अब हरे की जगह लाल पत्ता गोभी की खेती में ज्यादा कमाई, किसान हुआ मालामाल, यह फायदे भी

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Red Cabbage Farming
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File Photo

Bhopal: आप अक्सर पत्ता गोभी की सब्ज़ी कहते होंगे। अगर नहीं कहते हैं, तो आपने पत्ता गोभी फ्राइड राइस और चौमीन में तो जरूर खाई होगी। किसी भी सब्ज़ी या फ़ास्ट फ़ूड में स्वाद और क्वांटिटी बढ़ाने के लिए पत्ता गोभी (Cabbage) का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो पत्ता गोभी का रंग हरा होता है। परन्तु एक अन्न पत्ता गोभी भी खाई जाती है, जो लाल रंग (Red Colour) की होती है।

आपने कभी लाल पत्ता गोभी (Red Cabbage) खाई या उनकी खेती के बारे में सुना है, अगर नहीं तो आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं। लाल पत्ता गोभी बड़े-बड़े शहरों में शादी-पार्टी और अन्य अवसरों में सलाद के रूप में देखने को मिलती है। अभी आपको लाल पत्ता गोभी के बारे में खास जानकारी दी जा रही है, जिससे आप अच्छी कमाई कर सकते हैं।

लाल पत्ता गोभी की खेती के लिए जरुरी बातें

लाल पत्ता गोभी की खेती (Red Cabbage Farming) के लिए हल्की दोमट मिट्टी सबसे उत्तम मानी जाती है। इसकी खेती चिकनी मिट्टी में भी संभव हो जाती है। इस खेती के लिए खेत की ज़मीन का PH 6.0 से 7.0 के बीच होता है, तो अच्छी फसल होती है। लाल पत्ता गोभी की खेती के लिए हल्की ठंड का समय उत्तम समझा जाता है। ध्यान रहे की ज्यादा तापमान में इसके ऊपरी भाग का विकास अच्छे से नहीं हो पाता। इसके लिए तापमान 20 से 30 डिग्री के बीच होना चाहिए।

लाल पत्ता गोभी की खेती (Lal Patta Gobhi ki Kheti) में सबसे जरुरी है की खेती से पहले मिट्टी की जुताई 3 से 4 बार करनी चाहिए। खेत में 8 से 10 दिन के अंतराल से जुताई करें, जिससे की खेत में पहली फसलों के अवशेष, घास-फूस और कीट पूरी तरह से ख़त्म हो सके। ​इसकी बुवाई सितंबर से मध्य नवंबर के बीच या मध्य जनवरी से फरवरी के बीच कर सकते हैं।

गोबर की खाद मिलाना उत्तम रहता है

खेत की जुताई के वक़्त 10-12 टन प्रति हेक्टेयर सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाना बहुत अच्छा होता है। इसके अलावा 60 किलो नाइट्रोजन, 40 किलो फॉस्फोरस और 40 किलो पोटाश प्रति हेक्टेयर को ध्यान में रखते हुए दे सकते है। फिर परफेक्ट अंतर देकर क्यारियां बनायें। इसके पौधे के बीच 30 से 35 सेंटीमीटर का डेफरेन्स होना जरुरी है।

इसके बाद ठीक मात्रा में थोड़ी थोड़ी सिंचाई करनी चाहिए, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है। इसके बाद 12 से 15 दिन के अंतराल में जरुरत की हिसाब से सिंचाई करनी चाहिए। इसका पौधा 20 से 25 दिन में तैयार हो जाता है। पूरी तरह से बड़ा हो जाने पर कटाई कर सकते हैं।

सब्ज़ी मार्किट में अच्छी डिमांड रहती है

लाल पत्ता गोभी (Laal Patta Gobhi) की खेती से आप बहुत मुनाफा कमा सकते है। हरी पत्ता गोभी की बाज़ार में कीमत 800 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल रहती हैं। इसकी बाज़ार में कीमत 3000 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल तक बताई जाती है। लाल पत्ता गोभी को खासकर बड़े सब्ज़ी मार्किट, मॉल्स, बड़े स्टोर्स के अलावा ऑनलाइन भी बेचा जाता है।

लाल पत्ता गोभी की के दो प्रकार बताये जाते हैं। रेड-रैक किस्म (Red-Rack) का वजन 50 से 300 ग्राम के आसपास होता है और दूसरी किस्म रेड-ड्रम हेड (Red Drum Head) आकार में काफी बड़ी और अन्दर से गहरी लाल होती है। इसका कुल वजन 500 ग्राम से 1.5 किग्रा के बीच रहता है। दोनों किस्म की भारी डिमांड बनी रहती हैं। उत्तर भारत के ठन्डे स्थानों में किसान इस लाल पप्पा गोभी की खेती करके इस बाज़ार में अच्चे दामों पर बेच कर लाभों रुपया बना रहे हैं।

इस लाल पत्ता गोभी के बहुत फ़ायदे हैं (Red Cabbage Benefits)

लाल पत्ता गोभी खाने में स्वादिष्ट होती हैं और किसी भी फ़ास्ट फ़ूड में इसको मिलाया जा सटका है। इसे सवाद ले तौर पर भी इस्तेमाल करते है। इसमें विटामिन-c, विटामिन-A, विटामिन-E, विटामिन-K, आयरन, कैल्सियम, मैग्नीशियम, मेग्नेसियम, पोटैशियम, और फाइबर की मात्रा बहुतायत में होती है। ये कैंसर, कुपोषण और मस्तिष्क रोग जैसी घातक समस्याओं में फायदा पहुंचाती है।

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