
Mumbai: आज के वक़्त में ऐसा कौन है, जो धनवान नहीं बनना चाहता हो, पैसा कमाना तो हर किसी की चाह रहती है और उसके लिए सभी कड़ी मेहनत भी करते हैं। लेकिन कई बार जितना हम नोकरी से कमाते हैं उतने पैसे में हमारी जरूरतें पूरी हो पाना सम्भव नही हो पाता।
एक खेती करने वाले किसान का बेटा आज अपने शौक के द्वारा सालाना लाखों रुपए की कमाई कर रहा है। पैसे कमाने का जुनून होना चाहिए। किसी भी काम को करने में अगर आपकी सच्ची लगन है, तो उसको पूरा होने से कोई नही रोक सकता।
महाराष्ट्र में स्थित कोल्हापुर से ताल्लुक रखने वाले युवराज पाटिल (Yuvraj Patil) का मन हमेशा पेंटिंग में ही लगता था, परंतु उन्हें अपने इस कौशल के जरिए पैसे कैसे कमाने हैं, उन्हें यह समझने में काफी वक्त लग गया। उनको समझ नही आ रहा था कि अपने शौक को कैसे कमाई का साधन बनाया जाये।
युवराज की हमेशा से ही पेंटिंग हॉबी रही है
वर्ष 1981 में कोल्हापुर के पंचगांव, गांव में जन्म लेने वाले युवराज हमेशा से ही पेंटिंग (Painting) में ही रुचि रखते थे। पेंटिग में ही उनका मन लगता था। वे पेंटिग की ओर काफी आकर्षित थे। कई प्रकार की कला, पाठ्यक्रम और डिग्रियों के साथ अपनी पढ़ाई पूर्ण करने के बाद उन्होंने छात्रों को पढ़ाने का मन बनाया।
उस दौरान उन्हें बहुत कम सैलरी मिलती थी और वे अपने इस वेतन से संतुष्ट नहीं थे। इससे जितना पैसा मिल रहा था, उसमें उन्हें अपना करियर अच्छा नहीं देख रहा था। आखिर उनका मन को चित्रकारी में ही था।
उन्हें अपनी पहली बिकी पेंटिंग के 25000 रुपये मिले
आखिरकार वो दिन भी आ गया, जब वर्ष 2007 में उनकी एक स्नातक कला पेंटिंग को आर्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के द्वारा चुन लिया गया और बाद में उसको 25000 रुपये में बेचा गया। जब उनकी आर्ट पेंटिंग इतनी महंगी कीमत पर बिकी, तो इससे उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ गया। उनके अंदर अच्छा खासा कॉन्फिडेंस उत्पन्न हो गया कि वो अपने कला के जरिये भी पैसा कमा सकते है।
कई पुरुष्कारो से नवाजा गया
युवराज ने अपने शौक को सबके सामने रखने के लिए तेजी से प्रयास प्रारम्भ कर दिये। समय की रफ्तार के साथ युवराज ने अपनी कला को और बेहतर बनाने के लिए काम शुरू कर दिया और इसी समय उन्होंने मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य शहरों में कला गैलरी मैं जाकर अन्य लोगों से संपर्क किया। युवराज के द्वारा बनाई गई कला को मुंबई, बेंगलुरु और अन्य शहरों के आर्ट गैलरी के माध्यम से बेचना स्टार्ट हो गया था।

जानकारो से मिली सूचना के आधार पर युवराज ने 200 से ज्यादा पेंटिंग बनाई है और उनके द्वारा बनाई गई पेंटिंग को दुबई में भी दिखाया गया है और इसी के साथ उन्हें विदेशों में भी बेचा जा चुका है। इससे उन्हें लाखों रुपये की कमाई हुई है। युवराज ने कैमलिन आर्ट फाउंडेशन, गुलबर्ग अकादमी पुरस्कार और आईसीएसी आर्ट गैलरी सहित अन्य संस्थानों के माध्यम से भी कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।
अपने काम को सफल बनाने के लिए बड़े शहर का रुख किया
इस समय के दौरान सभी लोगों ने उन्हें यह समझाया कि अगर उन्हें बतौर आर्टिस्ट आगे सफल होना है, तो इसके लिए बड़े बड़े शहरों की ओर रुख करना होगा, जंहा उनकी कला को पहचान मिल सके। सबसे पहले उन्होंने मुंबई की तरफ रुख करना चाहिए। युवराज वर्ष 2008 में मुंबई पहुंच गए और इस समय के दौरान उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति ने ही उस शहर में कार्य करने और सफल होने में मदद की।
#Painting by #artist Yuvraj Patil #Art #watercolor #horse #illustration #canvas pic.twitter.com/7WMWksT4pm
— jehangir art gallery (@JehangirArt) June 6, 2017
उन्होंने अपने हौसले को मजबूत बनाये रखा। उन्हें राह में ठोकर तो बहुत मिली, लेकिन हौसला नही कम होने दिया। उसी हौसले के दम पर आज उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन कर पैसे कमाना शुरू कर दिए। लोगो को उनकी पेंटिंग्स बहुत पसंद आ रही थी।
अब 10 लाख रुपये की सालाना इनकम
हमारे एक सहकर्मी से बात करते हुए युवराज ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई आर्ट हर वर्ष मिनिमम 10,00000 रुपए की कमाई (10 Lac Ru Income) करने लगी हैं, वर्ष 2007 के बाद से बिना पीछे मुड़े हर वर्ष लगातार तेजी से आगे बढ़ते हुए सफलता (Success) की चोटी को छूने वाले युवराज के लिए इस सफर में उनके द्वारा अथक परिश्रम का सबसे बड़ा योगदान है। उनके जुनून ने उनको सफलता की सीढ़ी पर चढ़ा दिया।
Beautiful painting by #artist Yuvraj Patil
Depicting beautiful moment of #love – Waitinghttps://t.co/YeFqVdKlBI pic.twitter.com/di2kzd2rer— Indian Art Ideas (@Indianartideas) October 31, 2015
आज के समय में भी युवराज दिन में कम से कम 4 से 5 घंटे काम बेहतर बनाने के लिए समय बिताते हैं और इसी के साथ वे अपने कार्य को दिखाने के लिए नई-नई आर्ट गैलरी (Art Gallery) को खोजने में लगे रहते हैं, युवराज को अपनी एक आर्ट वर्क या पेंटिंग को पूरा करने के लिए 1 हफ्ते से 1 महीने तक का समय भी लग जाता है। एक पेंटिंग को बनाने में मन में क्रिएटिविटी भी लानी होती है।



