इस हिन्दू स्थल पर माइक से जाप बंद करो, इस राज्य के विशेष बहुल इलाके में शर्मनाक हरकत: FIR

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Kerala Hindu Aashram Incident
Another secular incident in Kerala: At Sree Krishnananda Ashram is in Thrissur Kerala, 2 young man came and said not to use loud speaker for chantings. Daily Japa carried in Periambalam Shri Krishnanda Ashram regularly for past 5 years.

Demo Image Credits: Twitter

Thrissur/Kerala: आजकल साउथ इंडिया में भी हिन्दू धार्मिक स्थल और साधुओं के खिलाफ घटनाये सुनने को मिल रही है। अभी हाल ही में केरल के त्रिशूर के कृष्णानंद आश्रम ने वडक्कड़ पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज करवाया था। इस मामले की खबर सोशल मीडिया में आते ही लोगो ने बहुत ही नाराजगी ज़ाहिर की है। अब इस घटना पर पुलिस में भी शिकायत कर दी गई है।

आपको बता दें की हिंदू आश्रम द्वारा दर्ज़ करवाई गई शिकायत के मुताबिक़, एक बाइक पर 2 कथित मुस्लिम युवक केरल के त्रिशूर के पेरियामबलम कृष्णानंद आश्रम (Periambalam Krishnananda Ashram Thrissur Kerala) में पंहुचे और वहां उपस्थित भक्तों और साधुओं को वार्निंग दी कि अब वो बिना माइक के ही इस विदेश कौम वाले बाहुल्य इलाके में पूजा पाठ करें। उस युवकों ने आश्रम में आये भक्तों को वार्निंग दी कि अगर माइक के साथ जाप किया तो लेने के देने पड़ जायेंगे।

आश्रम के महासचिव स्वामी साधु कृष्णानंद सरस्वती ने पुलिस में की शिकायत

मीडिया और सोशल मीडिया में आई खबर के मुताबिक़ आश्रम के महासचिव स्वामी साधु कृष्णानंद सरस्वती ने पुलिस में दर्ज़ अपनी शिकायत में बताया है कि आश्रम के आस-पास का गांव धार्मिक सौहार्द और शांति प्रिय है और कुछ लोग धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। स्वामी साधु कृष्णानंद सरस्वती ने वडक्कड़ पुलिस से एक लिखित शिकायत सौपी है। इसमें बताया गया है की कृष्णानंद आश्रम में एक बाइक पर 2 लड़के आए और हमें जाप रोकने के लिए कहा और माइक के बिना जाप करने को कह। उन्होंने कहा कि यह उनकी कौम का बहुल इलाका है इसलिए माइक का इस्तेमाल बंद करो।

साधु द्वारा बताया गया की “कुछ लोग इस प्रकार से धार्मिक सौहार्द और शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। जिस युवक ने यह वार्निंग दी, उससे जब उसका नाम पूछा, तो नाम बताने से उसने इंकार कर दिया। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया हमारी मदद करें, ताकि इस तरह की घटनाएं ना हो सके।” इस घटना से भक्त और साधु चिंता में पढ़ गए हैं।

केरल में इस तरह की घटनाये बहुत बढ़ गई है

आपको बता दें की 1-2 वर्ष से केरल में इस तरह की घटनाये बहुत बढ़ गई है। आपको बता दें की केरल के कुछ कौमी युवकों में कट्टरपन्ति ज्यादा ही बढ़ गई है। केरल के कुछ कट्टरपंथी लड़के सीरिया में जाने ईसिस में भर्ती भी हुए है। केरल का कासरगोड तो इसने लिए विख्यात है।

आपको बता दें की कट्टरपन्ति संगठन पीएफआई भी केरल से ही ऑपरेट होता है। इस PFI संगठन और उसके लोगों के नाम हाल ही में हुई दिल्ली की घटनाओं और नागरिकता कानून CAA के वीटोध में किये प्रोटेस्ट की फंडिंग में आया था। केरला में आज के समय में कौमी तकते हावी है और अभी वहां की वामपंथी सरकार के संरक्षण में फल फूल रही है।

अभी हाल ही में केरल सरकार का एक कृत्य प्रकाश में आया था। केरल में हिन्दुओ के मंदिर के धन को एक तरह से हड़पा गया। आपको जानकारी हो की हिन्दू धार्मिक स्थल के अलावा किसी अन्न धर्म के स्थल से 1 रुपये भी नहीं लिया गया, किन्तु केरल की सरकार ने एक हिन्दू मंदिर के 5 करोड़ रुपया हड़प लिए। आपको बता दें की वामपंथी और गौ भक्षक केरल सरकारों ने सभी हिन्दू मंदिरों को अपने कण्ट्रोल में ले लिया है और मंदिरों के लिए अलग-अलग बोर्ड बना रखेलिए है और उस बोर्ड में हिन्दुओ को नहीं, अपितु अपने खास लोगो को आसीन कर दिया है।

केरल की सरकार ने यहाँ के विश्व विख्यात गुरुवायुर मंदिर के लिए भी एक बोर्ड बना दिया और सर्कार के बनाये बोर्ड ने गुरुवायुर मंदिर को हिन्दू भक्तो द्वारा दान में दिए 5 करोड़ रु केरल की वामपंथी सरकार को पलटा दिए। हिन्दुओ ने मंदिर के धार्मिक कार्यो और जीर्णोद्धार के लिए डोनेशन दिया था और सरकार के बोर्ड ने रुपयों को फिक्स्ड डिपाजिट में जमा कर दिया था, अब उसी से 5 करोड़ रुपए सरकार को भिजवा दिए गए।

अब सोशल मीडिया पर लोग आरोप लगा रहे हैं की केरल की सरकार ने हिन्दुओ के मंदिर का पैसा कोरोना के नाम पर हड़प लिया है। वही दूसरी तरफ किसी भी चर्च या मस्जिद से 1 पैसा भी नहीं लिया गया है। हिन्दू भक्त सवाल कर रहे हैं की हिन्दू मंदिर का धन किसी खैरात से है क्या केरल सरकार। ऐसा ही एक केस तमिलनाडु से भी आया है।

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