
Raipur: आज के इस युग में हर व्यक्ति नौकरी के पीछे भागता है। उन्हें लगता है कि इससे उनको काम कम एवं पैसा ज्यादा मिलेगा। पर लोग ये नहीं जानते कि नौकरी से ज्यादा कमाई आज कोई व्यवसाय या खेती करने में होती है। लेकिन आज के समय में कुछ लोग अपना ध्यान नौकरी को छोड़कर खेती करने में लगा रहे हैं। जिससे उनको अधिक मुनाफा मिले। आज लोग खेती को एक व्यवसाय के रूप में ज्यादा कर रहें है।
एक व्यक्ति जो ज्यादा आमदनी के लिए कर रहे, शिमला मिर्च की खेती
आज कल के सभी किसान जो भी खेती (Farming) करना चाहते है। वह खेती को एक व्यवसाय के तरीके से करना चाहते हैं। क्योंकि वह चाहते हैं की इससे उनको आमदनी अच्छी मिले। इसलिए वह अपनी पारंपरिक पुरानी खेती को छोड़ कर कुछ नए तरीके की खेती करना चाहते है।
आज हम आपको ऐसे एक किसान की कहानी बताने जा रहे है, जो कि शिमला मिर्च की खेती (Capsicum Farming) करते हैं। वह किसान शिमला मिर्च की खेती करके इतनी आमदनी कमाने लगे है कि उन्हे 10 लाख हर महीने का मुनाफा होने लगा है।
शिमला मिर्च मे होते हैं विभिन्न गुण
शिमला मिर्च एक ऐसी सब्जी है, जो कि सभी सब्जियों से अलग है। इसे लोग बहुत ही अलग अलग स्वाद से खाते है। यह सब्जी जो कि सभी प्रकार के डिश जैसे इटेलियन, इंडियन तथा अन्य डिश में अच्छी तरह शामिल होकर बन जाती हैं। शिमला मिर्च की अपने स्वाद के हिसाब से सब्जी बनाकर भी तथा सलाद बनाकर भी खा सकते हैं। इस सब्जी में अनेक विटामिन जैसे बीटा कैरोटिन, विटामिन सी और विटामिन ए होते है।
15 एकड़ जमीन में शिमला की खेती से लोगों को मिल रहा रोजगार
हम यह कहानी बताने जा रहे हैं राज्य छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के एक किसान की जिनका नाम कार्तिक (Kartik) है। जो कि जांजगीर चाम्पा के मालखरौदा ब्लाक के एक बहुत ही परिपूर्ण किसान हैं, एवं यह ग्राम खिजली के सरपंच भी हैं।

यह किसान इस वक्त शिमला मिर्च की खेती अपनी पूरी 15 एकड़ जमीन में कर रहें हैं। जिससे उनको इस खेती में अन्य खेती से ज्यादा फायदा हो रहा है। इस खेती से उन्हे लाखो की कमाई भी हो चुकी है। उनकी इस आधुनिक खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि एक दिन में कार्तिक के खेत मे लगभग 8 से 10 किवंटल मिर्च का उत्पादन हो रहा है।
जिससे झारखंड एवं बिहार राज्य के दूर-दूर के थोक व्यापरी इस शिमला मिर्च को लेने के लिए आ रहें है। जिससे थोक में इस मिर्च की कीमत 35 से 40 रुपए प्रति किलो कार्तिक को मिल रही हैं। सबसे बड़ी बात इस खेती की यह है कि इस खेती से कई सब्जी व्यापारी एवं अन्य लोगो को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।
शिमला मिर्च की खेती की हुई अच्छी पैदावार
यहां कार्तिक बताते हुए कहते है कि उन्होने शिमला मिर्च की इस खेती को शुरू करने के लिए जमीन का 15 एकड़ भाग किराए पर लिया था। इस खेती के लिए उन्होने दुर्ग की नर्सरी से शिमला मिर्च के छोटे छोटे नन्हें पौधे 10 रुपए प्रति नग से खरीदे थे।

हम आपको बता दे की कार्तिक जी ने शिमला मिर्च की खेती (Shimla Mirchi Farming) सितंबर माह में लगाएं। फसल का उत्पादन दिसंबर माह के शुरुवात से ही होने लगा। इस फसल का उत्पादन बहुत अधिक मात्रा में होता है।
आपको बता दे इस शिमला मिर्च की इस खेती में सितंबर से लेकर दिसंबर तक की पूरी प्रकिया में कम से कम 6 से 7 बार मिर्च को तोड़ लिया जाता है। इस 15 एकड़ की जमीन के भाग से एक बार की तोड़ाई में इस मिर्च की पैदावार लगभग 8 से 10 किवंटल की होती हैं।
कार्तिक ने यह खेती करने के लिए नही ली सरकार से कोई मदद
कार्तिक अपनी इस मिर्च की खेती के विषय मे यह बताते है कि उन्हे हर महीने 10 लाख रुपए की कमाई इससे हो रही हैं। जिससे वह शिमला मिर्च की खेती में मिर्ची के छोटे पौधे, खाद और मजदूरी में उनकी आमदनी का कुछ एक तिहाई भाग लगभग 3से 4 लाख रुपए खर्च करते है।

कार्तिक ने कम से कम 10 या इनसे ज्यादा मजदूरो को अपनी इस खेती में काम करने के लिए रखा हुआ है। वह यह बताते हुए कहते है कि उनके मन में यह खेती करने का ख्याल छत्तीसगढ़ राज्य के एक जिले दुर्ग में हो रही शिमला मिर्ची की खेती को देखकर एवं वहां के उत्तेजित लोगो को देखकर हुआ। हम आपको बता दे की कार्तिक ने यह खेती को करने के लिए अभी तक सरकार से किसी प्रकार की मदद नहीं ली है।



