीं चाहिए, बल्कि ओर मेहनत के साथ तैयारी करनी चाहिए।
आज जिस आईएएस अधिकारी (IAS Officer) के बारे में बात कर रहे हैं। उनका नाम प्रतिभा वर्मा है। प्रतिभा ने यूपीएससी 2019 की परीक्षा पास कर कैसे सफलता (Success) हासिल कर ली। प्रतिभा उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की रहने वाली लड़की है। प्रतिभा की मां का नाम ऊषा वर्मा है। पिता का नाम सुदंश वर्मा है।
इनके माता और पिता दोनों ही शिक्षक हैं। मां एक स्कूल में प्राइमरी टीचर हैं। पिता हायर सेकेंड्री स्कूल में पढ़ाते हैं। प्रतिभा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई सुल्तानपुर से ही पूरी की। शुरुआत से ही पढ़ाई लिखाई में अच्छा होने के कारण उन्हें सफलता मिल गई। शुरुआती पढ़ाई के दौरान उन्होंने आईआईटी की तैयारी शुरु कर दी।
जिसके बाद दिल्ली आईआईटी में इनका सिलेक्शन हो गया। प्रतिभा ने दिल्ली आईआईटी से अपनी बीटेक की पढ़ाई पूरी की। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में 2 साल तक नौकरी की। नौकरी के दौरान प्रतिभा एक महिला सशक्तिकरण की संस्था से भी जुड़ गई।
Pratibha Verma, The Knowledge Angel of 2020.
Feeling proud to greet IAS Topper Pratibha and her Parents pic.twitter.com/tYgwfYHQVm— Addl SP Gonda (@shivrajspup) August 13, 2020
इस संस्था में काम करने के बाद प्रतिभा को एहसास हुआ कि उन्हें इस क्षेत्र में अपना करियर ओर आगे बनाना चाहिए। सपनों को पूरा करने के लिए वो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में पूरे मन से जुट गई। साल 2017 में प्रतिभा ने पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया। लेकिन इसमें उन्हें असफलता ही हासिल हुई। इस परीक्षा के लिए उनकी तैयारी अच्छी ना होने के कारण वो यूपीएससी परीक्षा पास नहीं कर पाईं।
दूसरे प्रयास में उन्होंने 489वीं रैंक हासिल कर यूपीएससी परीक्षा क्लियर कर ली। इस रैंक को हासिल कर उन्हें आईआरएस अधिकारी के तौर पर सेवा देने का मौका मिला। जिसके बाद वो (Pratibha Verma) नागपुर में आयकर आयुक्त के रूप में काम करने लगी। प्रतिभा आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी। लेकिन कम रैंक के कारण उन्हें आईआरएस का पद ही मिल पाया। जिस कारण उनका आईएएस बनने का सपना पूरा नहीं हुआ।
आईएएस अधिकारी का सपना लेकर प्रतिभा ने साल 2018 में फिर से तैयारी करने का विचार किय। उन्होंने फिर से दोगुनी मेहनत के साथ पढ़ाई शुरू कर दी। हालांकि इसबार उनको यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना इतना आसान नहीं था। वो तैयारी के दौरान कई बार बीमार हो गईं। सबसे पहले तो उन्हें डेंगू हो था।
Team🇮🇳 @iaspoint1 🇮🇳#GoodMorningTwitterWorld #morningmotivation #iaspoint2 #IASpoint #IAS #ips.
❣Pratibha Verma I.A.S Mam ❣ pic.twitter.com/hkadrI4Pkc— I.A.S. POINT (@iaspoint1) December 12, 2020
जब प्रतिभा (Pratibha Verma) डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से बाहर ही पाई थी। उन्हें टायफायड ने अपनी चपेट में ले लिया। इतनी मुश्किल के बाद कोई भी हार मान जाए, लेकिन प्रतिभा में हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तैयारी की रणनीति बदलकर फिर से प्रयास किया। उन्हें इस बार सफलता मिल गई।
उन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षा में साल 2019 में तीसरी रैंक हासिल हुई। इस रैंक के साथ उन्हें आईएएस अधिकारी का पद मिल गया। यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए प्रतिभा का सुझाव है कि परीक्षा में मिल रही सफलता से घबराना नहीं चाहिए। अच्छी रणनीति के साथ तैयारी करने पर यूपीएससी की परीक्षा में सफलता अवश्य मिलेगी।
TopperTip#43
Here are some highly valuable suggestions from the topper topper Ms. Pratibha Verma, AIR 3, UPSC CSE 2019 in the latest #TopperTip on sailing through the prelims exam.#upsctoppersonprelims #visionias #toppertip pic.twitter.com/fsV5HjUpnx— Vision IAS (@Vision_IAS) August 17, 2021
इसके साथ ही प्रतिभा (Pratibha Verma) का कहना है कि यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मानसिक रूप से बेहद मजबूत रहने की जरूरत होती है। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि अभ्यर्थी परीक्षा में मिली असफलता को स्वीकार नहीं कर पाते हैं और जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।



