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Dhamdaha: हर किसान वही खेती करना चाहता है, जिसमे उसे अधिक मुनाफा हो, ऐसे में हम आपके एक उदाहरण लेकर आये हैं। सब्जियों की खेती में सबसे अधिक लाभ दे रही खीरे की खेती (Cucumber Cultivation)। इस खेती से किसान एक एकड़ में 75 से 80 हजार रुपये बड़ी आसानी से मुनाफा बना सकते हैं। खीरे के उन्नत किस्म के बीज बोकर अच्छी किस्म के खीरे की पैदावर कर सकते है।
बाजार में खीरे की अधिक मांग रहने के कारण खीरे की खेती (Kheere Ki Kheti) किसान के लिए बहुत ही मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। खीरे का उपयोग खाने के साथ सलाद के रूप में भी किया जाता है। पूर्णिया जिले के किसान भाई अपनी दिमाग का उपयोग करके कषि को दिन प्रतिदिन आसमान की बुलंदियों पर ले जा रहे हैं।
किसानों ने बातचीत के दौरान बताया कि इस वर्ष उनकी द्वारा किये गये खेती से जो लाभ हुआ है, अगर ऐसा ही लाभ हर वर्ष होता रहा, तो वे अपने बच्चों को भविष्य में ऐसी छोटी सी नोकरी से नही गुजारने देगा। जहाँ इस समय किसान अपने बेटे को किसान नही बनाना चाहता।
इस जिले में ऐसे बहुत ही किसान हैं, जो अपने सक्सेस की नई ऊचाई को छू रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक के्द्र की मुखिया डा सीमा कुमारी का कहना है कि वर्तमान समय बहुत ही बदल चुका हैं और खेती के आधुनिक तकनीक इस वैज्ञानिक युग में आ चुके है।
धमदाहा (Dhamdaha, Bihar) के निवासरत किसान सुधीर कुमार मिश्रा का कथन है कि केला और मक्का की कृषि को त्यागने के पश्चात वे हालिया समय में खीरा की ही खेती (Cucumber Farming) कर रहे हैं। एक एकड की भूमि में कृषि करने के पश्चात उन्हें तीन लाख रूपयें का मुनाफा हो रहा हैं।
मिश्रा का कहना है कि वे 7 वर्ष तक केले की कृषि कन्टीन्यू करते रहे और फिर उनकी फसल को पनामा बिल्ट नाम का बीमारी ने बहुत ही हानि पहुचायी। जिसके बाद वे केले की खेती को छोड़कर, मक्का की खेती करना चाहा और इस फसल में भी लाभ बहुत कम था और मुसीबत अधिक थी। उनका मानना है की आज के समय के अनुरूप किसानो को चलने की अवाश्यकता हैं।
3 महीने के पश्चात फल हासिल होता हैं
किसान सुधीर कुमार मिश्रा का कहना है कि, खीरे की खेती करने के पश्चात उन्हे 3 महीने के पश्चात ही फल की प्राप्ति होने लगती है। उसके पश्चात अगले तीन माह तक फल प्राप्त किया जा सकता हैं। इस प्रकार से कुल 6 माह की कृषि की जाती हैं।
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— Pushpendra Kumar (@143_pushpendra) August 8, 2021
आगे उनका कहना है कि खीरा की फसल के बाद वे करेले की कृषि करेगे, खेत नई फसल के लिए रेडी है, सिर्फ उन्हें पौधा को रोपने की जरूरत हैं। सब्जी की खेती से फायदे के बाद सुधीर कुछ जमीन को किराये पर भी लेने की सोच रहे है। उनका कहना है कि कुछ खेत लीज पर लेने के बाद उसमे वे विभिन्न प्रकार के सब्जियों की खेती करेगे।
सब्जी की खेती आज के समय के मुताबिक बहुत ही लाभदायक है।
किसान मिश्रा का कहना है कि केला और मक्का की फसल के ठीक विपरीत खीरा की खेती में परिश्रम कम और लाभ ज्यादा होता हैं। पहले वर्ष में वे 1 एकड़ की खेती में खीरा लगाए थेे और 80000 से 90000 का खर्चा हुआ था।

खीरा का विक्रय था चार लाख का और लाभ तीन लाख रूपये से कही ज्यादा हुंआ किसानो का कहना है कि इस वर्ष भी 1 एकड़ में खीरा बोए हैं। आरम्भ में तो वह 3000 से 3500 प्रति क्विंटल का ही विक्रय होता था, लेकिन आज की स्थिति में वह 15 रूपये क्विटल विक्रय हो रहा हैं।
इस समय करे खेरे की खेती
कृषि वैज्ञानिकों से मिली जानकारी के मुताबिक खुले वातावरण में इसकी खेती फरवरी-मार्च से लेकर सितंबर तक की जा सकती है। खीरे में फूल आने का समय 13 से 18 दिनों का होता है। इसके लिए 13 से 18 डिग्री सेल्सियस तापमान सही होता है।
खीरे की खेती सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है। खीरे की अगेती फसल के लिए बलुई या बलुई-दोमट मिट्टी अच्छी मानी जाती है। लेकिन अधिक उपज के लिए जीवांश युक्त दोमट मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। #CucumberFarming #KrishiHelp pic.twitter.com/aKK0FoJOxs
— Krishi Help (@KrishiHelp) April 2, 2019
वहीं पौधों के विकास और अच्छी पैदावार के लिए 18 से 24 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। खीरे की फसल पर कोहरे का असर हानिकारक होता है। इसके अलावा अधिक नमी में इसके फल पर धब्बे पड़ने लगते हैं। पॉली हाउस में खीरे की खेती सालभर की जा सकती है।



