
Delhi: भारत में सोने को संपत्ति का दर्जा दिया गया है। बहुत से लोग सोने को जमा करके रखते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में आर्थिक रूप से मदद मिल सके। साथ ही भारत की महिला वर्ग सोने से बने आभूषणों को काफी ज्यादा पसंद करती हैं।
कुछ समय पहले सोने और चांदी दोनों का मूल्य में काफी ज्यादा इजाफा हुआ। जिसके चलते लोगो का सोना चांदी लेना काफी मुश्किल हो गया था। परंतु अब एक बार फिर सोना चांदी के मूल्यों में गिरावट देखी गई है। यदि आप भी सोना चांदी खरीदने की सोच रहे थे, तो इससे अच्छा मौका आपके लिए नहीं हो सकता इसलिए देर ना करें।
आपको बता दें सोने की वर्तमान कीमत 51,500 रुपया प्रति 10 ग्राम थी। परंतु बुधवार की शाम सोने के मूल्य में 0.15 प्रतिशत की गिरावट आई जिससे सोने के प्रति 10 ग्राम का मूल्य 51,350 Ru हो गई। साथ ही चांदी में भी काफी ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

एम सी एक्स की कीमत से 301 Ru प्रति किलोग्राम चांदी में गिरावट आई। आपको बता दें यह चांदी 5 सितंबर को डिलीवर होने वाली थी जिसका मूल्य गिरने के बाद वर्तमान में 54901 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई।
सस्ता सोना सॉवरेन गोल्ड बांड की किस्त पर
गोल्ड मोनेटाइजेशन योजना के अंतर्गत चलाई जा रही सॉवरेन गोल्ड बांड किस्त योजना में दूसरी किस्त इस समय सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन की गई है और एसजीबी योजना का दूसरी श्रंखला दिनांक 22 अगस्त को खोली गई थी जो 26 अगस्त तक खुला रह सकता है।
इस सीरीज का इश्यू प्राइस 5,197 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। यदि निवेशकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा और साथ ही पेमेंट भी तो आरबीआई की तरफ से उन्हें 50 Ru प्रति ग्राम पर छूट मिलेगी।
जाने सॉवरेन गोल्ड बांड के बारे में
सोना धातु के निवेशकों को लाभ देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गोल्ड मोनेटाइजेशन योजना के अंतर्गत सॉवरेन गोल्ड बांड योजना को आरंभ किया गया। इस स्कीम के अंतर्गत निवेशक यदि अपना पैसा गोल्ड में इन्वेस्ट करते हैं, तो उन्हें काफी ज्यादा लाभ होगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की इंस्टॉलमेंट एक निश्चित समय पर और निश्चित अवधि के लिए खोली जाती है।
इस योजना के मुद्दों को आरबीआई भारत सरकार के द्वारा दिए गए सुझाव पर अलग अलग चरणों में सब्सक्रिप्शन के लिए खोली जाती है। इसके साथ ही आरबीआई अपने द्वारा बनाई गई, इस योजना के नियमों और शर्तों को निश्चित समय पर नोटिफाई करते रहता है।
कहां से और कितना खरीदा जा सकता है सोना?
अब आपके मन में होगा की हम गोल्ड को कहा से और किस तरह खरीद सकते है तो आपको बता दें की
गोल्ड बांड बैंकों द्वारा छोटे वित्त बैंकों और भुगतान बैंकों के अलावा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बीएसई के द्वारा आप सोना खरीद सकते है।
अब बात करते है मात्रा की तो आपको बता दें RBI ने ट्रस्ट और विश्वविद्यालयों के लिए अधिकतम मात्रा 20 किलोग्राम निश्चित की है। इंडिविजुअल्स और एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम। भारत का निवासी और हिंदू अविभाजित परिवार, ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और धार्मिक संस्थान सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में निवेश करने के पात्र है।
मैच्योरिटी की अवधि और ब्याज की दर
गोल्ड बॉन्ड में मैच्योरिटी की समय सीमा 8 वर्ष निश्चित की गई है। मैच्योरिटी की अवधि पूरी होते ही ग्राहक को प्राप्त होने वाला लाभ पूरी तरह टैक्स से मुक्त होता है। इस योजना के तहत निवेशकों को 2.50 ब्याज की दर पर लगा प्राप्त होता है।
ब्याज की प्राप्त धनराशि को बैंक खाते में छह माही के आधार पर ट्रांसफर किया जाता है इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के अनुसार यह ब्याज टेक्सयुक्त होता है, जिसकी गणना लाभार्थी के अन्य इनकम सोर्स से की जाती है।




